मेरा दिल मुझे अपनी पसलियों पर तबला बजाता लग रहा था; पेट में अजीब-सी ऐंठन महसूस हो रही थी; होंठ लगातार ऊपरवाले का नाम बुदबुदा रहे थे। बस, पसीना नहीं आया था क्योंकि मौसम ठंडा था, शाम भी हो चली थी, और कुछ देर पहले हुई बूंदाबांदी ने पारा थोडा और गिरा दिया था। मुझे खडी ऊंचाई से डर लगता है, और उस समय मैं अपने इसी डर से जूझने जा रहा था। मेरे अंदर के हाल-चाल का सीधा प्रसारण शायद मेरे चेहरे पर हो रहा था। मेरी हालत देखकर वहां खडी परिचारिका हल्का-सा मुस्कराई, और उसने मेरी सेफ्टी बेल्ट को लॉक कर दिया।
उस वक्त मैं मलेशिया के गेंटिंग में पहाडियों की गोद में बसे रिजॉर्ट वर्ल्ड में था और वहां से सबसे रोमांचकारी झूले स्पेस शॉट पर तूफानी रफ्तार से 185 फीट की ऊंचाई तय करने को तैयार था। मेरी हालत पतली हुई जा रही थी, पर इस रोमांच से रू-ब-रू होकर लौट रहे लोगों के दमकते चेहरे देखकर यह जान चुका था कि कुछ पलों बाद मैं एक अविस्मरणीय अनुभव से गुजरने वाला हूं। मैं एक चौकोर मीनार के चारों तरफ लगी 12 कुर्सियों में से एक पर बंधा था। अचानक हल्का-सा झटका लगा और मैं कमान से छूटे तीर की तरह आसमान की तरफ बढ चला। पांव हवा में झूल रहे थे। लगा, जैसे मैं उडा जा रहा हूं। ऊपर जाकर कुछ क्षण के लिए कुर्सियां स्थिर हो गईं। अब तेजी से नीचे आने की बारी थी। इतनी तेजी से कि मुक्त होकर गिरने का अहसास हो। इस झूले का रोमांच तो अद्भुत था ही, ऊपर जाकर कुछ क्षण रुकने के दौरान जो नजारा दिखा, वो अकल्पनीय था। गेंटिंग के बारे में एक वाक्य मेरी निगाहों से कई बार गुजरा था- फन सिटी अबव द क्लाउड्स। यानी, बादलों के ऊपर मस्ती का नगर। नवंबर के दूसरे हफ्ते में, लोहे की उस मीनार से बंधी कुर्सी पर 185 मीटर की ऊंचाई पर बैठे यह वाक्य मेरे सामने हू-ब-हू साकार हो चुका था। चारों तरफ बादलों का दरिया था, और उस दरिया के बीच से निकलती पहाड की चोटी और चोटी पर बसा यह रंग-बिरंगा रिजॉर्ट। जैसे किसी चित्रकार ने एक तस्वीर बनाकर उसमें जान फूंक दी हो। और जब तक मैं झूले से उतरकर आगे बढा, तब तक मैंने इस जगह के लिए मन-ही-मन नई इबारत गढ ली।
झूलने के 12 मिनट
वैसे इस बात का कुछ-कुछ अंदाजा मुझे कुआलालम्पुर से दो घंटे की दूरी पर बसे इस रिजॉर्ट तक पहुंचते-पहुंचतेहो चुका था कि मेरे लिए वह यादगार दिन होने जा रहा था। रास्तों की खुशगवारी ने अहसास करवा दिया था कि मंजिल पर रवानी कैसी होगी। रिजॉर्ट के बेस स्टेशन तक पहुंचने के लिए मैंने पुदू सेंट्रल से बस ली थी। पुदू सेंट्रल मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर के पांच बडे बस स्टेशनों में से एक है। कुआलालम्पुर में मैं चाइना टाउन इलाके में ठहरा था, जहां बैकपैकर हॉस्टल काफी तादाद में हैं। कम बजट के मुसाफिरों को यहां बेहद कम किराए में चारपाई मिल जाती हैं, और यहां से पुदू सेंट्रल तक पैदल जा सकते हैं। पुदू सेंट्रल से गो गेंटिंग नामक आरामदायक वातानुकूलित बस की दिनभर में 18 सेवाएं हैं, जिसका एक ओर का टिकट 9.3 रिंगित यानी लगभग 155 रुपए है। इसमें कुआलालम्पुर से केबल कार के बेस स्टेशन तक बस का सफर और बेस स्टेशन से केबल कार के अपर स्टेशन तक केबल कार का सफर शामिल है। गेंटिंग का रोमांच केबल कार में बैठने के साथ ही शुरू हो जाता है। इसका नाम गेंटिंग स्काईवे है और 21.6 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से चलने वाली यह दुनिया की सबसे तेज मोनोकेबल कार है। पहाडों के ऊपर से और बादलों के बीच से 3.38 किलोमीटर का सफर 10 से 12 मिनट का है, और यह इतना रोमांचक है कि पलक झपकाने तक का मन न करे। बेस स्टेशन से निकलते ही ट्रॉली ऊंचाई लेने लगती है। तकरीबन आधा सफर तय करने के बाद बेहद तीखी चढाई है। बीचों-बीच पहुंचकर आगे-पीछे निगाह डालो तो पहाडों की हरियाली और बादलों की सफेदी के बीच नजर आती है ट्रॉलियों की लंबी कतार। इस नजारे को हमेशा के लिए जहन में कैद कर लेने के अलावा कोई विकल्प मेरे पास नहीं था। मेरे लिए ऊंचाई का डर यहां भी था, पर केवल शुरू-शुरू में। बाद में आस-पास के नजारों ने इतना बांध लिया कि डर को मन में घर बनाने का मौका ही नहीं मिला।
6000 फीट पर शहर
केबल कार से उतरने के बाद मैं लाउंज में पहुंचा तो कुछ पलों के लिए वहां भ्रमित खडा रहा। लाउंज से दो रास्ते निकल रहे थे, और वहां ऐसा कोई संकेत नजर नहीं आया कि किस तरफ जाया जाए। ऐसे में काम आया रिजॉर्ट वर्ल्ड का नक्शा, जो वहीं लाउंज में मेरे हाथ लगा। नक्शे से पता चला कि जिस लाउंज में मैं खडा था, वो वहां के पांच होटलों में से एक हाईलैंड्स होटल का एक कोना था जहां केबल कार स्टेशन बना है। इस नक्शे ने गेंटिंग के बारे में मेरे अनुमान को भी गलत साबित कर दिया था। जितना मैंने सोचा था, उसके मुकाबले गेंटिंग कहीं ज्यादा बडा है। यहां समुद्र तल से 6000 फीट की ऊंचाई पर एक छोटा शहर आबाद है, जहां दो मनोरंजन पार्क के अलावा एक प्लाजा, दो कैसिनो, कई स्पोर्ट्स बार व डिस्कोथिक, कन्सर्ट हॉल, अवाना गेंटिंग हाईलैंड्स नाम का रिजॉर्ट और पांच होटल- फर्स्ट वर्ल्ड होटल, थीम पार्क होटल, रिजॉर्ट होटल, हाईलैंड्स होटल और मैक्सिम्स गेंटिंग होटल- मौजूद हैं। इन होटलों में 10 हजार से ज्यादा कमरे हैं। इनमें से अकेले फर्स्ट वर्ल्ड होटल में 6118 कमरे हैं; कमरों की संख्या के हिसाब से यह दुनिया का चौथा सबसे बडा होटल है। गेंटिंग का इनडोर थीम पार्क इसी होटल के नीचे बने प्लाजा में है, जिसमें थीम पार्क के अलावा शॉपिंग मॉल, आर्केड्स, फूड आउटलेट्स, कैसिनो और द पैवेलियन नामक ऑडिटोरियम हैं। सभी होटलों में से थीम पार्क होटल सबसे पुराना है, जो 1971 में तैयार हुआ था। असल में, गेंटिंग में रिजॉर्ट वर्ल्ड बनने की शुरुआत इसी होटल से हुई थी। यानी, गेंटिंग में बनने वाली यह पहली इमारत थी। जब आप आउटडोर थीम पार्क के मुख्य प्रवेशद्वार पर पहुंचेंगे तो वहां दाईं तरफ यह होटल नजर आ जाएगा।
मेहमानवाजी
गेंटिंग के लिए मैंने कुआलालम्पुर में कुछ लोगों से जानकारी लेनी चाही तो दो-तीन नकारात्मक टिप्पणियां भी सुनने को मिलीं। मसलन.. क्या करेंगे जाकर, पैसा और वक्त खराब ही करेंगे। लेकिन मैं हर जगह का अनुभव लेना चाहता था। ऊपर से, जब हर साल गेंटिंग आने वाले लोगों की तादाद के बारे में पढा तो यहां की लोकप्रियता का अंदाजा लगाना मेरे लिए मुश्किल नहीं था। हर साल करीब 2 करोड लोग आते हैं यहां पर। बाप रे...! इतनी बडी संख्या में किसलिए आते हैं लोग, इसका अंदाज भी मुझे वहां जाकर हुआ, जब एक दिन का समय मुझे कम लगने लगा। 60 से ज्यादा राइड्स, 170 से ज्यादा फूड एंड शॉपिंग आउटलेट्स, हर तरह के मनोरंजन के साधन, और साथ ही हर बजट के अनुकूल रहने के ठिकाने! चलिए, पहले रहने के ठिकानों की बात करते हैं। यहां के फर्स्ट वर्ल्ड और थीम पार्क, ये दोनों होटल तीन सितारा हैं और यहां कमरों का किराया सबसे कम है। एक कमरे का किराया 150 रिंगित से शुरू हो जाता है। ऑनलाइन बुकिंग करो तो 10 फीसदी की छूट है। किराये के हिसाब से देखें तो इनके बाद रिजॉर्ट होटल आता है जो चार सितारा है। इसके बाद पांच सितारा हाईलैंड्स होटल है। सबसे महंगा है पांच सितारा मैक्सिम्स गेंटिंग होटल। यह प्रीमियम रेंज का होटल है जो शान-शौकत पसंद करने वालों का ठिकाना है। असल में यह दो होटलों का समूह है, जिनमें से पांच सितारा गेंटिंग होटल पुराना है, जबकि इसके ऊपर बाद में बनाया गया मैक्सिम्स क्लब छह सितारा है। सुपर-पीक सीजन में मैक्सिम्स के सिग्नेचर सुइट का एक दिन का किराया 5225 रिंगित यानी लगभग 86 हजार रुपए है। इन पांचों होटलों में 35 से ज्यादा रेस्तरां, कैफे, बार व बेकरी हैं। यानी, अपने स्वाद व इच्छा के मुताबिक किसी को कुछ भी चाहिए तो गेंटिंग उसे निराश नहीं करेगा। अपने लंच के लिए मैंने चुना मैक्सिम्स गेंटिंग होटल का कॉफी टेरेस रेस्तरां, जहां बफे सिस्टम है। यहां पर लंच है 53 रिंगित और डिनर 61 रिंगित का। लेकिन खाने की क्वालिटी, स्वाद और वैरायटी के मुकाबले यह कीमत कुछ भी नहीं। इस रेस्तरां में अपने छह सितारा अनुभव का जिक्र मैं आगे करूंगा।
मलेशियाई वेगास
ज्यादातर लोग यही नाम देते हैं गेंटिंग को। मलेशिया में यह एकमात्र जगह है जहां जुआघरों की अनुमति है। यहां दो जुआघर हैं। मुख्य जुआघर गेंटिंग होटल, हाईलैंड्स होटल व रिजॉर्ट होटल से जुडा है। कैसिनो दे गेंटिंग नाम के इस जुआघर की खासियत यह है कि यहां मनोरंजन की सुविधाएं लास वेगास जैसी हैं और लगभग हर तरह के गेम्स यहां हैं। दूसरा जुआघर फर्स्ट वर्ल्ड होटल में है जिसका नाम स्टारवर्ल्ड है। इन जुआघरों में मलेशिया के मुस्लिम नागरिकों के अलावा हर किसी को किस्मत आजमाने की अनुमति है।
डूबते जाइए
थीम पाकरें में समय कब गुजर जाता है, इसका अहसास ही नहीं हो पाता। शाम के छह बज चुके हैं, इसका पता मुझे तब लगा जब मैं आउटडोर थीम पार्क में फनकार्ट राइड के लिए पहुंचा। मुझे बताया गया कि छह बजे गए हैं और अब यहां राइड्स बंद हो गई हैं। मन मसोस कर वहां से निकलने के अलावा मेरे पास कोई चारा नहीं था। हफ्ते के पहले पांच दिन आउटडोर पार्क शाम छह बजे तक और बाकी दो दिन देर शाम तक खुला रहता है, जबकि इनडोर पार्क रात 12 बजे तक खुला रहता है। ये दोनों पार्क ही गेंटिंग का मुख्य आकर्षण हैं। आउटडोर पार्क का टिकट 50 रिंगित का है और इसमें 29 राइड्स शामिल हैं। वहीं, इनडोर पार्क का टिकट 30 रिंगित का है जिसमें 12 राइड्स हैं। इनमें कुछ राइड्स बच्चों के लिए, कुछ पूरे परिवार के लिए, तो कुछ सिर्फ उनके लिए हैं जो रोमांच के शौकीन हैं और जिनके दिल मजबूत हैं। आउटडोर पार्क में रोमांच वाली राइड्स ज्यादा हैं, जबकि इनडोर पार्क की ज्यादातर राइड्स परिवार के लिए हैं। अगर दोनों पार्क में राइड्स का मजा लेना है तो 66 रिंगित का ऑल पार्क टिकट लेना बेहतर रहेगा। पार्क में मुझे हर जगह टिकट दिखाने की जरूरत नहीं पडी। जब मैंने पहली बार पार्क में प्रवेश किया तो मेरी कलाई पर वाटरप्रूफ बैंड बांध दिया गया, जिसने हर जगह पास का काम किया। लेकिन मैं सभी राइड्स का मजा नहीं ले पाया। मैं सुबह 11 बजे गेंटिंग पहुंचा, जबकि मुझे ढाई-तीन घंटे पहले पहुंचना चाहिए था। दूसरा यह कि मैं पहले इनडोर पार्क पहुंच गया, जबकि आउटडोर पार्क के बंद होने के बाद भी यह छह घंटे और खुला रहता है।
पोटली में माल
रोमांच के अनूठे स्तर को महसूस करना है तो स्काईवेंचर से बेहतर कुछ नहीं। गेंटिंग के दोनों थीम पाकरें में कुछ सिग्नेचर राइड्स भी हैं जिनके लिए अलग से टिकट है। उन्हीं में से एक है स्काईवेंचर, जिसमें कांच की सुरंग में 193 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा फेंकी जाती है। सुरंग में जाने वाले को वो अहसास होता है जो विमान से गोता लगाने वाले को पैराशूट खुलने से ठीक पहले होता है.. हवा में ऊंचाई से गिरने का अहसास। यहां टिकट 50 रिंगित का है, और यदि आपके पास ऑल पार्क टिकट है तो स्काईवेंचर की टिकट 38 रिंगित में मिलेगी। इसके अलावा, एक अन्य खास आकर्षण है स्नोवर्ल्ड। 25 रिंगित में आप कुछ समय बर्फ की दुनिया में बिता आएंगे। स्नो बूट व जैकेट पहनकर स्नोवर्ल्ड में प्रवेश करेंगे तो लगेगा किसी ध्रुवीय इलाके में आ गए हैं। थीम पार्क और सिग्नेचर राइड्स के अलावा कई अन्य तरह के मनोरंजन भी हैं गेंटिग में। वीडियो गेम्स पार्क में जहां सिमुलेशन का मजा आप ले सकते हैं, तो साइबरवर्ल्ड पर वर्चुअल गेम्स खेलकर वक्त बिता सकते हैं। कहीं तीरंदाजी में हाथ आजमा पाएंगे, तो कहीं बॉलिंग का आनंद ले सकेंगे। सिनेप्लेक्स में नई फिल्में देखने को मिलेंगी, तो रिप्लेज म्यूजियम और हॉन्टेड एडवेंचर में आंखें खुली की खुली रह जाएंगी। कलाकारी का अनूठा नमूना देखना है तो बेरिलज चॉकलेट वंडरलैंड हो आएं। इसी तरह, एक्सपीडिशन वॉल पर रॉक-क्लाइंबिंग का अभ्यास करने का भी अलग मजा है।
पावर-पंच लंच
मनोरंजन पर चर्चा तो खूब हो गई, अब पेट का भी खयाल कर लेते हैं। लेख के बीच में मैंने कहा था कि बाद में कॉफी टेरेस में चलेंगे। तो चलिए, ले चलता हूं। अरे..यह क्या!!! मैं कहां आ गया हूं। यहां की चमक से तो आंखें चुंधिया रही हैं। हल्की पीली रोशनी में जगमगाते इस गोलाकार डाइनिंग हॉल में आकर मेरी भूख झट से ताड के पेड पर जा चढी है। तिस पर, नाना प्राकर के व्यंजन परोसतीं छह तरह की रसोईं। एक तरफ जापानी, भारतीय और कॉन्टिनेंटल भोजन; तो दूसरी तरफ चाइनीज, मलय और बाबा न्योन्या (चीनी-मलय) खाने का स्वाद। और मेरे लिए यह 53 के बजाय सिर्फ 28 रिंगित में!!! गोल्डन पैकेज ने तो कमाल कर दिया। जी हां !!! गेंटिंग जाने वाले ज्यादातर लोगों की तरह मेरी योजना भी वहां से रात में कुआलालम्पुर लौटने की थी। ऐसे में गोल्डन पैकेज से बेहतर मुझे कुछ नहीं लगा। 47 रिंगित के इस पैकेज में आने-जाने के किराये के अलावा आउटडोर पार्क का टिकट या कॉफी टेरेस रेस्तरां में लंच शामिल था। यह पैकेज मैंने बस का टिकट लेते समय ही ले लिया था। चूंकि मैंने ऑल पार्क टिकट अलग से लिया था, इसलिए अपने पैकेज पर मैंने कॉफी टेरेस में लज्जतदार खाने का आनंद लिया। आने-जाने का किराया निकालकर, लंच 28 रिंगित में पडा। कॉफी टेरेस में खाना सीधे-सीधे स्वाद के सागर में गोते लगाना है। यदि आप गोल्डन पैकेज लेकर जाते हैं तो बेहतर है लंच का आनंद लें, क्योंकि वहां का अनुभव आपके कुछ यादगार लम्हों में जरूर शामिल हो जाएगा।
चलने से पहले
1. मलेशिया की मुद्रा रिंगित है, जिसका वर्तमान विनिमय मूल्य 16.50 रुपए के आस-पास है।
2. गो गेंटिंग बसें कुआलालम्पुर के पांचों बस स्टेशनों से चलती हैं, लेकिन हर स्टेशन पर सेवाओं की संख्या अलग है।
3. ब्रॉशर में आउटडोर पार्क के बंद होने का समय शाम 7 बजे था, जबकि पार्क 6 बजे बंद कर दिया गया। बेहतर है, टिकट लेते समय पूरी जानकारी ले लें।
4. वापसी पर बस के समय से कम-से-कम पौन घंटा पहले गेंटिंग से जरूर चल पडें। कहीं भी होंगे तो भी, केबल कार के अपर स्टेशन तक पहुंचने में 10 मिनट लग जाएंगे। वहां भीड हुई तो बारी आने में 15 मिनट लग सकते हैं। आगे, केबल कार से बेस स्टेशन तक 12 मिनट का। इसलिए, समय की गुंजाइश लेकर चलना उचित है।
लेख व फोटो: अजय गर्ग