काठमांडू के कई सुकून भरे अहसास हैं- चलते-चलते रुककर गुलाब की खुशबू से सराबोर होना, पुरानी इमारतों को देखते-देखते इतिहास में खो जाना, थामेल में पारंपरिक तरीके से जमीन पर बैठकर भोजन के स्वाद में डूब जाना या फिर बस पुराने शहर के पथरीले रास्तों पर यूं ही तफरीह करते रहना
लंगकावी को केदाह का मोती कहा जाता है। यह दरअसल अंडमान समुद्र में 99 द्वीपों को एक द्वीपसमूह है। इसकी अनूठी प्राकृतिक संरचना का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस द्वीप समूह में पांच अन्य द्वीप ऐसे भी हैं जो केवल भाटे के समय नजर आते...
सालाना अमरनाथ यात्रा चरम पर है। 1 जुलाई से शुरू हुई यात्रा 24 अगस्त तक चलेगी। अभी तो नहीं लगता कि कश्मीर घाटी में चल रहे तनाव का कोई असर अमरनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और जोश पर पड़ा है। लाख से ज्यादा लोग पहले ही 3888 मीटर की ऊंचाई पर स्थित गुफा में अपने शीश नवा चुके हैं।
कुदरत ने अनेकानेक नयनाभिराम वादियां, रंग बिरंगे वृक्ष फूल-पत्तों, इठलाकर गिरते झरनों, उडते बादलों, चहचहाते पक्षियों की खुशनुमा रचना की है। मौसम व बारिश के सतरंगों से सजा आसमान, उडती धुंध व अलसुबह कितने ही शेड्स के फूल पत्तों पर बिखरी...
वैसे तो मैं दस दिन की छुट्टियां मनाने के लिए ट्यूनीसिया (अरबी नाम तूनिसिया) गया था, लेकिन आइसलैंड के ज्वालामुखी के यूरोपीय आकाश पर कब्जा जमा लेने के कारण जब कई दिनों के लिए सारे हवाई जहाज धराशायी हो गए, तो मुझे वहां पंद्रह दिन गुजारने पडे।...
दिल्ली की उमस भरी गरमी में लैंसडाउन का ख्याल आते ही कुछ देर के लिए ही सही लेकिन मन को सुखद एहसास होता है। हाल ही में लखनऊ से आए बडे भाई डा. विजय गैरोला, भाभी डा.मधु गैरोला ने किसी हिल स्टेशन पर जाने की इच्छा जाहिर की तो मैंने उनके सामने...
उड़ीसा के भुवनेश्वर, कोणार्क व पुरी में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु व पर्यटक आते हैं। इसी कारण इसे पर्यटन का स्वर्णिम त्रिभुज कहा जाता है। पुरी में सुपन्सिद्ध जगन्नाथ धाम है तो कोणार्क में सूर्य मंदिर और भुवनेश्वर तो पुराने व नवीन का मिला-जुला रूप है
सैन फ्रांसिस्को हवाई अड्डा दुनिया के सबसे व्यस्त हवाईअड्डों में से एक है। लेकिन इसकी खासियत केवल इसका व्यस्त होना ही नहींहै। यहां दुनिया का सबसे बडा यात्री विमान एयरबस ए-380 तो उतर ही सकता है, लेकिन यात्रियों को यहां मिलने वाली सुविधाएं...
साल 2010 की मेरी शुरुआत भी हमेशा की तरह न्यू ईयर रेजोल्यूशंस के साथ हुई। इनमें से एक था- केरल की यात्रा। व्यस्त जिंदगी के बावजूद मुझे केरल जाने का मौक़ा जल्दी ही मिल गया। सात दिन की इस यात्रा में जो शानदार अनुभव मुझे हुए, उन्हें मैं आपके साथ बांटने जा रही हूं..