
हनोई। चार बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरीकाम ने तीसरे एशियाई इंडोर खेलों की महिला मुक्केबाजी स्पर्धा के 46 किग्रा वर्ग में स्थानीय मुक्केबाज होआ गुएन थि से मिली कड़ी चुनौती से पार पाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जिससे भारत ने इस प्रतियोगिता में दो पीले और इतने ही रजत पदक जीते।
कविता गोयत [64 किग्रा] ने भारत को दूसरा स्वर्ण दिलाया जबकि एल सरिता देवी [54 किग्रा] और एन ऊषा [57 किग्रा] ने रजत पदक हासिल किए। वियतनाम की मुक्केबाज के खिलाफ मैरीकाम को अपने अपार अनुभव से मदद मिली। इस भारतीय ने पहले राउंड के बाद 1-0 से बढ़त बनाई, जिसके बाद स्थानीय मुक्केबाज ने लगातार पंच लगाकर मैरीकाम की बराबरी की और दोनों ने दूसरे राउंड में दो-दो अंक प्राप्त किए। तीसरा राउंड काफी रोमांचक रहा क्योंकि दोनों मुक्केबाजों ने तीन-तीन अंक हासिल किए, जिससे मैरीकाम 6-5 से बढ़त बनाए थीं।
फाइनल राउंड में मैरीकाम ने वियतनाम की मुक्केबाज को रोकते हुए दो महत्वपूर्ण अंक प्राप्त कर 8-6 से बाउट जीत ली। कविता ने 64 किग्रा वर्ग में कजाखस्तान की खासेनोवा साइडा को 8-4 से परास्त कर भारत को दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। वहीं एल सरिता देवी 54 किग्रा वर्ग में चीन की झांग किन से 7-9 से हार गईं, जिससे उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
ऊषा ने थाईलैंड की लोपिम पिमाविली के खिलाफ धीमी शुरुआत की, जिससे फाइनल राउंड में स्कोर 2-3 हो गया। वहीं डब्ल्यू संध्यारानी को 56 किग्रा वुशु के सेमीफाइनल में इरान मरीयम तावाकोली से 0-2 से हार मिली और उन्हें कांस्य पदक मिला।