नई दिल्ली। बीजिंग ओलंपिक में फ्रीस्टाइल कुश्ती मुकाबले में कांस्य पदक जीतकर नया इतिहास रचने वाले पहलवान सुशील कुमार ने सोमवार देर रात देश की जमीन पर पांव रखते ही ऐलान कर दिया कि उनका लक्ष्य अब 2012 लंदन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना है।
सुशील ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारती धक्का-मुक्की के बीच अपने अभूतपूर्व स्वागत से अभिभूत होते हुए कहा, 'मुझे खुशी है कि मैंने ओलंपिक में देश के लिए पदक जीता यह पदक मुझे देशवासियों की शुभकामनाओं, अपने गुरु महाबली सतपाल के मार्गदर्शन और अन्य सभी के आशीर्वाद से मिला है।' सुशील ने 66 किलोग्राम वर्ग के फ्रीस्टाइल मुकाबले में अपने कांस्य पदक की सफलता का श्रेय अपने गुरु सतपाल को दिया। उन्होंने कहा, 'मेरी मुकाबले की पूरी योजना सतपाल ने तैयार की थी और उनका मार्गदर्शन मेरे बहुत काम आया। जब मैं अपना पहला मुकाबला हार गया था तो मैं थोड़ा निराश था लेकिन सतपाल और अन्य सभी ने मेरा हौसला बढ़ाते हुए कहा कि डटे रहो। तुम्हारे सामने अभी और मौका आने वाला है।'
उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि कांस्य पदक मुकाबले से पहले उनके साथ मालिशे की कमी की समस्या थी। उन्होंने कहा, 'ऐसा कुछ नहीं था। मेरे गुरु सतपाल कोच रामफल और मैनेजर करतार सहित बाकी स्टाफ मेरे साथ मौजूद था। वे सभी मुझे समर्थन दे रहे थे।' सुशील के साथ खडे महाबली सतपाल ने सुशील की जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, 'इससे भारतीय खेलों का एक नया दौर शुरू होगा।' सुशील ने कहा, 'मैं बीजिंग ओलंपिक में बेशक कांस्य पदक जीत पाया लेकिन मेरा अगला लक्ष्य 2012 लंदन ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना रहेगा। इससे पहले 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में भी मैं स्वर्ण पदक जीतने की कोशिश करूंगा।'
इस बीच सुशील के कोच रामफल ने कहा, 'सुशील जिस पहलवान से पहला मुकाबला हारा वह विश्व चैंपियन था और हमें यकीन था कि वह फाइनल में जरूर पहुंचेगा। इसीलिए हमने सुशील को रेपचेज मुकाबले के लिए तैयार रहने को कह दिया था।' रामफल ने मालिशे वाले मामले को खारिज करते हुए कहा, 'हम सभी वहां मौजूद थे। कोच पीआर सोढ़ी, मैनेजर करतार, सतपाल, और मैं। सारा स्टाफ वहां मौजूद था और सभी एक स्वर में सुशील की हौसलाअफजाई कर रहे थे।' रामफल ने कहा, 'सुशील की यह सफलता कुश्ती के लिए ही नहीं बल्कि अन्य सभी खेलों खासकर व्यक्तिगत खेलों के लिए टानिक का काम करेगी।'
छत्रसाल स्टेडियम के कोच यशवीर सुशील की सफलता से फूले नहीं समा रहे थे। वीआईपी लांज में फूल मालाओं के साथ बार-बार अंदर बाहर हो रहे यशवीर ने कहा, 'आज मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। सुशील ने मेडल जीता है। देश का नाम रौशन किया है और अब सुशील का वादा है कि वह 2012 ओलंपिक में स्वर्ण जीतेगा। हम साथ ही यह कोशिश करेंगे कि सुशील 2010 एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में भी देश के लिए पदक हासिल करे। सुशील की इस जीत के बाद अब भारतीय कुश्ती के मायने बदल गए हैं।'
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