नई दिल्ली। ओलंपिक में पदक जीतने के बड़े-बड़े दावों के साथ बीजिंग गए कई भारतीय एथलीट पोडियम पर पहुंचना तो दूर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में भी विफल रहे और उनके हाथ मायूसी ही लगी।
एथेंस ओलंपिक खेलों के रजत पदक विजेता निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ हों या गोल्डफिंगर समरेश जंग या फिर लंबी कूद की एथलीट अंजू बाबी जार्ज ये सभी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से कोसों दूर रहे। बीजिंग में स्वर्ण जीतने वाले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और कांसे का तमगा जीतने वाले पहलवान सुशील कुमार और मुक्केबाज विजेंदर को छोड़ दें तो अधिकतर भारतीय एथलीट चुनौती पेश करने में भी नाकाम रहे। हालांकि मुक्केबाज इसका अपवाद रहे जबकि एथलेटिक्स, निशानेबाजी, तीरंदाजी, तैराकी और टेनिस में कई भारतीय स्टार बुरी तरह फ्लाप रहे।
राठौड़ बीजिंग शूटिंग रेंज में डबल ट्रैप फाइनल के लिए क्वालीफाई भी नहीं कर पाए। उन्होंने 131 शॉट ही सही जमाए और उन्नीस निशानेबाजों के बीच 15वें स्थान पर रहे जबकि एथेंस में उन्होंने 135 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में पांच स्वर्ण जीतने वाले समरेश 10 मीटर एयर पिस्टल की क्वालीफाइंग स्पर्धा में 600 में से मात्र 570 अंक जुटाकर 48 निशानेबाजों में 42वें स्थान पर रहे जबकि 50 मीटर पिस्टल में भी वह 540 का स्कोर ही बना पाए जो उनके निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आस पास भी नहीं है।
विश्व चैंपियन निशानेबाज मानवजीत सिंह संधू, मनशेर सिंह, गगन नारंग, अंजलि भागवत और अवनीत कौर सिद्धू भी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन तक नहीं पहुंच पाए। अंजू महिलाओं की लंबी कूद स्पर्धा में लगातार तीन फाउल जंप कर फाइनल में प्रवेश करने में असफल रहीं। ऊंची कूद के लिए क्वालीफाइंग मार्क 6.75 मीटर था जो अंजू के 6.83 मीटर कूद के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से कम था। भारतीय एथलीट ने यह दूरी एथेंस ओलंपिक में तय की थी लेकिन वह बीजिंग में इसे दोहराने में नाकाम रही। विकास गौड़ा 60 . 69 मीटर तक चक्का फेंककर ग्रुप ए में 11वें और कुल 22वें स्थान पर रहे। यह उनके निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और राष्ट्रीय रिकार्ड 64.96 मीटर से भी काफी कम रहा।
मनदीप कौर भी महिलाओं की 400 मीटर स्पर्धा के सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करने में नाकाम रही। जून में मदुरै में 38वीं राष्ट्रीय अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 51.74 सेकेंड का कैरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली मनदीप बीजिंग में 52.88 सेकेंड के साथ सात एथलीटों की हीट दो में छठे और कुल 33वें स्थान पर पिछड़ गई। जीजी प्रमिला महिला वर्ग की हेप्टाथलन स्पर्धा में 28वें जबकि जेजे शोभा 30वें और सुष्मिता सिंघा राय 33वें स्थान पर रही। प्रमिला का कुल स्कोर 5571 रहा जो 6105 के उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से काफी कम है। शोभा [5749] और सुष्मिता [5705] भी अपने क्रमश: 6211 और 6027 अंक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से मीलों दूर रही।
सुरेंद्र सिंह का दस हजार मीटर में राष्ट्रीय रिकार्ड धारक हैं। बीजिंग में उन्होंने 28 मिनट 13.97 सेकेंड मिनट का समय निकाला जो उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन [28 मिनट 2.89 सेकेंड] से भी खराब है। रंजीत माहेश्वरी के नाम पर त्रिकूद में 17.04 मीटर का राष्ट्रीय रिकार्ड भी है लेकिन वह 15.77 मीटर की ही छलांग लगा पाए। भारत की चार गुणा 400 मीटर की महिला रिले टीम सी गीता, मनजीत कौर, चित्रा सोमण और मनदीप कौर ने क्वालीफाइंग हीट में तीन मिनट 28.83 सेकेंड का समय निकाला। इस तरह से वह कोराट [थाईलैंड] में एशियाई ग्रां प्री के दौरान किए गए तीन मिनट 28.29 सेकेंड के प्रदर्शन तक भी नहीं पहुंच पाई।
तैराकी में वीरधवल खाड़े ने 200 मीटर फ्री स्टाइल में एक मिनट 51.86 सेकेंड का समय निकाला और कुल 48वें स्थान पर रहे। यह उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन एक मिनट 50.35 सेकेंड से भी खराब रहा। खाड़े और अंकुर पसेरिया को 100 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा में भी मायूसी हाथ लगी। पसेरिया का 54.74 सेकेंड का समय उनके व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 53.68 सेकेंड के समय से एक सेकेंड ज्यादा था। दूसरी ओर खाडे़ [22.73 सेकेंड] भी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 22.69 सेकेंड से पीछे रहे। तीरंदाजी में भारत के मंगल सिंह चंपिया, बोंयाला देवी, डोला बनर्जी और परिणीता वर्धिनेनी भी व्यक्तिगत स्पर्धा में यदि अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दोहरा देते तो उन्हें अगले दौर में पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता था।
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