वाशिंगटन। शिखर पर पहुंचकर खेल को अलविदा कहने का माद्दा रखने वाले बिरले ही होते है और महिला टेनिस की साम्राज्ञी जस्टिन हेनिन ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। अपने हुनर का जलवा कोर्ट पर बिखेरने वाली बेल्जियम की यह बाला टेनिस से इतर जिंदगी बिताने को पूरी तरह तैयार है।
एक बार फिर अपने परिवार से घिरी हेनिन को अब टेनिस में अपना दबदबा बरकरार रखने का कोई रोमांच नहीं रह गया। न तो वह 25 मई से शुरू हो रहे फ्रेंच ओपन में दिखेगी और न ही अपना अमेरिकी ओपन खिताब बचाने उतरेगी। पच्चीस बरस की उम्र में उन्होंने टेनिस को अलविदा कहकर सनसनी फैला दी। डब्ल्यूटीए रैकिंग में नंबर वन पर रहते हुए संन्यास लेने वाली दुनिया की पहली महिला है हेनिन। उन्होंने बुधवार को ब्रुसेल्स में अपनी टेनिस अकादमी के बाहर प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'मुझे लगा कि अब कुछ बचा नहीं है। मैंने अपने खेल का पूरा मजा लिया और पूरी प्रतिबद्धता से खेला।'
हेनिन ने पर कहा कि अब खेलने में उनका मन नहीं रमता लेकिन हैरान करने वाली बात तो यह है कि उन्होंने फ्रेंच ओपन शुरू होने से चंद दिन पहले यह ऐलान किया। पिछले तीन साल से लगातार रोलां गैरा पर खिताबी जीत दर्ज करने वाली हेनिन चार बार लाल बजरी पर ट्राफी अपने नाम कर चुकी है। हेनिन ने पहली बार दस बरस की उम्र में दर्शक दीर्घा से फ्रेंच ओपन का मजा लिया था। उस समय उनके साथ उनकी मां थी जिनका दो बरस बाद कैंसर से निधन हो गया।
फ्रेंच ओपन से पहले हेनिन के संन्यास लेने से टेनिस जगत स्तब्ध रह गया है। दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी रोजर फेडरर ने कहा, 'निश्चित तौर पर टेनिस जगत के लिए यह बड़ा सदमा है। हैरत इस बात पर भी है कि उन्होंने फ्रेंच ओपन से ठीक पहले ऐसा किया। दो महीने बाद विंबलडन भी होना है जो उन्होंने कभी नहीं जीता है।' अपने कैरियर में कई उतार-चढ़ाव देख चुकीं हेनिन स्वास्थ्य समस्याओं के कारण महीनों तक टेनिस से दूर रही है। इसके बाद अपने पति पियरे युवेस हार्डेन से उनका तलाक हो गया लेकिन हमेशा शारीरिक और मानसिक अड़चनों को धता बताकर वह पूरी शिद्दत से कोर्ट पर लौटी है। दुबली-पतली हेनिन ने विलियम्स बहनों और एमेली मोरेस्मो जैसी हट्टी-कट्टी खिलाड़ियों को कई बार शिकस्त दी है। एक हाथ से लगाए गए उनके बैकहैंड को जान मैकेनरो ने टेनिस का सबसे खूबसूरत शॉट करार दिया था।
हेनिन ने एक बार कहा था कि दुनिया में कुछ भी नामुमकिन नहीं। टेनिस कोर्ट के अलावा निजी जिंदगी में भी उनका यही फलसफा रहा है। अमेरिकी ओपन 2003 के सेमीफाइनल में दूसरे और तीसरे सेट में पीछे चलने के बावजूद जेनिफर कैप्रियाती को हराकर उन्होंने विश्व टेनिस में अपनी उपस्थिति पुरजोर तरीके से दर्ज कराई। सौ हफ्ते से ज्यादा विश्व रैकिंग में नंबर वन रही हेनिन ने 41 एकल खिताब, 2004 ओलंपिक में स्वर्ण पदक और दो करोड़ डालर पुरस्कार के तौर पर जीते है। पिछले साल सेरेना और फिर वीनस को हराकर अमेरिकी ओपन जीतने वाली हेनिन विलियम्स बहनों को हराकर कोई बड़ा खिताब जीतने वाली पहली महिला भी है।
बिली जीन किंग ने हेनिन के बारे में कहा, 'जस्टिन अपनी पीढ़ी की महानतम खिलाड़ियों में से है। वह असली चैंपियन है। टेनिस में भी और जिंदगी में भी।' कोर्ट पर वापसी के सवालों पर हेनिन ने कहा, 'जब मैं कुछ तय करती हूं तो इरादा बदलती नहीं। पिछला फ्रेंच ओपन मेरे लिए बेहतरीन था। मेरा परिवार दर्शक दीर्घा से मेरी हौसलाअफजाई कर रहा था। यह अद्भुत अहसास था जिसे मैं जीना चाहती हूं।'