
वारसा। हम भारतीय हमेशा यही दुखड़ा रोते रहते हैं कि हमारे देश में चारों ओर कामचोरी फैली है। लेकिन मजे की बात यह है कि कामचोर केवल भारत में ही नहीं पाए जाते बल्कि पूरी दुनिया कामचोरों से भरी पड़ी है।
कामचोरी का ही एक नमूना पोलैंड के उत्तरपूर्वी भाग के जेडजिनी में देखने को मिला। यहां एक ऐसा लेटर बाक्स पाया गया है जिसे पिछले पांच सालों से खाली ही नहीं किया गया।
जेडजिनीवासियों को समझ में नहीं आ रहा था कि उनके पत्र अपने गंतव्य तक क्यों नहीं पहुंच रहे हैं। स्थानीय निवासी 80 वर्षीय स्टैनिसला चुसेव ने जब इस बारे में पता किया तो मालूम हुआ कि इस लेटर बाक्स से पिछले पांच सालों से एक भी लेटर नहीं निकाला गया है। उन्होंने बताया, मैं कई दशकों से विदेश में स्थित अपने परिवार को पत्रों के जरिये क्रिसमस की बधाइयां भेज रहा था। लेकिन पिछले कुछ सालों में मेरे परिवार वालों ने मुझे बताया कि उन्हें मेरी तरफ से कोई पत्र ही नहीं मिला।
मैं सोचता था कि शायद पते में कोई गड़बड़ हो जाने की वजह से पत्र नहीं मिले, लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरे सारे पत्र इसी लेटर बाक्स में ही पड़े हैं। अंतत: स्थानीय निवासियों ने इसकी शिकायत पोस्ट आफिस में की।
स्थानीय पोस्ट आफिस के अधिकारी बोजेना जिओलेका ने बताया कि हमने लोगों की शिकायत पर छानबीन करने पर पाया कि कई हजार पत्र ऐसे हैं जो लैटर बाक्स में ही पड़े हैं। 39 वर्षीय पोस्टमैन विजला जावोज ने पूछे जाने पर बताया कि यह मेरी गलती नहीं है। मैं छुट्टी पर था। दूसरी बात यह है कि ट्रेनी से उस लेटर बाक्स की चाबी कहीं खो गई थी। मैंने इसके बारे में पोस्ट आफिस में शिकायत की थी लेकिन किसी ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की। उसके बाद मैं बीमार पड़ गया।