
लंदन। कहने को तो विश्व का सबसे बड़ा माल है-न्यू साउथ चाइना। लेकिन नाम बड़े और दर्शन छोटे की तर्ज पर। चीन के डोंगुआन स्थित इस माल को एक दिन में 70 हजार लोगों के घूमने की क्षमता को ध्यान में रखकर वर्ष 2005 में बनाया गया था। मगर हुआ ठीक उल्टा।
खुद को सन्नाटे में समेटे यह माल बाट जोहता रहता है आगंतुकों का। उस भीड़ का, जिसके बिना यहां कभी रौनक नहीं बरसी।
खास बात यह है कि डोंगुआन पहले से ही कम तनख्वाह पाने वाले कर्मचारियों के लिए जाना जाता है। उसके बावजूद विशालकाय माल यहां बनाया गया। इसमें 1500 दुकानें हैं। लेकिन खरीददारी करने वाले लोगों की संख्या 500 तक भी नहीं रहती। 99 प्रतिशत दुकानें खाली पड़ी हैं। दक्षिणी पर्ल रिवर डेल्टा पर स्थित है इस माल को खुलने से पहले अमेरिका के शीर्ष अखबार न्यूयार्क टाइम्स ने चीन की माल संस्कृति के लिए सबसे बड़ी शक्ति करार दिया था। जो कि अब कमजोरी का प्रतीक बनता नजर आ रहा है।
कुछ नया करने के उद्देश्य से निर्माणकर्ता हु ग्वीरोंग ने माल के निर्माण से पहले अपनी एक टीम भेजकर पूरी दुनिया के माल्स का सर्वे कराया था। इस काम में पूरे दो साल लगे थे। दुनिया भर के करीब सात दर्जन माल्स के डिजायनों को भी निर्माण में शामिल किया गया था।
बीजिंग में रिटेल स्टोर्स के विशेषज्ञ डेविड हेंड ने कहा, यह विश्व का सबसे बड़ा माल है। इसे विश्व का सर्वाधिक बड़ा माल इसलिए बनाया गया था कि अधिक से अधिक लोगों को आकर्षित कर सके। लेकिन दुर्भाग्यवश ऐसा हो न सका।
चीन वैश्विक मंदी की गिरफ्त से अब तक बाहर नहीं निकल पाया है। ऐसे में न्यू साउथ चाइना चीन की अर्थव्यवस्था को एक भारी चपत के सिवाय और कुछ भी नहीं है।