
लंदन। आठ ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले अमेरिकी टेनिस स्टार आंद्रे अगासी द्वारा प्रतिबंधित दवा के सेवन की सनसनीखेज बात स्वीकार करने के बाद विश्व डोपिंग निरोधी संस्था [वाडा] ने इस मामले में पेशेवर टेनिस संघ [एटीपी] से सफाई मांगी है।
वाडा ने एटीपी से पूछा है कि आखिर अगासी के साथ पक्षपात करने के संबंध में उस पर लगे आरोप कितने सच है और अगर अगासी ने वाकई प्रतिबंधित दवा का सेवन किया था, तो उनके खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की गई थी। अगासी ने अपनी आत्मकथा में स्वीकार किया है कि उन्होंने अपने करियर के एक दौर में प्रतिबंधित दवा का सेवन किया था। अगासी के मुताबिक वह डोप टेस्ट में नाकाम हो गए थे लेकिन टेनिस अधिकारियों से झूठ बोलकर वह लंबे प्रतिबंध से बच गए थे। अगासी ने अपनी जीवनी में लिखा है कि उन्होंने 1997 में 'क्रिस्टल मेथामपेथामाइन' नाम की प्रतिबंधित दवा का सेवन किया था लेकिन उन्होंने एटीपी के अधिकारियों को यह स्वीकार करने के लिए तैयार कर लिया था कि उन्होंने गलती से उस दवा का सेवन किया था।
वाडा ने इस बात को लेकर चिंता जाहिर की है कि अगर अगासी ने खुद यह बात स्वीकार नहीं की होती, तो एटीपी इस सच को कभी सामने नहीं आने देता। वाडा के अध्यक्ष जॉन फाहे ने कहा, 'वाडा ने एटीपी से कहा है कि वह अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर सफाई पेश करे। हम एटीपी से सच कबूल करने की अपेक्षा कर रहे है।' अगासी की जीवनी 'ओपन' के हिस्सों को सिलसिलेवार प्रकाशित किया है। अगासी लिखते है, 'जब डाक्टरों ने मुझसे कहा कि मैं डोप टेस्ट में नाकाम हो गया हूं, तब मुझे लगा कि मेरा करियर, नाम, शोहरत और यहां तक कि सबकुछ दांव पर लग गया है। मुझे लगा था कि सबकुछ पल भर में खत्म होने वाला है लेकिन इसके बाद मैंने एटीपी को एक झूठा पत्र लिखकर यह स्वीकार करने के लिए तैयार कर लिया है कि मैंने गलती से उस दवा का सेवन किया था।'
अगासी ने एटीपी को लिखा कि उन्होंने एक ऐसा पेय पदार्थ ग्रहण किया था, जिसमें क्रिस्टल मेथामपेथामाइन का अंश था। अगासी के मुताबिक उन्होंने सच और झूठ का तानाबाना तैयार करके एटीपी को यह बताया कि इसमें उनकी कोई गलती नहीं क्योंकि वह प्रतिबंधित दवाओं के सेवन के पूर्ण खिलाफ है। एटीपी ने अगासी की बात को सच मानकर उन पर तीन महीने का प्रतिबंध लगाया था लेकिन इस मामले का खुलासा नहीं किया गया कि उन्होंने क्रिस्टल मेथामपेथामाइन जैसी दवा का सेवन करने जैसा गंभीर अपराध किया है।