बड़े-छोटे होटल, ब्रांडेड बाजार, ट्रैफिक की चिल्लपौं में घूमने, थकने, फिर पछताने का मजा तो आप काफी ले लेते हैं, अब जरा जिंदगी में सुकून की तलाश में चला जाए। कुछ दिन के लिए कहीं और.. ऐसी जगह जहां आप महज गुनगुना नहीं बल्कि खुलकर गा सकें- दिल ढूंढता है फिर वही फुरसत के रात दिन..
बेतवा नदी के किनारे बना उच्चकोटि की वास्तुकला का नमूना राजा भोज के मुख्य वास्तुविद और अन्य विद्वान वास्तुविदों के सहयोग से तैयार हुआ। इसे भोजेश्वर मंदिर भी कहा जाता है।
मंदिर की विशालता का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसका चबूतरा 35 मीटर लंबा है।
जापान का हमेशा से खास आकर्षण रहा है। हम काम के अनुशासन से लेकर ईमानदारी तक में जापानियों के उदाहरण दे-देकर खुद को उकसाते रहे हैं। जापान को रंक से राजा बनने की मिसाल के तौर पर देखा जाता है। जापान को देखना चाहिए, यह जानने के लिए कि महज 63 साल पहले हिरोशिमा व नागासाकी के गुबार में ध्वस्त हुआ देश कैसे दुनिया को विकास की रोशनी दिखा रहा है, भले ही वह एक पीढ़ी की कुर्बानी देकर इसकी कीमत भी चुका रहा है।
डुंडलोद स्थित गोयनका हवेली खुर्रेदार हवेली के नाम से प्रसिद्ध है। स्थापत्य का अप्रतिम उदाहरण इस हवेली का निर्माण उद्योग कर्मी अर्जन दास गोयनका द्वारा करवाया गया था जो अपने समय के सुविज्ञ और दूरदर्शी थे। व्यापार-व्यवसाय से जुडे होने के बावजूद वे...
नीरमहल की सुंदरता में लगेंगे चार चांद
नाम से ही साफ है-पानी में बना महल यानी नीरमहल। पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में बना यह शानदार महल त्रिपुरा के तत्कालीन राजाओं की गरमियों की सैरगाह रहा है। अब इस महल और आस-पास की...
हिमालय का अलौकिक सौंदर्य, उससे निकलती कल-कल छल-छल नदियों का संगम, मीलों तक फैला वन क्षेत्र और सुरम्य घाटियां उत्तराखंड की सबसे बड़ी धरोहर हैं। प्रकृति का ये अनुपम उपहार उसे शेष दुनिया से अलग पहचान देता है यही वजह है कि यहां हर मौसम में सैलानियों की आवाजाही रहती है। गढ़वाल की ऊंचाइयों में प्रकृति के हाथों बेहिसाब सुंदरता बिखरी पड़ी है।
ठहरने-घूमने की अजीबोगरीब जगहों की कडी में इस बार हम जिस जगह का जिक्र कर रहे हैं, वह वाकई कुछ ज्यादा ही अजीब है। उसक बारे में जानकर कुछ लोग नाक-भौं भी सिकोड सकते हैं। आखिर, जिराफ के घर से लेकर कंदराओं और समुद्र की गहराइयों के बाद अगर हम आपसे एक...
राजस्थान का शेखावटी इलाका अपनी भव्य, विशाल और आकर्षक हवेलियों और उनकी दीवारों पर बनाए
गए शानदार चित्रों के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। नवलगढ़, रामगढ़, महनसर, मंडावा, डूंडलोद, मण्ड्रेला, सीकर, झुंझुनूं, चुरू, मुकुंदगढ़, चिड़ावा, सूरजगढ़ और फतेहपुर की हवेलियों अपने आप में अद्भुत कला दीर्घा हैं।
धरती की सतह से ऊपर पहाडियों में बनी गुफाओं से निकलकर इस बार आ जाएं नीचे.. जमीन पर नहीं, बल्कि उससे भी नीचे यानी समुद्र की गहराइयों में। रोमांचप्रेमियों के बीच समुद्र में गोताखोरी, स्नोर्कलिंग या स्कूबा डाइविंग आजकल खासी लोकप्रिय हो रही है। लेकिन...