बिना प्रायोजक शुरू होगी भारत-श्रीलंका सीरीज

 
Nov 06, 04:42 pm

कानपुर। इसे क्रिकेट की अधिकता कहें या टेस्ट मैच के प्रति लोगों का कम होता उत्साह कि भारत और श्रीलंका के बीच अब टेस्ट सीरीज शुरू होने में दस दिन से भी कम समय बचा है लेकिन भारतीय क्रिकेट बोर्ड को अभी तक इस सीरीज के लिए कोई टाइटल प्रायोजक नहीं मिला है।

प्रायोजक का इंतजार करते-करते थकने के बाद अब उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ [यूपीसीए] ने कानपुर में भारत और श्रीलंका के बीच 24 नवंबर से शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट मैच के लिए अब मैच के टिकट छपने के लिए प्रिटिंग प्रेस में दिए हैं जिसमें किसी भी प्रायोजक कंपनी के स्थान पर यूपीसीए का लोगो लगा होगा। यूपीसीए के अधिकारियों को अब इस बात का डर सताए जा रहा है कि इतनी जल्दी कैसे टिकट छप पाएंगे और कैसे बंट पाएंगे। यूपीसीए के निदेशक ज्योति बाजपेई ने बताया कि भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज आगामी 16 नवंबर से शुरू हो रही है और पहला टेस्ट मैच अहमदाबाद में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा टेस्ट मैच 24 नवंबर से कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेला जाएगा। उन्होंने माना कि भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज शुरू होने में 10 दिन से भी कम समय बचा है लेकिन अभी तक इस टेस्ट सीरीज का प्रायोजन करने के लिए किसी भी कंपनी से कोई बात नहीं हो पाई है और बीसीसीआई के आदेश के बाद हमने बिना किसी प्रायोजक कंपनी के लोगो के टिकट छापने को कह दिया है।

यूपीसीए के सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई के लाख प्रयासों के बावजूद अभी तक कोई भी औद्योगिक घराना या कंपनी भारत और श्रीलंका टेस्ट सीरीज को प्रायोजित करने के लिए आगे नहीं आई है लेकिन बोर्ड के अधिकारियों ने अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है और उन्हें उम्मीद है कि जब मैच शुरू होने का समय आएगा तब तक कोई न कोई प्रायोजक मिल जाएगा। सूत्रों का यह मानना है कि ऐसा क्रिकेट की अधिकता के कारण भी हो सकता है या टेस्ट मैच के प्रति जनता और प्रायोजकों में उत्साह की कमी के कारण भी हो सकता है।

यूपीसीए के एक अन्य अधिकारी पीडी पाठक ने बताया कि चूंकि मैच के टिकटों पर प्रायोजक का नाम और लोगो छापना होता है इस लिए यूपीसीए ने बीसीसीआई से पूछा था कि किस कंपनी का लोगो टिकटों पर छापा जाएगा तो बीसीसीआई ने हमें बताया कि अभी तक टेस्ट सीरीज के लिए कोई भी टाइटल प्रायोजक नहीं मिला है और हम मैच के टिकटों पर यूपीसीए का लोगो लगाकर उसे छापने के लिए दे दें। उन्होंने बताया कि चूंकि कानपुर में दूसरा टेस्ट मैच शुरू होने में अब केवल 17 दिन बचे है इसलिए हमने टिकट छापने का आदेश दे दिया है। लेकिन इन टिकटों पर किसी टायटल प्रायोजक कंपनी के लोगो के स्थान पर केवल यूपीसीए का लोगो ही छपेगा। आगे अगर कोई प्रायोजक मिल जाता है तो सीरीज के अगले मैचों में उस प्रायोजक का लोगो छप जाएगा।

यूपीसीए के संयुक्त सचिव खेल प्रशासन पाठक से जब पूछा गया कि इससे मैच के टिकट बंटने में देरी तो नहीं होगी तो उन्होंने कहा कि बीसीसीआई की बिना किसी प्रायोजक के लोगो के टिकट छापने की इजाजत मिलने के बाद कल टिकट छपने के आदेश दे दिए गए हैं और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से टिकट बंटने हैं उसके अधिकारियों के साथ यूपीसीए के अधिकारियों की बैठक जल्द होगी और 24 नवंबर से शुरू होने वाले टेस्ट मैच के लिए 20 नवंबर से स्टेट बैंक के माध्यम से टिकट बंटने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि दूसरे टेस्ट मैच के लिए हमारी बाकी सभी तैयारियां पूरी हैं इस लिए किसी तरह की देरी का कोई सवाल ही नहीं है।

यूपीसीए के वाजपेई को उम्मीद है कि अभी कोई खास देर नहीं हुई है टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले-पहले भारत श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए कोई न कोई टाइटल प्रायोजक मिल जाएगा और भले ही कानपुर के मैच के टिकट बिना किसी टाइटल प्रायोजक के छप रहे हों लेकिन अगले मैचों के टिकट शायद किसी प्रायोजक के साथ ही छपे।




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