नजरिया

जवाहरलाल नेहरू बहुमुखी प्रतिभा युक्त विरोधाभासी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे। शायद यही कारण है कि जहा उनके प्रति अंधश्रद्धा वाली आस्था से परिपूरित लोगों की कमी नहीं है वहींउनमें सभी समस्याओं की जड़ तलाशने वालों का मुखरित रहना भी जारी है। इन दोनों के...
उपचुनाव से राजनीतिक दलों को अपनी स्थिति का आकलन करने और रणनीति सुधारने का मौका मिलता है। उपचुनाव कई अर्र्थो में जनता के रुझान का संकेतक होते हैं। उत्तर प्रदेश में उपचुनाव परिणाम अप्रत्याशित हैं। जिस सरकार की गलत नीतियों से आम जन प्रताड़ित हो रहा...
साधक भक्त है, साधना उसकी भक्ति है और साध्य उसका आराध्य भगवान है। साधक, साधना और साध्य का परस्पर वही संबंध है जो ज्ञाता, ज्ञान एवं ज्ञेय का है। साधना के इच्छुक साधक के लिए यह आवश्यक है कि वह सांसारिक विषय-वासना, राग-द्वेष, काम, क्रोध, लोभ, मोह आदि...
भाजपा की छवि में आई गिरावट जगजाहिर है, लेकिन उसके लिए ऊर्जा, आदर्श और नैतिकता के स्त्रोत रहे पितृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षरण ने पूरे परिवार की कमर तोड़ दी। लंबे अरसे तक नागपुर से रिमोट कंट्रोल से भाजपा को संचालित करने वाला संघ अब परदे...
यदि केंद्र और राज्यों की कांग्रेसी सरकारों के जोरदार प्रचार से इंदिरा गांधी पर लगा कुशासन का कलंक मिटना होता तो बहुत पहले ही ऐसा हो गया होता। उनके निधन के 25 वर्ष बाद उन्हीं सूत्रों द्वारा वही कसरत करने की आवश्यकता न पड़ती और न ही करोड़ों रुपये...
महाराष्ट्र विधानसभा में जो कुछ हुआ, उसकी निंदा के लिए यकीनन शब्द छोटे पड़ रहे हैं। वैसे तो संसद से लेकर राज्य विधायिकाएं कई शर्मनाक हिंसक घटनाओं की साक्षी रह चुकी है, किंतु यह पहली बार है जब राष्ट्रभाषा हिंदी में शपथ लेने के कारण किसी विधायक की...
सौंदर्य और प्रेम एकदूसरे पर आश्रित हैं। जहां प्रेम है वहां सौंदर्य है और जहां सौंदर्य है वहां प्रेम। 'सत्यम', 'शिवम' के साथ परमात्मा की तीसरी विशेषता 'सुंदरम' की बताई गई है। वह सुंदर ही नहीं, अपितु सौंदर्य का मूल स्त्रोत...
पिछले छह-सात वर्षो में पूरे भारतीय जनमानस को अगर किसी चीज ने सबसे ज्यादा परेशान किया है तो वह है महंगाई। स्थिति यह है कि जीवन के लिए अनिवार्य चीजें भी आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गईं हैं। चाहे अनाज, दाल, सब्जियों की बात हो, या कपड़ों, या फिर मकान...
वंदेमातरम पर दारुल उलूम के तीन साल पुराने विवादास्पद फतवे पर जमीयत उलेमा ए हिंद की ठप्पेबाजी वस्तुत: अलगाववादी मानसिकता को ही रेखाकित करती है। इस अवसर पर मौजूद गृहमंत्री ने विवादित ढांचे के ध्वंस और धार्मिक उन्माद की निंदा तो की, किंतु जिहाद के...
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