गृहमंत्री ने कहा, सेना को मिले माफी

 
Nov 04, 05:44 pm

जम्मू। केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने बुधवार को कहा कि बीसीसीआई को सुरक्षा कारणों से श्रीनगर में रणजी मैच नहीं खेलने के अपने फैसले को लेकर माफी का इजहार करने वाली सेना क्रिकेट टीम को माफ कर देना चाहिए। दूसरी ओर रक्षा मंत्रालय ने इसे 'निचले स्तर' पर लिया गया 'दुर्भाग्यपूर्ण' फैसला करार दिया साथ ही कहा कि यदि मैच होता है तो वह टीम भेजने को तैयार है।

सेना स्पो‌र्ट्स कट्रोल बोर्ड [एसएससीबी] द्वारा सुरक्षा कारणों का हवाला देकर श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर टीम के खिलाफ मैच नहीं खेलने के निर्णय से राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। चिदंबरम ने कहा कि यदि वह इस कदम से अवगत होते तो ऐसा होता ही नहीं। लोगों से इस घटना को भूल जाने और सेना द्वारा जम्मू-कश्मीर के लोगों से ही नहीं बल्कि सबसे मांगी गई माफी को स्वीकार करने की अपील करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि सेना ने मैच का फिर से कार्यक्रम बनाने और यह मैच श्रीनगर में ही खेलने का अनुरोध किया है।

चिदंबरम ने यहां से 15 किमी दूर जगती में कहा, 'क्या यह संभव हो पाएगा, क्या मैच को वापस लेने का निर्णय अंतिम है, मैं कुछ नहीं कह सकता। लेकिन मैंने रक्षा सचिव से कहा है कि यदि यह मैच श्रीनगर में खेलना संभव न हो तो सेना टीम को बीसीसीआई से श्रीनगर में एक अन्य मैच का कार्यक्रम बनाने का अनुरोध करना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'श्रीनगर के लिए निर्धारित किसी भी खेल स्पर्धा का आयोजन होगा और मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि श्रीनगर में क्रिकेट मैच हो।' उन्होंने कहा कि सेना की टीम के श्रीनगर नहीं पहुंचने की घटना को लेकर उन्होंने रक्षा मंत्री एके एंटनी से बात भी की है।

वहीं रक्षा राज्य मंत्री एमएम पल्लम राजू ने बताया 'मैं आपको बता दूं कि यह निचले स्तर पर लिया गया दुर्भाग्यपूर्ण फैसला था।' सशस्त्र बल की टीम के रणजी ट्राफी मैच खेलने के लिए कश्मीर नहीं जाने पर उनकी टिप्पणी मांगी गई थी। बल के इस फैसले की घाटी में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। रक्षा राज्य मंत्री ने कहा, 'आपको इस बात की सराहना करनी चाहिए कि प्रत्येक संगठन को कोई फैसला करने की स्वतंत्रता होती है, जैसे कुछ राज्य या कुछ देश खतरे की आशंका के चलते मैचों से बाहर रहते हैं। मेरा अनुमान है कि इसी स्वतंत्रता का इस इकाई ने इस्तेमाल किया लेकिन निचले स्तर पर।' हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किसने और किस स्तर पर यह फैसला लिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'यदि रणजी कमेटी हमें एक मौका देने की इच्छुक है तो हमें अपनी टीम भेजने में कोई हिचक नहीं है।'

श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में मैच नहीं खेलने के कारण बीसीसीआई ने इस साल सेना के रणजी ट्राफी मैच खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। सेना टीम के फैसले से केंद्रीय मंत्री तथा जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला काफी खफा हैं। उन्होंने यह मामला प्रधानमंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षामंत्री के समक्ष उठाने की चेतावनी दी है। मामले की गंभीरता को भांपते हुए बीसीसीआई ने आनन-फानन में सेना की टीम पर इस साल रणजी ट्राफी में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया तथा इसकी समिति की आगामी बैठक में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सेना के मैच नहीं खेलने के कारण जम्मू-कश्मीर टीम को चार अंक मिल गए हैं तथा अब उसका मुकाबला 10 से 13 नवंबर को हरियाणा से होगा।




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