जागरण यात्रा

दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर मथुरा से (वाया गोवर्धन) 47 किलोमीटर दूर बरसाना की लट्ठमार होली में अन्य स्थानों की होली के अनुरूप रंग-अबीर व नृत्य-संगीत के अलावा लाठियों से होली खोलने की जो विशिष्टता है वह इस बात की द्योतक है कि राधा-कृष्ण की इस...
सिटी ऑफ फोर सीजंस के रूप में मशहूर ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर की पहचान बौद्धिक शहर के रूप में है। वहां का शांत और शालीन वातावरण, लोगों की अनुशासनप्रियता और पढ़ने-लिखने वालों के लिए सुविधाएं सबके लिए आकर्षण का केंद्र हैं। इस शहर के बारे में निशिकांत ठाकुर का वृत्तांत
महानगरों की आपाधापी से दूर और इतना दूर भी नहीं हैं- दादरा व नागर हवेली। एक नाम जो सामान्य ज्ञान की किताबों से ही जाना-समझा। सिलवासा वहां की ही राजधानी है। विशाल कतारबद्ध पेडों के बीच गुजरती सडकें, क्षितिज तक फैली छोटी-छोटी पहाडियां,...
कौसानी के बारे में 11 जुलाई 1929 के यंग इंडिया में महात्मा गांधी ने लिखा था, मैं साश्चर्य सोचता हूं कि इन पर्वतों के दृश्यों व जलवायु से बढकर होना तो दूर रहा, बराबरी भी संसार का कोई अन्य स्थान नहीं कर सकता। हमारे देशवासी स्वास्थ्य लाभ के...
रेलयात्रा के दौरान नशाखुरानी एक गंभीर समस्या बनकर सामने आई है। रेलों में नशाखुरानी के अनेक गिरोह सक्रिय हैं। प्राय: प्रतिदिन किसी न किसी ट्रेन में नशाखुरानी गिरोह के सदस्य छल-कपट करके भोले-भाले यात्रियों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। फिर...
देवभूमि उत्तराखंड में स्थित अनेकों देवस्थलों में दैवीय-शक्ति व आस्था के अद्भुत केंद्र बने पूर्णागिरि धाम की विशेषता ही कुछ और है। जहां अपनी मनोकामना लेकर लाखों लोग बिना किसी नियोजित प्रचार व आमंत्रण के उमड पडते हैं जिसकी उपमा किसी भी...
दमन को देश के पश्चिमी तट पर सबसे आसानी से देखा जा सकता है। दमनगंगा नदी के अरब सागर से मिलन के ठीक मुहाने पर खडा है दमन शहर। देश के तमाम लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के सामने नामालूम सा प्रतीत होता दमन अपनी खूबसूरती के चलते आपके लिए खासी माफिक...
हम माले के अहमदी बाजार में राजधानी की सबसे बडी एंटीक व सोवेनियर दुकान में थे। सारे सेल्समैन मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद द्वारा एक दिन पहले कोपेनहेगन में विश्व जलवायु सम्मेलन में दिए गए भाषण को बडे ध्यान से सुन रहे थे। ईमानदारी से...
जैसे भीष्म पितामह नहीं होते, तो महाभारत नहीं होता, वैसे ही बिली अर्जन सिंह नहीं होते तो दुधवा नहीं होता। यह बात नसीम गाइड ने हमसे कही थी। दुधवा के अनुभवी गाइड, नसीम ही हमें बिली सर के घर ले गए थे। बात पिछले ही महीने यानी बीते साल...
कई दिनों से दिल्ली से बाहर जाने की योजना बना रहे थे लेकिन काम की व्यस्तता के चलते यह संभव नहीं हो पा रहा था। बचपन से वाइल्ड लाइफ का शौक था तो सोचा कि क्यों न इस बार जिम कार्बेट जाया जाए। आफिस में बॉस को किसी तरह से छुट्टी के लिए राजी किया...
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