नजारा कंचनजंघा का

 
Apr 27, 03:24 am

सिक्किम टूरिज्म कंचनजंघा माउंटेन ट्रैकिंग कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। यह कार्यक्रम 1 से 31 मई के बीच होगा। पश्चिम सिक्किम में सोरेंग को इस कार्यक्रम का बेस कैंप बनाया गया है। दस दिन के इस ट्रैकिंग कार्यक्रम के लिए 1 से 21 मई तक रोजाना एक ग्रुप रवाना होगा। इस तरह 21 मई को रवाना होने वाला ट्रैकिंग दल 31 मई को अपना सफर खत्म करेगा। इस ट्रैकिंग कार्यक्रम के लिए पश्चिमी सिक्किम की सिंगालिला श्रृंखलाओं को चुना गया है जो न केवल दुनिया की तीसरी और भारत की सबसे ऊंची चोटी कंचनजंघा का बेहद खूबसूरत नजारा दिखलाती हैं बल्कि प्राकृतिक संपदा के लिहाज से भी बेहद संपन्न है। इस कार्यक्रम में देश-विदेश के ट्रैकर्स हिस्सा ले सकते हैं। इस कार्यक्रम की फीस प्रति व्यक्ति ढाई हजार रुपये है। आपको सिर्फ बेस कैंप सोरेंग आने-जाने का खर्चा उठाना होगा। रहना, खाना, गाइड, चिकित्सा देखरेख आदि फीस में शामिल है। सिक्किम को देखने का यह बेहद शानदार मौका है। हालांकि ट्रैक के दौरान अधिकतम 3696 मीटर की ऊंचाई छू ली जाएगी लेकिन ट्रैक बहुत मुश्किल नहीं है। आप मेडिकली फिट हैं तो इस ट्रैक पर जा सकते हैं। सीटें सीमित हैं और पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर ही जगह मिलेगी। रोमांचप्रेमी इस मौके को गंवाना बिलकुल नहीं चाहेंगे।

   बढ रही है बाली जाने वालों की संख्या

   इंडोनेशिया दुनिया में सबसे ज्यादा मुसलिम आबादी वाला देश है। लेकिन यहां जाने वाले विदेशी सैलानियों में से चालीस फीसदी हिंदू द्वीप बाली जाते हैं। बाली में पहले 2002 में और फिर 2005 में बम धमाके हुए थे। आतंकवादियों की इस करतूत के चलते यहां सैलनियों की संख्या में थोडी गिरावट आई थी, जिसने अब फिर से ठीक-ठाक रफ्तार पकड ली है। फरवरी में इंडोनेशिया आने वाले सैलानियों की संख्या में पिछले साल की तुलना में 16 फीसदी का इजाफा हुआ। लेकिन बाली में यह इजाफा पिछले साल फरवरी की तुलना में 29.59 फीसदी था। इसी से इंडोनेशिया के पर्यटन मानचित्र पर बाली की अहमियत का पता चल जाता है। इंडोनेशिया में पर्यटन के लिहाज से विविध आकर्षण हैं- इसमें जंगलों से लेकर समुद्र तट तक और ज्वालामुखी से लेकर प्राचीन मंदिरों तक सब शामिल है। विदेशी सैलानियों की संख्या को 2008 में सत्तर लाख पहुंचाने के इरादे से ही इस साल विजिट इंडोनेशिया ईयर 2008 मनाया जा रहा है। हालांकि फरवरी में आई जबरदस्त बाढ से कई घंटों तक जकार्ता हवाईअड्डे के बंद रहने और राजधानी के सडकों पर अफता-तफरी मचने के चलते इस अभियान को खासा झटका भी लगा था लेकिन अब इससे उबरने की तैयारी है। बाली अपने मंदिरों और समुद्र तटों, दोनों ही के लिए भारतीय सैलानियों में भी खासा लोकप्रिय है।

   नए अंदाज हनीमून के

   स्विट्जरलैंड का नाम ही लोगों के दिलों में थोडी थिरकन पैदा कर देता है। जिसके मिजाज में थोडी भी घुमक्कडी होगी वह जिंदगी में एक बार स्विट्जरलैंड जाने की हसरत जरूर रखता होगा। हनीमून पर जाने वालों के लिए तो वह धरती पर स्वर्ग सरीखा है। इसलिए अगर आप स्विट्जरलैंड जा रहे हैं और वहां किसी रोमांटिक जगह की तलाश कर रहे हैं तो मरेन का कार-मुक्त रिसॉर्ट एक बढिया विकल्प है। मोटर कारें वहां जाती नहीं इसलिए केबलकार वहां पहुंचने का बढिया रास्ता है। शिलथोर्न केबलवे और चैलेट होटल मिलकर एक रोमांटिक पैकेज दे रहे हैं जिसमें होटल में एक रात और केबलकार से स्टेशलबर्ग से मरेन तक आना-जाना शामिल है। इतना ही नहीं होटल में कैंडललाइट डिनर, मरेन से शिलथोर्न तक आना-जाना और तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर माउंट शिलथोर्न पर घूमते रेस्तरां पिज ग्लोरिया में नाश्ते का लुत्फ भी पैकेज में शामिल है। इससे मन नहीं भरता हो तो गोर्नेग्रात में भी तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर स्थित कुल्महोटल में आसपास की बर्फीली चोटियों और ग्लेशियरों को निहारते हुए हनीमून मनाना बेहद रोमांचक और यादगार अनुभव हो सकता है।

   नापें पहाडों के रास्ते

   हर साल की गरमियों की तरह वादियों दामन फैलाये आपका स्वागत करने के लिए तैयार हैं। कश्मीर से अरुणाचल तक हिमालय के आगोश में समा जाने के लिए हजारों की संख्या में रोमांचप्रेमी ट्रैकिंग के लिए निकल पडते हैं। हर साल की ही तरह यूथ होस्टल एसोसिएशन ऑफ इंडिया गरमियों में कई ट्रैकिंग कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इनमें हर उम्र व मिजाज के लोगों के लिए अलग-अलग कार्यक्रम हैं। रोमांच प्रेमियों के लिए सार पास, सौरकुंडी पास और केदारकांटा जैसे थोडे मशक्कत वाले ट्रेकिंग कार्यक्रम हैं तो सुकून पसंद वालों के लिए हर साल की ही तरह कुल्लू के निकट फैमिली कैंपिंग का आयोजन है। दस से पंद्रह साल वालों के लिए कुल्लू व डलहौजी में नेचर स्टडी कैंप हैं और गति व रोमांच के मेल में यकीन रखने वालों के लिए कुल्लू में माउंटेन बाइकिंग कार्यक्रम भी है। अप्रैल से जून तक चलने वाले इन तमाम कार्यक्रमों के अवधि भी अलग-अलग है और खर्चा भी।




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