कोलंबो। श्रीलंका के खिलाफ उसकी सरजमीं पर पहली बार वनडे सीरीज जीतने से उत्साहित महेंद्र सिंह धोनी की युवा ब्रिगेड शुक्रवार को होने वाले पांचवें और अंतिम मैच में रहस्यमयी स्पिनर अजंथा मेंडिस के रहस्य का खात्मा करने चाहेंगे जिसने टीम इंडिया को टेस्ट सीरीज में अपनी फिरकी के दम पर खूब थिरकाया था।
सीरीज का पहला मैच आठ विकेट से हारने के बाद जोरदार वापसी करते हुए 3-1 की अजेय बढ़त ले चुका भारत पांचवें वनडे में भी जीत हासिल करके मुरली-मेंडिस की स्पिन जोड़ी का दंभ रखने वाले श्रीलंका के मनोबल पर आखिरी चोट करने की कोशिश करेगा। बेहद ठंडे दिमाग के धोनी के प्रेरणादायी नेतृत्व में शानदार प्रदर्शन कर रही टीम इंडिया ने ट्वंटी 20 विश्वकप और विश्व चैंपियन आस्ट्रेलिया को सीबी त्रिकोणीय वनडे सीरीज में उसी के घर में परास्त करने के बाद लंका में भी डंका पीटा है।
भारतीय टीम से मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और तूफानी ओपनर वीरेंद्र सहवाग के बगैर श्रीलंका को उसी की मांद में मात देने की उम्मीद कम लोगों ने ही की होगी मगर युवा तुर्को से सजी टीम ने ऐसा करके दुनिया को दिखा कि उड़ान पंखों से नहीं बल्कि हौंसले से होती है। सचिन, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गजों से सजी भारत की अनुभवी बल्लेबाजी के टेस्ट सीरीज में श्रीलंकाई ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन और रहस्यमयी फिरकी गेंदबाज अजंथा मेंडिस के आगे घुटने टेकने के विपरीत वनडे सीरीज में युवा ब्रिगेड ने इस जोड़ी का जांबाजी से सामना करते हुए उन्हें अपने मनोबल से पछाड़ दिया।
मुरली-मेंडिस की जोड़ी टेस्ट सीरीज के उलट वनडे सीरीज में खौफ बरपा नहीं कर सकी। मेंडिस ने चार मैचों में नौ विकेट लिए हैं मगर वह मंहगे भी साबित हुए हैं जबकि मुरली तो विकेट के लिए तरसते नजर आए। वह सीरीज के चार मैचों में सिर्फ चार विकेट ही ले सके हैं। टेस्ट सीरीज में कुछ हद तक सहवाग और गौतम गंभीर के जीवट से रूबरू हुए मेंडिस को एक दिवसीय सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों ने सूझबूझ भरी आक्रामकता के साथ खेलकर उनके गुमान को काफी हद तक हिला डाला।
इस सीरीज में धोनी और आकर्षक बल्लेबाज सुरेश रैना की अगुवाई में भारत की बल्लेबाजी लगभग पटरी पर आ चुकी है। बुखार से उठकर बुधवार को मैदान में उतरे धोनी ने सीरीज में एक और संकटमोचक पारी खेलकर लगातार दूसरा अर्द्धशतक जमाया था जबकि उनके नक्शेकदम पर चलते हुए रैना ने भी लगातार दूसरी हॉफ सेंचुरी बनाई। विराट कोहली और गंभीर की नई ओपनिंग जोड़ी हालांकि तेज शुरुआत नहीं दे पा रही है मगर नई गेंद से विकेट लेने के श्रीलंकाई प्रयासों को विफल करके वह उसके लिए काफी हद तक मुश्किलें पैदा करने में जरूर कामयाब हो रही।
टीम के लिए एकमात्र चिंता का विषय उपकप्तान युवराज सिंह, गौतम गंभीर और रोहित शर्मा का खराब फार्म है और उम्मीद है कि शुक्रवार को उनके बल्ले से रन निकलेंगे। औपचारिकता के मैचों में टीम प्रबंधन को सही संयोजन तलाशने का मौका मिल जाता है लेकिन बुधवार के मैच में खराब फार्म से जूझते खिलाड़ियों को इस दौर से निकलने का एक और मौका दिया जाएगा। सीरीज में गेंदबाजों का प्रदर्शन काबिले तारीफ रहा है। जहीर खान, मुनफ पटेल और हरभजन सिंह ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता साबित करते हुए मेजबान टीम को कम स्कोर पर समेट दिया। इस मैच में भारतीयों का क्षेत्ररक्षण भी आला दर्जे का था। विशेषज्ञों का मानना है कि टॉस रणनीति का अहम हिस्सा है और भारतीय टीम को लगातार टॉस जीतने का भी फायदा मिला है।
संभावित टीम:
भारत: महेंद्र सिंह धोनी [कप्तान], एस बद्रीनाथ, गौतम गंभीर, सुरेश रैना, विराट कोहली, रोहित शर्मा, युवराज सिंह, इरफान पठान, हरभजन सिंह, प्रज्ञान ओझा, प्रवीण कुमार, मुनफ पटेल, जहीर खान, आरपी सिंह और पार्थिव पटेल।
श्रीलंका: महेला जयवर्धने [कप्तान], सनथ जयसूर्या, कुमार संगकारा, चामरा कापूगेदारा, चामरा सिल्वा, तिलकरत्ने दिलशान, चमिंडा वास, थिलन थुषारा, नुवान कुलशेखरा, मुथैया मुरलीधरन, अजंथा मेंडिस, महेला उदावट्टे, दिलहारा फर्नाडो, जेहान मुबारक और मलिंडा वर्नापुरा।