सौंदर्य और प्रेम एकदूसरे पर आश्रित हैं। जहां प्रेम है वहां सौंदर्य है और जहां सौंदर्य है वहां प्रेम। 'सत्यम', 'शिवम' के साथ परमात्मा की तीसरी विशेषता 'सुंदरम' की बताई गई है। वह सुंदर ही नहीं, अपितु सौंदर्य का मूल स्त्रोत...
पिछले छह-सात वर्षो में पूरे भारतीय जनमानस को अगर किसी चीज ने सबसे ज्यादा परेशान किया है तो वह है महंगाई। स्थिति यह है कि जीवन के लिए अनिवार्य चीजें भी आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गईं हैं। चाहे अनाज, दाल, सब्जियों की बात हो, या कपड़ों, या फिर मकान...
वंदेमातरम पर दारुल उलूम के तीन साल पुराने विवादास्पद फतवे पर जमीयत उलेमा ए हिंद की ठप्पेबाजी वस्तुत: अलगाववादी मानसिकता को ही रेखाकित करती है। इस अवसर पर मौजूद गृहमंत्री ने विवादित ढांचे के ध्वंस और धार्मिक उन्माद की निंदा तो की, किंतु जिहाद के...
प्रधानमंत्री की मानें तो शीघ्र ही शिक्षा पर खर्च सकल घरेलू उत्पादन का 6 प्रतिशत और स्वास्थ्य पर 2.25 प्रतिशत हो जाएगा। अभी यह 3.6 और 1.5 प्रतिशत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले दो साल में यह लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। 25वें आर्थिक शिखर सम्मेलन...
कुछ विशिष्ट नागरिकों द्वारा किरण बेदी को मुख्य सूचना आयुक्त बनाए जाने की अनुशंसा किए जाने से नागरिक समाज की भूमिका एवं महत्पूर्ण पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर एक गंभीर बहस शुरू हो गई है। शासन की प्रक्रिया में आम जनों की सहभागिता लोकतंत्र...
परिवर्तन प्रकृति का शाश्वत नियम है। एक नैसर्गिक प्रक्रिया है, जिसे सहज स्वीकार किया जाना चाहिए। विकास की प्रक्रिया में परिवर्तन एक आवश्यक कड़ी है, जिसे नवीन आयाम कह सकते है। संपूर्ण मन से इस नवीनता को स्वीकारा जाना चाहिए। जीवन के विविध आयामों में...
चाहे 2जी स्पेक्ट्रम घोटाला हो या पंजाब के राज्यपाल जनरल एसएफ रोड्रिग्स द्वारा चंडीगढ़ में व्यावसायिक भूखंडों के आवंटन में हेराफेरी या फिर हाइड्रोकार्बन के महानिदेशक वीके सिब्बल द्वारा निजी तेल कंपनियों से साठगांठ, केंद्रीय सतर्कता आयोग ने इन बड़े...
राजनीतिक हलके में इस बात को लेकर जबरदस्त उहापोह चल रहा है कि पहले ही विकृत चुनावी राजनीति के लिए कौन-सी खबर अधिक अरुचिकर हो सकती है। कुछ सट्टेबाजों के लिए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा शुरुआती बढ़त पर हैं। ध्यान रहे कि मधु कोड़ा निर्दलीय...
दक्षिण वजीरिस्तान में पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा से आईं हालिया खबरें यह बताती हैं कि इस बार सेना आतंकियों को कहीं अधिक आसानी से परास्त कर रही है। अतीत के अनुभवों के विपरीत इस बार पाकिस्तानी सेना अपने उद्देश्य के प्रति एकदम स्पष्ट नजर आ रही है।...