1.ताज महोत्सव, आगरा, 18-27 फरवरी 2009.
सूरजकुंड मेले की ही तरह ताज महोत्सव भी शिल्प, कला, संगीत व स्वाद के मिश्रण का आयोजन है। बसंद के आते-आते ताज नगरी आगरा में सारे रंग बिखर जाते हैं। महोत्सव ताजमहल के ठीक निकट शिल्पग्राम में...
हिमालय के बेटे हिमाचल प्रदेश की गोद में बसे मणिकर्ण की सुंदरता देश विदेश के लाखों प्रकृति प्रेमी पर्यटकों को बार-बार बुलाती है। खास तौर पर ऐसे पर्यटक जो चर्म रोग या गठिया जैसे रोगों से परेशान हों यहां आकर स्वास्थ्य सुख पाते हैं। ऐसा माना जाता है...
पैलेस ऑन व्हील्स पहले से दुनिया में पहियों पर शाही मेजबानी के मानक स्थापित कर चुकी है। अब उसकी शानो-शौकत को चुनौती उसी के घर से मिल रही है। राजस्थान टूरिज्म [आरटीडीसी] और भारतीय रेल ने मूल गाडी की लोकप्रियता से उत्साहित होकर अब नई रॉयल राजस्थान...
चीनी कैलेंडर में यह ईयर ऑफ ऑक्स [बैल] है। इसकी धमक हांगकांग में सुनाई दे रही है, खास तौर पर ओशन पार्क में। धमक ऐसी कि अस्सी लाख डॉलर तक के तोहफे दिए जा रहे हैं जिनमें कार, सियोल के हवाई टिकट और न जाने क्या-क्या शामिल है। इसके लिए करना बस इतना...
पेडों पर आशियाने की कल्पना कभी बीहड लगती है तो कभी बडी रोमांटिक। लेकिन पेडों पर आशियाना तमाम सहूलियतों वाला हो तो वहां टिकने का मन किसका न करेगा। अमेरिका के ओरेगोन में खूबसूरत दक्षिणी इलाके में ऐसा ही एक ट्रीहाउस रिसॉर्ट है। आउट एन अबाउट अब...
बर्लिन व हैम्बर्ग के बाद म्यूनिख जर्मनी का तीसरा सबसे बड़ा शहर है। इस शहर ने अपना सूत्र वाक्य रखा है म्यूनिख आपको पसंद करता है। वर्ष 2006 से पहले यह था दिल वाला विश्व शहर। सूत्रवाक्य भले ही बदला हो, म्यूनिख अब भी उतना ही जिंदादिल है। यहां के बीयर फेस्टिवल की तो दुनिया दीवानी है
पहली बार हिंदुस्तानी जमीन और पानी में हलचल मचाने के बाद वोल्वो ओशियन रेस कोच्चि से सिंगापुर के लिए रवाना हो गई। भारत और खास तौर पर केरल के लिए इसकी अहमियत किसी की भी जीत-हार से नहीं बल्कि पर्यटन के उस मौके से है जो यह रेस अपने साथ लेकर आई।...
भारतीय सैलानी स्विट्जरलैंड में इंटरलाकेन को हमेशा से एक परफेक्ट पर्वतीय स्थल के रूप में जानते आए हैं। लेकिन इंटरलाकेन दो झीलों से भी घिरा है-लेक ब्रेंज और लेक थुन। दोनों ही झीलें बेहद सुंदर हैं। झीलों के जगमगाते पानी में कई छोटे-मोटे जहाज चलते...
ओरछा को दूसरी अयोध्या के रूप में मान्यता प्राप्त है। यहां पर रामराजा अपने बाल रूप में विराजमान हैं। यह जनश्रुति है कि श्रीराम दिन में यहां तो रात्रि में अयोध्या विश्राम करते हैं। शयन आरती के पश्चात उनकी ज्योति हनुमानजी को सौंपी जाती है, जो रात्रि...