बीजिंग। केन्या के सैमुअल वांसिरू ने बीजिंग ओलंपिक के अंतिम दिन विश्व रिकार्ड के साथ मैराथन का स्वर्ण अपनी झोली में डाल लिया। जबकि मेजबान चीन ने रिकार्ड 51 स्वर्ण पदक के साथ अपने दबदबे की झलक पेश की।
चीन की मजबूत ओलंपिक टीम ने खेलों के दौरान शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और अंतिम दिन दो स्वर्ण की मदद से 51 स्वर्ण, 21 रजत और 28 कांस्य पदक के साथ कुल 100 पदक जीतकर चोटी पर रहा। अमेरिका 36 स्वर्ण, 38 रजत और 36 कांस्य पदक जीतकर दूसरे स्थान पर रहा जबकि तीसरे स्थान पर मौजूद रूस के खाते में 23 सोने के तमगे आए। रूस ने 21 रजत और 28 कांस्य पदक भी जीते। ब्रिटेन अंतिम दिन अपनी पदकों की संख्या में इजाफा नहीं कर पाया और 19 स्वर्ण 13 रजत और 15 कांस्य पदक के साथ चौथे स्थान पर रहा।
मैराथन: इक्कीस बरस के वांसिरू ने सुबह बीजिंग की सड़कों पर 42.15 किलोमीटर का फासला दो घंटे छह मिनट और 32 सेकेंड में तय किया जो एक रिकार्ड है। वह ओलंपिक मैराथन जीतने वाले केन्या के पहले एथलीट हैं। इससे पहले केन्या दो बार पुरुष मैराथन का रजत पदक जीत चुका है। आठ साल पहले सिडनी ओलंपिक में भी केन्या दूसरे स्थान पर रहा था। दो बार के चैंपियन मोरक्को के जावेद ने रजत और इथियोपिया के सेगे केबेदे ने कांस्य पदक जीता। जावेद ने 2:07.16 का समय निकाला जबकि पेरिस मैराथन के विजेता केबेदे ने 2:10.00 घंटे में फासला तय किया।
मुक्केबाजी: विश्व चैंपियन राबर्टो कामारेले ने चीन के च्युंग झिलेई को हराकर सुपर हैवीवेट का स्वर्ण पदक जीता। पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले च्युंग किसी भी समय मुकाबले में नहीं दिखे। कामारेले ने शुरू में ही उनके जबड़े पर करारा मुक्का जमाया जिससे वह आखिर तक नहीं उबर पाए। ग्रेट ब्रिटेन के डेविड प्राइस और यूक्रेन के व्याचेसलाव ग्लाजकोव को कांस्य पदक मिला। खेलों की नई महाशक्ति बनकर उभरे चीन के लिए झू शिमिंग ने मुक्केबाजी का पहला स्वर्ण जीतकर लाइट फ्लाइवेट खिताब पर कब्जा किया। यह चीन का 50वां स्वर्ण था।
बास्केटबाल: अमेरिका ने विश्व चैंपियन स्पेन को 118-107 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। 2004 के एथेंस ओलंपिक चैंपियन अर्जेटीना को इस बार कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। अर्जेटीना ने लिथुआनिया को हराया। फाइनल मुकाबले के दौरान स्पेन पहले हाफ तक अमेरिका से 14 अंकों से पीछे था हालांकि उसके खिलाडि़यों ने मैच के अंतिम क्षणों में इस अंतर को कम करने भरपूर कोशिश की लेकिन अमेरिका के कोब ब्रायंट ने खेल तीन मिनट दस सेकेंड बाकी रहते दो शानदार थ्री प्वाइंटर लगाकर मुकाबले में दस अंकों से बढ़त हासिल कर ली। सर्वाधिक 27 अंक जुटाने वाले ड्वेन वेड ने वहां मौजूद 18 हजार दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। ब्रायंट ने 20 अंक जुटाए। चार साल पहले एथेंस ओलंपिक में कांस्य जीतने वाले अमेरिका ने इस स्वर्ण पदक के साथ ओलंपिक में पुरुषों की बास्केटबाल स्पर्धा के 13 खिताब अपने नाम कर लिए हैं।
वालीबाल: अमेरिका की टीम ने गत विजेता ब्राजील की टीम को हराकर पुरुषों की वालीबाल प्रतियोगिता का स्वर्ण पदक जीता। अमेरिकी टीम ने 20-25, 25-22, 25-21, 25-23 से जीत दर्ज कर तीसरी बार वालीबाल का खिताब अपने नाम किया। दो बार के स्वर्ण पदक विजेता और शीर्ष वरीयता प्राप्त ब्राजील की टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इससे पहले रूस ने इटली को तीन सेटों में हराकर कांस्य पदक जीता था। इसके विपरीत ब्राजील की महिला वालीबाल टीम ने अमेरिकी महिला टीम को हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया।
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