
बैंकाक। विश्व कप में जगह बना चुकी आत्मविश्वास से लबरेज भारतीय टीम रविवार को महिला एशिया कप हाकी टूर्नामेंट के फाइनल में चीन से भिड़ेगी तो उसकी नजरें दूसरा खिताब जीतने पर होगी। लीग मुकाबले में भारत और चीन मुकाबला बराबरी पर छूटा था।
भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 3-2 से हराकर अर्जेटीना में अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर लिया। पिछली बार भारत ने 2004 में जापान को हराकर यह खिताब जीता था। कोच एम के कौशिक की टीम के पास पहली बार चीन को हराने का भी मौका होगा जिसने उसे 2007 में सेमीफाइनल में 4-2 से मात दी थी। तीसरे नंबर की टीम चीन एफआईएच रैंकिंग में भारत से 11 पायदान ऊपर है लिहाजा उसे हराना आसान नहीं होगा।
कौशिक ने कहा, 'हमारी टीम प्रतिभाशाली है और खिताब की हकदार है। मैंने उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए कहा है। चीन के खिलाफ इससे कम पर जीत नहीं मिल सकती।' कौशिक ने कहा कि चीन के तेज जवाबी हमलों और पेनाल्टी कार्नर तब्दील करने में महारत का उन्हें तोड़ तलाशना होगा। उन्होंने कहा, 'चीन का जवाबी हमलों में कोई जोड़ नहीं। उसके फारवर्ड खिलाड़ी कोई मौका जाया नहीं करते। हमें सावधान रहना होगा और ऐसा करने पर हमें स्वर्ण पदक जीतने से कोई नहीं रोक सकता।' गोलकीपर दीपिका मूर्ति ने कहा कि बड़ी टीमों को हराने के बाद अब उनकी टीम चीन के रसूख से खौफजदा नहीं है।