सर्दियों का मौसम आ चुका है, यह बात अलग है कि सर्दी ने अभी अच्छी तरह दस्तक नहीं दी है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस मौसम में भी देश के पंद्रह राज्य डेंगू की चपेट में हैं। जो राज्य डेंगू की चपेट में हैं उनमें आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, गुजरात,...
वेद भारतीय ज्ञान-राशि के अक्षय कोष है। मनु का उद्घोष है- 'सर्वज्ञानमयो हि स:' (वेद सभी प्रकार के ज्ञान से युक्त है)। 'वेद' शब्द की व्युत्पत्ति 'विद् ज्ञाने' धातु से है। तैत्तिरीयोपनिषद के अनुसार ज्ञान ही ब्रह्म का स्वरूप...
नक्सल समस्या एक खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले दिनों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों की पीपुल्स गुरिल्ला लिबरेशन आर्मी में आमना-सामना होगा। जाहिर है कि इसमें बहुत लोग मारे जाएंगे। अफसोस इस बात का विशेष तौर से होगा कि मारे...
इंदिरा गांधी की हत्या और देश के अनेक भागों में सिखों का नरसंहार हुए 25 वर्ष बीत गए हैं। नवंबर महीना आता है तो मुझ पर एक विचित्र प्रकार का अवसाद छा जाता है। 25 वर्ष पहले इसी महीने के प्रारंभिक तीन-चार दिनों में ऐसा अंधड़ आया था जिसमें परिवारों की...
पिछले दिनों भारत में अमेरिका के राजदूत टिमोथी रोमर ने कहा कि अब भारत और अमेरिका के बीच उस तरह की दूरी वाले संबंध नहीं रहे जो कुछ वर्ष पूर्व बन गए थे। इस प्रकार का बयान अकेले टिमोथी ही नहीं दे रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके...
किसी समय महर्षि रमण से पश्चिमी विचारक पाल ब्रंटन ने पूछा था, 'मनुष्य की मह8वाकांक्षा की जड़ क्या है?' महर्षि रमण हंसकर बोले- 'हीनता का भाव, बात थोड़ी अटपटी सी लगती है। हीनता का भाव और महत्वाकांक्षी चेतना परस्पर विरोधी दिखाई पड़ती हैं,...
भारत दुनिया भर में छिड़ी बहस के केंद्र में आ गया है कि कानून के शासन की रक्षा के लिए किसी राष्ट्र को किस हद तक बल प्रयोग का सहारा लेना चाहिए। यह सवाल इसलिए उठा है कि नक्सली देश के लगभग छठवें भाग पर अपना नियंत्रण स्थापित कर चुके हैं और वहां नागरिक...
कोठारी आयोग (1964-66) ने सभी के लिए माध्यमिक शिक्षा की संस्तुति की थी। उस समय देश प्रारंभिक शिक्षा के सर्वव्यापीकरण से बहुत दूर था। अनेक लोगों को वह विचार क्रांतिकारी लगा था जबकि कुछ ने इसे असंभव बताया था। प्रोफेसर कोठारी तथा जेपी नायक जैसे उनके...
अमेरिका में 2008 से जिस आर्थिक संकट की शुरुआत हुई थी, वह 1930 की महामंदी के बाद सबसे बड़ा आर्थिक संकट है। इस संकट ने वैश्विक स्तर पर बाजारों पर प्रतिकूल प्रभाव तो डाला ही, बैंकों व वित्तीय संस्थाओं को भी आघात पहुंचाया। अमेरिका से शुरू हुए इस...