नजरिया

भारत दुनिया भर में छिड़ी बहस के केंद्र में आ गया है कि कानून के शासन की रक्षा के लिए किसी राष्ट्र को किस हद तक बल प्रयोग का सहारा लेना चाहिए। यह सवाल इसलिए उठा है कि नक्सली देश के लगभग छठवें भाग पर अपना नियंत्रण स्थापित कर चुके हैं और वहां नागरिक...
कोठारी आयोग (1964-66) ने सभी के लिए माध्यमिक शिक्षा की संस्तुति की थी। उस समय देश प्रारंभिक शिक्षा के सर्वव्यापीकरण से बहुत दूर था। अनेक लोगों को वह विचार क्रांतिकारी लगा था जबकि कुछ ने इसे असंभव बताया था। प्रोफेसर कोठारी तथा जेपी नायक जैसे उनके...
अमेरिका में 2008 से जिस आर्थिक संकट की शुरुआत हुई थी, वह 1930 की महामंदी के बाद सबसे बड़ा आर्थिक संकट है। इस संकट ने वैश्विक स्तर पर बाजारों पर प्रतिकूल प्रभाव तो डाला ही, बैंकों व वित्तीय संस्थाओं को भी आघात पहुंचाया। अमेरिका से शुरू हुए इस...
राम-रावण युद्ध से पूर्व विभीषण चिंतित होकर राम से पूछते है कि न तो आपके पास रथ है और न तन की रक्षा के लिए कवच और न जूते ही, तब रथ पर सवार बलवान रावण को कैसे जीता जाएगा? राम कहते है कि जिससे विजय होती है वह दूसरा ही रथ होता है। उस रथ की व्याख्या...
हरियाणा ने अपनी कमान फिर से भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हाथों में सौंप दी है। पांच साल के शासन के बाद अगर कोई राज्य या देश किसी राजनेता को दोबारा सत्ता में आने का मौका देता है तो यह ऐसे ही नहीं होता है। जाहिर है, हरियाणा की जनता ने हुड्डा के काम करने...
गत वर्ष वैश्विक मंदी के गहराने के साथ-साथ रिजर्व बैंक ने सरल मुद्रा नीति लागू की थी। बैंकों के लिए अपनी जमा पूंजी के एक हिस्से को सरकारी बांड में जमा कराना अनिवार्य होता है। उन्हें कुछ रकम रिजर्व बैंक के पास नकद भी जमा करानी होती है। इस रकम में...
मधु कोड़ा दो हजार करोड़ रुपये की काली कमाई करने में सक्षम रहे तो इसके लिए उन्हें और उनके साथियों को केंद्र सरकार को खास तौर पर साधुवाद देना चाहिए, क्योंकि बगैर उसके सहयोग के वह 23 माह में करीब 24 खदानों को पट्टे पर देने का काम मनमाने तरीके से...
अक्टूबर में बाबासाहेब अंबेडकर के अनुयायियों ने दुनियाभर में धम्मचकपावतन पर्व धूमधाम से मनाया। धम्मचकपावतन शब्द पाली भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है धर्म के चक्र को गतिशील करना। इससे पहले अशोक विजय दशमी के अवसर पर लाखों बौद्धों ने दीक्षा भूमि...
सदा-सदा से मनुष्य चाहता है कि जीवन में सहजता, आनंद एवं निश्िचतता बनी रहे। वह जीवन की निरंतरता चाहता है, अमरता का वरदान चाहता है। पुरातन काल से ही मनुष्य इसी खोज में लगा है। इसके लिए हमारे ऋषियों, मनीषियों एवं संतों ने जाना कि चिरआनंद पाने का...
सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन मानते हैं कि न्यायपालिका की गरिमा घटी है और अब उसके अधिकार भी जा रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है और कोलिजियम व्यवस्था असफल हो गई है। नियुक्तियों में पक्षपात व दुराग्रह होता...
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