शुभ मुहूर्त

अप्रैल सन् 2009

विवाह मुहू‌र्त्त

17-18 अप्रैल: उत्तराषाढ में

19 अप्रैल: धनिष्ठा में रात्रि 11.19 तक (यजुर्वेदी)

27 अप्रैल: रोहिणी में (अति आवश्यकता में)

28 अप्रैल: मृगशिरा में

द्विरागमन (गौना) मुहू‌र्त्त

15 अप्रैल: मूल में प्रात: 9.36 के बाद

17 अप्रैल: उत्तराषाढ में

19 अप्रैल: धनिष्ठा में

20 अप्रैल: धनिष्ठा में भद्रा के बाद, शतभिषा में

22 अप्रैल: उत्तराभाद्रपद में

27 अप्रैल: रोहिणी में

30 अप्रैल: पुनर्वसु में

मुण्डन मुहू‌र्त्त

14 अप्रैल: ज्येष्ठा में (क्षत्रियों का)

18 अप्रैल: उत्तराषाढ में (वैश्यों का)

19 अप्रैल: धनिष्ठा में (ब्राह्मणों का)

20 अप्रैल: धनिष्ठा में

21 अप्रैल: शतभिषा में (क्षत्रियों का)

27 अप्रैल: रोहिणी में

30 अप्रैल: पुनर्वसु में

यज्ञोपवीत मुहू‌र्त्त

5 अप्रैल: आश्लेषा में (क्षत्रियों का)

19 अप्रैल: धनिष्ठा में (क्षत्रियों का)

20 अप्रैल: शतभिषा में

27 अप्रैल: रोहिणी में

29 अप्रैल: आद्र्रा में

30 अप्रैल: पुनर्वसु में (क्षत्रिय, वैश्य)

शिलान्यास (नींव—पूजन) मुहू‌र्त्त

17-18 अप्रैल: उत्तराषाढ में

20 अप्रैल: धनिष्ठा, शतभिषा में भद्रा के बाद

22 अप्रैल: उत्तराभाद्रपद में

27 अप्रैल: रोहिणी में

30 अप्रैल: पुनर्वसु में

गृह—प्रवेश मुहू‌र्त्त

15 अप्रैल: मूल में

17-18 अप्रैल: उत्तराषाढ में

19 अप्रैल: धनिष्ठा में (विशेष शुभ)

20 अप्रैल: धनिष्ठा में, शतभिषा में भद्रा के बाद (विशेष शुभ)

22 अप्रैल: उत्तराभाद्रपद में (विशेष शुभ)

27 अप्रैल: रोहिणी में

30 अप्रैल: पुनर्वसु में (विशेष शुभ)

व्यापार मुहू‌र्त्त

17 अप्रैल: उत्तराषाढ में

22 अप्रैल: उत्तराभाद्रपद में

27 अप्रैल: रोहिणी में

30 अप्रैल: पुनर्वसु में

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