
कोलंबो। नुवान कुलशेखरा और अजंथा मेंडिस के सामने बल्लेबाजों के शर्मनाक प्रदर्शन से भारत को बारिश से प्रभावित पांचवें और अंतिम एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में शुक्रवार को श्रीलंका के हाथों डकवर्थ लुईस पद्धति से 112 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा।
भारत ने पहले ही इस सीरीज पर कब्जा जमा लिया था लेकिन बल्लेबाजों के गैरजिम्मेदाराना खेल के कारण टीम श्रीलंकाई दौरे का अंत जीत से नहीं कर पाई। इसके साथ ही कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को राजीव खेल रत्न मिलने की खुशी में जीत का तोहफा देने का उसका अरमान भी अधूरा रह गया। भारत ने इस तरह से सीरीज 3-2 से अपने नाम की।
श्रीलंका ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए निचले क्रम के बल्लेबाजों थिलन तुषारा [नाबाद 54] और जेहान मुबारक [नाबाद 47] के बीच 94 रन की साझेदारी की बदौलत छह विकेट पर 227 रन बनाए। भारत के लिए यह स्कोर भी पहाड़ जैसा बन गया। बीच में बारिश आने के कारण भारत के सामने 44 ओवर में 216 रन का लक्ष्य रखा गया था लेकिन उसकी पूरी टीम 26.2 ओवर में 103 रन पर सिमट गई। भारत की तरफ से सबसे अधिक 31 रन विराट कोहली ने बनाए। उनके अलावा तीन अन्य बल्लेबाज ही दोहरे अंक में पहुंचे। श्रीलंका की तरफ से कुलशेखरा ने 40 रन देकर चार और मेंडिस ने दस रन देकर दो विकेट लिए।
जब भारतीय पारी चल रही थी तभी बीच में बारिश आ गई। उस समय भारत का स्कोर तीन विकेट पर 70 रन था लेकिन इसके बाद पिच से गेंदबाजों को मदद मिलने लग गई और भारत के आखिरी सात विकेट 12 ओवर में केवल 33 रन के अंदर गिर गए। कुलशेखरा ने भारतीय शीर्ष क्रम को झकझोरा तो मेंडिस और दिलहारा फर्नाडो निचले क्रम पर हावी रहे। फर्नाडो ने दो विकेट लिए। गौतम गंभीर [11] फिर से भारत को अच्छी शुरुआत देने में नाकाम रहे जबकि युवराज सिंह [13] की असफलता भी जारी रही। अब तक के मैचों में भारतीय नैया पार लगाने वाले सुरेश रैना और धोनी भी इस मैच में नहीं चले जिससे श्रीलंका को जीत दर्ज करने में कोई दिक्कत नहीं हुई।
भारत ने सात विकेट भले ही बारिश के व्यवधान के बाद गंवाए लेकिन उसकी बल्लेबाजी इससे पहले ही चरमराने लगी थी। टीम का स्कोर जब 38 रन था तब कुलशेखरा ने गंभीर को विकेटकीपर कुमार संगकारा के हाथों कैच कराकर टीम को पहली सफलता दिलाई। गंभीर किसी भी समय खुलकर नहीं खेल पाए और पहले विकेट की साझेदारी के अधिकतर रन कोहली ने बनाए। उन्होंने कुलशेखरा की गेंद पर छक्का भी जमाया लेकिन आखिर में इसी गेंदबाज ने उन्हें पगबाधा आउट किया। रैना [10] बारिश आने से ठीक पहले फर्नाडो को कैच देकर पवेलियन लौटे।
बारिश के कारण लगभग डेढ़ घंटे का खेल नहीं हो पाया जिसके कारण डकवर्थ लुईस पद्धति से भारत के छह ओवर कम हुए लेकिन लक्ष्य से केवल 12 रन ही कम किए गए। भारतीय बल्लेबाजों ने हालांकि कभी लक्ष्य तक पहुंचने की कोशिश नहीं की। धोनी खुद बाद में बल्लेबाजी के लिये नहीं आए और उन्होंने रोहित शर्मा को आगे बल्लेबाजी के लिए भेजा लेकिन वह कुलशेखरा का चौथा शिकार बनकर जल्द ही पवेलियन लौट गए। इसके बाद युवराज की बारी थी जिन्हें मेंडिस ने बोल्ड किया। युवराज इस पूरी सीरीज में रन बनाने के लिए जूझते रहे। धोनी से ऐसे में बड़ी पारी की आशा थी लेकिन फर्नाडो ने उन्हें बोल्ड करके श्रीलंका की जीत सुनिश्चित कर दी।
इससे पहले श्रीलंका एक समय 133 रन पर छह विकेट गंवाकर संकट में था लेकिन तुषारा और मुबारक ने इसके बाद भारतीय गेंदबाजों को निराश करते हुए सातवें विकेट के लिए 78 गेंद में नाबाद 94 रन जोड़े और मेजबान टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। सीरीज में पहली बार टॉस जीतने वाले श्रीलंका के कप्तान महेला जयवर्धने ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया लेकिन मेजबान टीम को दूसरे ओवर में पहला झटका लगा जब सनथ जयसूर्या [1] दूसरे ओवर में ही पवेलियन लौट गए। जयसूर्या जहीर खान की गेंद को स्लैश करने के प्रयास में थर्ड मैन पर प्रज्ञान ओझा को कैच थमा बैठे।
सलामी बल्लेबाज मलिंडा वर्णपुरा [30] और महेला उदावते [43] ने इसके बाद पारी को संभालने की कोशिश की लेकिन इस दौरान रन गति काफी कम रही। पहले 10 ओवर में श्रीलंका 28 रन ही बना सका जिससे बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ने लगा। वर्णपुरा हालांकि उस समय भाग्यशाली रहे जब रोहित शर्मा कवर प्वाइंट पर उनका मुश्किल कैच पकड़ने में नाकाम रहे। उदावते ने इसके बाद जहीर पर कवर से चौका जड़ा। श्रीलंका ने 79 गेंद में 50 रन का आंकड़ा छुआ। जहीर ने सात ओवर के अपने पहले स्पैल में 33 रन खर्च किए जबकि मुनफ ने किफायती गेंदबाजी करते हुए छह ओवर में 15 रन दिए। भारत को इसके बाद इरफान पठान ने वापसी दिलाई जिन्होंने वर्णपुरा को गौतम गंभीर के हाथों कैच कराया। बड़ौदा के इस गेंदबाज ने इसके बाद उदावते को भी पगबाधा आउट किया। कुमार संगकारा [1] एक बार फिर विफल रहे। उन्हें आरपी सिंह ने पहली स्लिप में गंभीर के हाथों कैच कराया।
स्कोर बोर्ड
श्रीलंका 50 ओवर में छह विकेट पर 227 रन
जयसूर्या का ओझा बो जहीर 1
वर्नापूरा का गंभीर बो पठान 30
उदावटे एलबीडब्ल्यू बो पठान 43
संगकारा का गंभीर बो आरपी 1
जयवर्धने का युवराज बो ओझा 12
कापूगेदरा का आरपी बो ओझा 26
मुबारक नाबाद 47
थुसारा नाबाद 54
अतिरिक्त: 13
विकेट पतन: 1-1, 2-78, 3-80, 4-82, 5-104, 6-133।
गेंदाबजी
मुनफ 7-1-20-0
जहीर 10-1-49-1
आरपी 8-0-54-1
पठान 10-0-52-2
ओझा 10-4-28-2
रोहित 2-0-7-0
युवराज 3-0-11-0
भारत 26.3 ओवर में सभी विकेट खोकर 103 रन
विराट पगबाधा बो कुलशेखरा 31
गंभीर का संगकारा बो कुलशेखरा 11
युवराज बो मेंडिस 17
रैना का फर्नाडो बो कुलशेखरा 10
रोहित पगबाधा बो कुलशेखरा 3
धोनी बो फर्नाडो 1
पठान का वर्णपुरा बो मेंडिस 7
जहीर पगबाधा बो मेंडिस 3
आरपी का जयवर्धने बो फर्नाडो 4
ओझा का कुलशेखरा बो मेंडिस 5
मुनफ नाबाद 4
अतिरिक्त: 7
विकेट पतन: 1-38, 2-45, 3-70, 4-76, 5-79, 6-85, 7-90, 8-91, 9-95।
गेंदबाजी
कुलशेखरा 9-2-40-4
थुसारा 6-0-26-0
फर्नाडो 7-1-24-2
मेंडिस 4.3-2-10-4