इनामों की बौछार में ओलंपियनों से पिछड़े क्रिकेटर   

नई दिल्ली। ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले निशानेबाज अभिनव बिंद्रा तथा कांस्य पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार और मुक्केबाज विजेंदर कुमार पर इस उपलब्धि के बाद हुई धन वर्षा ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए तथा ट्वंटी 20 विश्व कप जीतने वाली क्रिकेट टीम के खिलाडियों को भी इस मामले में मीलों पीछे छोड़ दिया।


बिंद्रा ने दस मीटर एयर रायफल में स्वर्ण पदक जीतने के दो दिन के अंदर केवल पुरस्कार राशि से लगभग चार करोड़ रुपये की कमाई की। सुशील को भी दो करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिलेगी जबकि विजेंदर भी रातों रात करोड़पति बन गए। अब तक केवल क्रिकेटरों पर ही धन वर्षा होती रही है लेकिन बीजिंग ओलंपिक में भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से वह पदक विजेता ओलंपियन से पीछे छूट गए। भारत ने पिछले साल दक्षिण अफ्रीका में जब ट्वंटी 20 विश्व कप जीता था तो उसका प्रत्येक खिलाड़ी करोड़पति बन गया था लेकिन किसी भी क्रिकेटर को बिंद्रा या सुशील के बराबर पुरस्कार राशि नहीं मिली थी।


बिंद्रा को स्वर्ण जीतने पर लगभग तीन करोड़ 88 लाख रुपये पुरस्कार राशि देने की घोषणा की गई। इनमें स्टील व्यवसायी लक्ष्मी मित्तल ने सर्वाधिक डेढ़ करोड़, पंजाब सरकार ने एक करोड़, खेल मंत्रालय ने 50 लाख तथा हरियाणा सरकार और बीसीसीआई ने 25-25 लाख रुपये देने की घोषणा की है। इसके अलावा उन्हें कुछ अन्य राज्य सरकारों मंत्रालय और संगठनों से भी लगभग 38 लाख रुपये इनामी राशि मिलेगी। भारतीय क्रिकेट टीम जब ट्वंटी 20 विश्व कप जीतकर लौटी थी तो बीसीसीआई ने प्रत्येक खिलाड़ी को 80-80 लाख रुपये दिए थे।


युवराज सिंह ने उस समय सर्वाधिक कमाई की थी क्योंकि उन्हें एक ओवर में छह छक्के जड़ने के लिए बोर्ड ने अलग से एक करोड़ रुपये जबकि बोर्ड उपाध्यक्ष ललित मोदी ने पोर्श कार दी थी। युवराज की इस कमाई में यदि सहारा से मिले 25 लाख रुपये के फ्लैट और विश्व कप पुरस्कार राशि के लगभग 12 लाख रुपये भी जोड़ दिए जाएं तो उनकी यह कमाई सवा दो करोड़ रुपये से अधिक नहीं पहुंच पाई जबकि पहलवान सुशील के लिए बीजिंग में कांस्य पदक जीतने पर लगभग दो करोड़ 32 लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा हुई है।


सुशील को रेलवे मंत्रालय 55 लाख, दिल्ली सरकार 50 लाख, इस्पात मंत्रालय, हरियाणा सरकार और भारतीय इस्पात प्राधिकरण तीनों अलग-अलग 25 लाख, खेल मंत्रालय 20 लाख, एमटीएनएल 11 लाख और बीसीसीआई दस लाख रुपये देने की घोषणा कर चुके हैं। इसके अलावा उन्हें महाराष्ट्र सरकार और ग्लोबल शेयर ने पांच-पांच लाख और नेटबाल संघ ने डेढ़ लाख रुपये देने का वादा किया है। ट्वंटी 20 विश्व कप जीतने वाले क्रिकेटरों को तब बीसीसीआई के अलावा उनकी राज्य सरकारों की तरफ से इनाम मिले थे। ओलंपिक में भी यह चलन देखने को मिला लेकिन ओलंपियन को दूसरे राज्यों की सरकारों ने भी पुरस्कार राशि देने की घोषणा की है।


बिंद्रा के लिए चार और सुशील के लिए तीन राज्य सरकारों ने इनाम की घोषणा की। यही नहीं संबंधित राज्य सरकार ने क्रिकेटरों की तुलना में ओलंपियन के लिए अधिक पुरस्कार राशि की घोषणा की। हरियाणा सरकार इस मामले में सबसे आगे रही। उसने मुक्केबाज विजेंदर के लिए 50 लाख रुपये के अलावा दोनों अन्य पदक विजेताओं तथा क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे मुक्केबाज अखिल कुमार और जितेंदर तथा बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल को 25-25 लाख रुपये देने की घोषणा की है। इसके विपरीत राज्य सरकार ने ट्वंटी 20 विश्व कप में हरियाणा के जोगिंदर सिंह को इससे कम 21 लाख रुपये दिए थे।


पंजाब सरकार ने क्रिकेटर युवराज और हरभजन सिंह के प्रति उत्साह नहीं दिखाया था लेकिन उसने बिंद्रा को एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। दिल्ली सरकार ने तब अपने राज्य के क्रिकेटरों वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर को पांच-पांच लाख रुपये दिए थे लेकिन वह सुशील को इससे दस गुना पुरस्कार राशि देगी। रेलवे ने सुशील को टिकट इंसपेक्टर से सहायक वाणिज्य प्रबंधक पद पर पदोन्नत कर दिया। हरियाणा सरकार ने विजेंदर, अखिल और जितेंदर को पुलिस में डीएसपी बनाने की घोषणा भी की है।

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:: Jagran Olympic 2008 Medals Tally ::
पदक तालिका
क्रम संख्या देश सोना चांदी कांसा कुल
1 चीन 51 21 28 100
2 अमेरिका 36 38 36 110
3 रूस 23 21 28 72
4 ब्रिटेन 19 13 15 47
5 जर्मनी 16 10 15 41