नई दिल्ली। कविता देवी के डोपिंग का दोषी पाए जाने के कुछ दिन बाद खेलमंत्री एमएस गिल ने भारतीय भारोत्ताोलन महासंघ [आईडब्ल्यूएफ] के प्रमुख हरभजन सिंह को तलब करके उनसे स्पष्टीकरण मांगा है कि खेल में डोपिंग के खतरे से निबटने के लिए महासंघ क्या उपाय कर रहा है।
सूत्रों ने बताया, 'भारतीय भारोत्ताोलन में डोपिंग के खतरे से निबटने की कवायद में खेलमंत्री द्वारा उठाया गया यह पहला कदम है।' आईडब्ल्यूएफ सूत्र ने कहा, 'खेल मंत्री ने आईडब्ल्यूएफ अध्यक्ष को कविता मामले और डोपिंग पर रोक लगाने के लिए महासंघ क्या कर रहा है इसकी विस्तृत के साथ उनसे मिलने को कहा है।' गिल ने भारोत्तोलकों द्वारा प्रतिबंधित दवाओं के इस्तेमाल का अपवाद लेते हुए समीक्षा बैठक बुलाने का फैसला किया है। विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी ने मार्च में एनआईएस पटियाला में डोप टेस्ट किया था जिसमें 75 किग्रा वर्ग की महिला भारोत्ताोलक कविता देवी प्रतिबंध स्टेरायरड मैथेडाइनोन के सेवन की दोषी पाई गई थी।
अंतरराष्ट्रीय भारोत्ताोलन महासंघ ने कविता पर दो साल का प्रतिबंध लगाने के अलावा उन पर 5 हजार डालर का जुर्माना भी लगाया था। इस बीच एक और युवा भारोत्ताोलक को भारतीय खेल प्राधिकरण द्वारा कराए गए आंतरिक डोप टेस्ट में प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का दोषी पाया गया। कर्नाटक के परितोष उपाध्याय का 'ए' नमूना पाजीटिव पाया गया है।
सूत्र ने बताया, 'महासंघ परितोष के मामले को छिपाने की कोशिश कर रहा है ताकि अध्यइा हरभजन सिंह जब खेलमंत्री से मिलें तो उन्हें और शर्मिदगी ना झेलनी पड़े।' नमूना तब लिया गया जब परितोष इस साल पुणे में होने वाले राष्ट्रमंडल युवा खेलों के लिए एनआईएस पटियाला में अभ्यास कर रहे थे। आईडब्ल्यूएफ उन पर अब दो साल का प्रतिबंध और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा सकता है। इस बीच आईडब्ल्यूएफ की कार्यकारी समिति की लखनऊ में हुई बैठक में बीआर गुलाटी को महासचिव चुना गया जो बलबीर सिंह भाटिया की जगह लेंगे। भाटिया ने पिछले माह इस्तीफा दे दिया था। बैठक में कविता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला भी किया गया।