
बर्लिन। बौद्ध धर्म में पुनर्जन्म जैसी कोई भी अवधारणा नहीं है। लेकिन जर्मनी के ह्वर्ल में बौद्ध धर्म के अनुयायी एक डकैत को एक बिल्ली में अपनी मां का अक्स दिखता है। उसका मानना है कि उसकी मां ने मरने के बाद बिल्ली के रूप में पुनर्जन्म लिया है।
इसके लिए उसने अदालत से गुहार लगाई कि उसको जेल में अपनी बिल्ली से मिलने की इजाजत दी जाए। लेकिन वह इसमें असफल रहा।
डेली टेलीग्राफ के अनुसार, 46 वर्षीय पीटर कियोनिग पिछले पांच सालों से ह्वर्ल में हथियारों का अवैध धंधा कर रहा था। इस अपराध में जेल में बंद होने के बाद उसने अदालत से मांग की कि उसकी बिल्ली गिसेला को उससे मिलने के लिए जेल में आने की अनुमति दी जाए। उसने कहा कि गिसेला उसकी मृत मां है।
पीटर ने कहा, ये मेरी मां हैं। ये मां की तरह ही मेरी देखभाल करती है। जिस तरह अन्य कैदियों से मिलने उनकी मां और बीवी-बच्चे आते हैं, उसी तरह मुझे भी गिसेला से मिलने की इजाजत दी जाए। इस पर अदालत का कहना था कि कोर्ट उसकी भावनाओं की कद्र करता है। लेकिन कियोनिग के पास इसका कोई सबूत नहीं है कि उसकी मां ने बिल्ली के रूप में पुनर्जन्म लिया है। इसलिए अदालत इसकी आज्ञा नहीं दे सकती।