बीजिंग। दुनिया के सबसे तेज इंसान और बीजिंग ओलंपिक के महानायक उसेन बोल्ट ने सिर्फ ट्रैक पर जंग ही नहीं बल्कि चीन के लोगों का दिल भी जीत लिया जब भूकंप प्रभावित शिचुआन प्रांत के बच्चों के लिए उन्होंने 50 हजार डालर दान के रूप में दिए।
ओलंपिक में 100 मीटर 200 मीटर और चार गुणा सौ मीटर की रिले दौड़ का स्वर्ण जीतने वाले जमैका के इस धावक ने कहा, 'हमने अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश की। मुझे उम्मीद है कि लोगों ने खेल का मजा लिया होगा। अतीत को अब भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए।' उन्होंने दक्षिण पूर्व चीन में भूकंप पीडित लोगों के जल्दी ही इस संकट से उबरने की कामना की। उन्होंने कहा, 'इस त्रासदी से उबरकर आगे बढ़ना होगा। ओलंपिक से लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।'
शिचुआन और नजदीकी इलाकों में 12 मई को आए भूकंप में करीब 70 हजार लोग मारे गए और 18 हजार लापता हो गए। करीब एक करोड़ लोग बेघर हो गए। बोल्ट ने कहा, 'मैंने टीवी पर भूकंप की रिपोर्ट देखी है। मुझे उन लोगों के लिए दुख है लिहाजा मैंने टीम प्रबंधन को कुछ करने के लिए कहा।' बोल्ट ने चीन के रेडक्रास फाउंडेशन के महासचिव लियू शुआंगो को 50 हजार डालर का चेक दिया। व्हीलचेयर पर आए शिचुआन के दो बच्चों ने बोल्ट को तोहफे के तौर पर अपनी बनाई तस्वीरें दी।
बोल्ट ने कहा, 'इन बच्चों का भविष्य बेहतर होना चाहिए। अभी ये बच्चे हैं और इनकी जिंदगी में सिर्फ खुशियां होनी चाहिए। मैं इनकी मदद करना चाहता हूं।' ओलंपिक से पहले बोल्ट ने यहां से 120 किलोमीटर दूर तियांजिन में अभ्यास किया था। उन्हें वहां भी एक तस्वीर भेंट की गई थी जिसमें चीनी सैनिकों को भूकंप के मलबे से बच्चों को निकालते दिखाया गया है।
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