जागरण यात्रा

घूमने-फिरने का शौक हो और जेब में थोडा वजन हो तो इस दुनिया के ऐसे अनूठे रंग आप देख सकते हैं जिनके बारे में ज्यादातर लोगों ने सुना भी नहीं होता। ठहरने की नायाब जगहों के क्रम में इस बार हम जिक्र कर रहे हैं एक ऐसी होटल का जो होटल नहीं बल्कि कला का...
इंडोनेशिया दुनिया में सबसे ज्यादा मुसलिम आबादी वाला देश है। लेकिन यहां जाने वाले विदेशी सैलानियों में से चालीस फीसदी हिंदू द्वीप बाली जाते हैं। बाली में पहले 2002 में और फिर 2005 में बम धमाके हुए थे। आतंकवादियों की इस करतूत के चलते यहां सैलनियों...
1.स्पाल्डिंग फ्लावर फेस्टिवल, स्प्रिंगफील्ड्स, स्पाल्डिंग, इंग्लैंड, 3 मई 2008.फूलों का यह जलसा 1959 में शुरू हुआ था। हर साल ढाई लाख से ज्यादा लोग इसमें शिरकत करते हैं। इसे खास ट्यूलिप फूलों का जश्न भी कहा जा सकता है। इस मौके पर निकलने...
लाहौर। बचपन से ही मन में बसा एक नाम-बडा मजबूत सा-शायद लोहा से मिलता-जुलता होने के कारण, जैसे बचपन में कराची और रांची मेरे लिए एक ही जगह थी। मां ने जब बताया कि रांची हिन्दुस्तान में और कराची पाकिस्तान में है तो उस समय भी लगा कि इतने एक जैसे नाम दो...
पिछले साल एक गैर सरकारी कवायद में दुनिया के जो नए सात आश्चर्य चुने गए थे, पेरू में माचू-पिच्चू के शिखर भी उनमें से एक थे। ये शिखर इंका सभ्यता के अवशेषों को अपने में समेटे हुए हैं। इन्हीं की यात्रा कराती है एक राजसी ट्रेन। ज्यादातर लोगों के लिए...
आइए, एक रोमांचक यात्रा के हमसफर बनें। मनाली से पचास किलोमीटर दूर तेरह हजार दो सौ छियासठ फुट ऊंचाई की ओर एक 52 सीटर बस जा रही है। यात्रियों से भरी बस में कुछ यात्री खडे भी हैं। दुर्गम पहाडियों को अथक मेहनत से काट कर बनाई सडक के दोनों तरफ बर्फ बिछी...
खुले आकाश में पंछियों की तरह उडना, ऊंचे-ऊंचे पहाडों की चोटियों को छूना या बर्फीली वादियों में अठखेलियां करने का मजा और रोमांच लोगों को साहसिक पर्यटन की ओर आकर्षित करते हैं। यही वजह है कि देश के पर्यटन मानचित्र पर कुछ ऐसे स्थान बहुत तेजी से उभरे...
सिक्किम टूरिज्म कंचनजंघा माउंटेन ट्रैकिंग कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। यह कार्यक्रम 1 से 31 मई के बीच होगा। पश्चिम सिक्किम में सोरेंग को इस कार्यक्रम का बेस कैंप बनाया गया है। दस दिन के इस ट्रैकिंग कार्यक्रम के लिए 1 से 21 मई तक रोजाना एक ग्रुप...
चीन कई मायनों में भारतीय संस्कृति का सहोदर है। भारत और चीन को जोडने वाले सबसे बडे सूत्र हैं-भगवान बुद्ध। बुद्ध के प्रति पूरे चीन में जिस तरह की आस्था है, वहां के नागरिकों के भारतीयों के प्रति व्यवहार में उसका प्रतिबिंब झलकता है। उनके शब्दों में-...
1. पांच महीने बाद निकला तो सूरज लगभग आधे साल तक सूरज के दर्शन ही न हों, सुनने में लगता तो बडा अजीब है, लेकिन यह हमारी प्रकृति की कलाकारी है। उत्तरी ध्रुव से छह सौ मील दूर लांगईयरबायन द्वीप के लगभग दो हजार बाशिंदों ने अक्टूबर के बाद पहली...
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