
यह देश आकार में बेहद छोटा सही, लेकिन इसका व्यक्तित्व बेहद शानदार है। इटली, ऑस्ट्रिया, हंगरी व क्रोएशिया से घिरा स्लोवेनिया एक समय में ऑस्ट्रो-हंगेरियन साम्राज्य का हिस्सा हुआ करता था। हाल में कुछ सालों पहले तक वह यूगोस्लाविया के छह सदस्य गणराज्यों में से था। अब वह एक आजाद देश है। अतीत में स्लोवेनिया के अलग-अलग भौगोलिक हिस्से कई पडोसी देशों के प्रभुत्व में रहे हैं। इसलिए वहां कई तरह की संस्कृतियां का मिश्रण दिखाई देता है। यहां की जीवन पद्धतियों और आर्थिक गतिविधियों में भी इसी तरह की विविधता देखने को मिल जाएगी। यह मिश्रण ही आज के स्लोवेनिया की पहचान है।
यूरोप के इस नन्हे शिशु (इसे 1991 में ही आजादी मिली है)का इतिहास बेहद समृद्ध और विविध रहा है। यहां आपको यूरोपीय परंपराओं और ऐतिहासिक पुरातत्व की कई सदियों की छाप मिल जाएगी। कहा जाता है कि यूरोप की सारी खासियतों को एक में मिला दिया जाए तो वह स्लोवेनिया का रूप बन जाता है। यहां के लोग अपनी मूल भाषा के अलावा अंग्रेजी, जर्मन व इटालियन में भी आपकी आगवानी करते मिल जाएंगे। इसीलिए कहा जाता है कि यूरोप में अगर स्विट्जरलैंड का कोई भाई है तो वह स्लोवेनिया ही है। हालांकि कई लोग स्लोवेनिया को स्लोवाकिया से भ्रमित कर लेते हैं। पूर्व चेकोस्लोवाकिया का हिस्सा रहा स्लोवाकिया अपनी प्रकृति में स्लोवेनिया से काफी अलग है।
स्लोवेनिया आकार में बहुत छोटा है, महज बीस हजार वर्ग किलोमीटर से कुछ ज्यादा। यानि हमारे मिजोरम राज्य के लगभग बराबर। हमारे यहां के 23 राज्य स्लोवेनिया से बडे हैं। लेकिन इस छोटे से देश में प्रचुर मात्रा में पर्वत हैं, नेशनल पार्क हैं, ऐतिहासिक शहर हैं, पत्थरों के भग्नावशेष सरीखे गांव हैं, खुले एल्पाइन पठार हैं, अद्भुत भूमिगत गुफाएं हैं, कंदराओं से निकलती उफनती नदियां हैं, सूरज की रोशनी से नहाया भूमध्य सागर का तट है प्रख्यात लिपिका घोडे हैं (जो कभी विएना में स्पेनिश राइडिंग स्कूलों को भेजे जाते थे)। सालभर चलने वाले तमाम तरह के आयोजन हैं, किले हैं, संग्रहालय हैं.. सूची बहुत लंबी है। यहां के आधे इलाके में जंगल हैं और उनमें कई दुर्लभ किस्में सुरक्षित हैं।
सैलानियों के लिए वहां इतनी तरह की गतिविधियां हैं, आकर्षण हैं, और अनुभव हैं कि दिन गुजरते पता नहीं चलेगा। शांत और सुखद इतना कि यूरोप आने वाले कई सैलानी स्लोवेनिया को अपना बेस बनाकर आसपास के देश घूमते हैं। सुविधा व किफायत, दोनों ही लिहाज से अनुकूल। सवेरे आप स्कीइंग करके दोपहर तक एड्रियाटिक समुद्र के तट पर धूप में पसर सकते हैं। यहां से वेनिस महज दो घंटे की ड्राइव पर है। यानि आप दिनभर वेनिस घूमकर शाम को फिर हो-हल्ले से दूर सुकूनभरे स्लोवेनिया में आ सकते हैं। यहां का भोजन और वाइन, दोनों ही अवार्ड विजेता रहे हैं।
क्या करें-देखें
अपनी प्रकृति को बचाने को लेकर स्लोवेनिया हमेशा बेहद सतर्क रहा है। उसने 1924 में ही अपने यहां राष्ट्रीय पार्क स्थापित कर दिया था। ऐसा करने वाला उस समय वह यूरोप का पांचवा देश था। स्लोवेनिया में राष्ट्रीय स्तर पर एक नेशनल पार्क (ट्रिग्लेव नेशनल पार्क), दो क्षेत्रीय पार्क (कोजांस्की पार्क और स्कोजन गुफाएं), तीन लैंडस्केप पार्क और एक नेशनल रिजर्व है। पालिका स्तर पर एक क्षेत्रीय पार्क और पूरे स्लोवेनिया में फैले 34 लैंडस्केप पार्क हैं। हाल के सालों में स्की रिजॉर्ट स्लोवेनिया में पर्यटन का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। बर्फबारी के रूप में प्रकृति की उदारता और स्की रिजॉर्ट पर स्की लिफ्ट सरीखी सुविधाओं में खासा सरकारी निवेश इसके प्रमुख कारण हैं। आप किसी भी स्लोवेनियाई को बीच राह में रोककर देश का राष्ट््रीय खेल पूछ लेंगे तो वह बेझिझक बोलेगा स्कीइंग।
स्लोवेनिया में स्कीइंग की परंपरा का इतिहास 1549 से ही देखने को मिल जाता है। माउंट कैनिन के स्कीइंग स्लोप पर मई के महीने तक स्कीइंग की जा सकती है, यहां इतनी बर्फ रहती है। अच्छा बर्फ गिरे तो सामान्यता स्कीइंग सीजन स्लोवेनिया में 150 दिन तक रहता है (यानि साल में आधे दिनों से थोडा कम)। स्लोवेनिया के दूसरे सबसे बडे शहर मारिबोर के पास मारिबोस्र्को पोहेर्जे ढलानों पर तो एल्पाइन स्कीइंग विश्व कप की प्रतिस्पर्धाएं होती हैं।
स्लोवेनिया अपने स्पा टूरिज्म और गरम पानी के सोतों के लिए भी काफी जाना जाता है। यहां के प्राकृतिक झरनों में पानी का तापमान और उसकी खूबियां भी अलग-अलग हैं। रांदेस्का और दोनात का मैग्नेशियम से संपन्न पानी दुनियाभर में प्रसिद्ध है। स्लोवेनिया में ज्यादातर प्रमुख स्पा पहाडियों में ऐसे ही सोतों के असपास मिलेंगे। वहां प्रकृति के बीच में हर किस्म की शुद्धता के साथ सेहत बनाने का मजा ही कुछ और है। ज्यादातर स्पा पारंपरिक स्लोवेनियाई चिकित्सा पद्धतियों का इस्तेमाल करते हैं। इसीलिए समूचे यूरोप में स्लोवेनिया की ख्याति स्कीइंग के अलावा अपने स्पा के लिए भी है।
इनके अलावा ब्लेड झील है जिसे ज्वेल ऑफ जूलियन आल्प्स भी कहा जाता है। दो किलोमीटर से ज्यादा लंबी और सवा किलोमीटर से ज्यादा चौडी यह झील कहीं-कहीं पर तीस मीटर तक गहरी है। झील की पृष्ठभूमि में बर्फ से लदे पहाड, आसपास गरम सोतों से आता पानी और झील के बीच में छोटा सा द्वीप (जिसपर बना है एक छोटा सा किला) इस पूरे इलाके को बेपनाह खूबसूरत बनाते हैं, मानो कोई पेंटिंग सामने रख दी गई हो। ब्लेड को इसीलिए स्लोवेनिया की सबसे खूबसूरत पहचान और सबसे लोकप्रिय टूरिस्ट स्थल माना जाता है।
मौसम
स्लोवेनिया में साल में दो हजार घंटे चमकदार धूप खिली रहती है। सर्दियों में बर्फ भी खूब गिरती है। औसत तापमान जनवरी में -2 डिग्री सेल्शियस से लेकर जुलाई में 21 डिग्री सेल्शियस के बीच रहता है। ट्रिग्लेव यहां का सबसे ऊंचा पर्वत है- 2864 मीटर ऊंचा। इसके नाम का मतलब है तीन सिर। लेकिन यह यहां का वास्तविक राष्ट्रीय प्रतीक है। सेना के जवानों की बाजुओं से लेकर देश के झंडे तक में इस पर्वत की छवि मिल जाती है।
भोजन व खान-पानछोटे से देश में कई संस्कृतियों के मिश्रण के चलते स्लोवेनिया के खान-पान में भी यही विविधता देखने को मिल जाती है। यहां के कई प्रमुख भोजन पारिवारिक परंपराओं पर आधारित हैं। ठंडा देश होने के कारण यहां के ज्यादातर व्यंजनों में गोश्त शामिल होता है, लेकिन शाकाहारियों को भी स्लोवेनियाई भूमध्यसागर इलाके में सबसे बढिया सब्जियां, मध्य स्लोवेनिया में कॉटेज चीज, सेब, वालनट आदि से बने व्यंजन और प्रेकमुर्जे इलाके में आटे से बने तमाम तरह के पकवान मिल जाएंगे। प्रिमोस्र्का क्षेत्र में पास्ता की कई किस्में मिल जाएंगी तो ब्लेड में आप ब्लेड क्रीम केक खाना न भूलें। वाइन यहां का मुख्य पेय है। वाइन की नई पैदावार का जश्न मनाने के लिए हर साल 11 नवंबर को सेंट मार्टिस डे का वाइन फेस्टिवल मनाया जाता है।
कैसे
स्लोवेनिया की राजधानी लुबजाना यूरोप के ज्दायातर बडे शहरों से सीधी उडानों से जुडी है। यूरोप के बाकी देशों से स्लोवेनिया में सडक मार्ग से कार या बस से भी आया जा सकता है। इटली, आस्ट्रिया, हंगरी, क्रोएशिया, चेक गणराज्य, स्विट्जरलैंड, जर्मनी व सर्बिया से सीधी रेल लाइनें भी स्लोवेनिया आती हैं।
उपेंद्र स्वामी