नजरिया

बीजिंग के कड़े रुख से भारत-चीन संबंधों में खटास आने लगा है। चीन में सरकारी मीडिया में भारत विरोधी प्रचार तेज हो गया है और चीन द्वारा सीमा उल्लंघन की घटनाओं में वृद्धि से भारत पर सैन्य दबाव बढ़ रहा है। बीजिंग ने लंबे समय से सुसुप्त अरुणाचल प्रदेश...
महाराष्ट्र विधानसभा में गत 9 नवंबर को जो हंगामा हुआ उसकी जितनी भी भ‌र्त्सना की जाए, कम है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में ऐसी निंदनीय घटना पहले कभी नहीं हुई। एक निर्वाचित विधायक अबू आजमी द्वारा हिंदी में शपथ लेने पर मनसे के विधायकों ने उनके साथ...
अंतरराष्ट्रीय चीनी अर्थव्यवस्था में भारत के चीनी उद्योग को अनेक उपलब्धिया हासिल हैं। चीनी उत्पादन की दृष्टि से ब्राजील के बाद भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है। लाखों किसान गन्ने की खेती से जुड़े है। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु,...
संसार अनित्य है, परिवर्तनशील है। यहां न सुख शाश्वत है, न दु:ख। तथापि ऐसा प्रतीत होता है कि जीवन दु:खों की श्रृंखला से परिपूर्ण एक ऐसा नाटक है जिसमें सुख कभी-कभी घटित होने वाले क्षण है। अधिकांश लोगों का जीवन दुखों, कष्टों, चिंताओं से जूझते हुए, एक...
जीवन जल में ही पैदा हुआ, फला-फूला। नदियों के किनारे अनेक सभ्यताएं बनती-बिगड़ती रहीं। सभ्यता के उत्कर्ष की ओर बढ़ रहे समाज ने प्रकृति के नियमों को तोड़ना शुरू कर दिया। नतीजा कभी हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की शक्ल में आया तो कभी अरब के रेगिस्तान की शक्ल...
आजकल शायद ही कोई ऐसा दिन जाता हो जब अखबार में दुष्कर्म का समाचार न मिलता हो। एक सर्वेक्षण के अनुसार दिल्ली की 96 प्रतिशत महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस करती हैं। बसों में यात्रा करते समय उनसे छेड़छाड़ होती है, दफ्तरों में वे सुरक्षित नहीं हैं,...
पर्यावरण और वन मंत्री जयराम रमेश द्वारा जारी की गई रिपोर्ट हिमालयन ग्लेशियर्स के अनुसार इस बात का कोई पुख्ता साक्ष्य नहीं है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय में ग्लेशियर पिघल रहे हैं। इस अध्ययन की कोई जिम्मेदारी न लेते हुए जयराम रमेश ने बड़ी...
मानव, इच्छित वस्तु की प्राप्ति के लिए क्रियाशील रहता है, साथ ही अनिश्चित कार्यो से अलग रहने के लिए सदा प्रयत्न करता है। इसी इष्ट और अनिष्ट का द्वंद्वात्मक भाव मानव को अधीर बना देता है। जबकि धीर पुरुष राग, द्वेष, लोभ और मोह से दूर रहकर अपने भीतर...
जीवात्मा को धर्मशास्त्रों में परमात्मा का अंश कहा गया है। जीवात्मा अथवा आत्मा बुद्धिवृत्तियों के भीतर स्थित विज्ञानमय ज्योतिपुरुष है। वह बुद्धिवृत्तियों के समान होता हुआ इस लोक, परलोक दोनों में संचरण करता है, वही बुद्धिवृत्ति के अनुसार चिंतन करता...
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