शुभ मुहूर्त

मार्च सन् 2009

विवाह मुहू‌र्त्त

4 मार्च: रोहिणी में सायं 4.05 के बाद (होलाष्टक)

4-5 मार्च: मृगशिरा में (होलाष्टक)

12 मार्च: हस्त में सायं 4.07 तक

द्विरागमन (गौना) मुहू‌र्त्त

4 मार्च: रोहिणी में भद्रा के बाद (होलाष्टक)

6 मार्च: पुनर्वसु में (होलाष्टक)

12 मार्च: हस्त में

13 मार्च: हस्त, चित्रा में भद्रा से पूर्व

मुण्डन मुहू‌र्त्त

6 मार्च: पुनर्वसु में (होलाष्टक)

12 मार्च: हस्त में

13 मार्च: हस्त, चित्रा में भद्रा से पूर्व

यज्ञोपवीत मुहू‌र्त्त

1 मार्च: अश्विनी में प्रात: 6.33 के बाद (क्षत्रिय)

6 मार्च: आद्र्रा में

8 मार्च: पुष्य में (क्षत्रियों का)

12 मार्च: हस्त में

13 मार्च: हस्त, चित्रा में भद्रा से पूर्व

31 मार्च: रोहिणी में (क्षत्रियों एवं सामवेदियों का)

शिलान्यास (नींव—पूजन) मुहू‌र्त्त

विशेष शुभ

4 मार्च: रोहिणी में भद्रा के बाद (होलाष्टक)

7 मार्च: पुष्य में भद्रा के बाद (होलाष्टक)

11 मार्च: उत्तराफाल्गुनी में

12 मार्च: हस्त में

13 मार्च: हस्त, चित्रा में भद्रा से पूर्व

गृह—प्रवेश मुहू‌र्त्त

पुराना घर/किराये पर

1 मार्च: अश्विनी में

4 मार्च: रोहिणी में भद्रा के बाद (होलाष्टक)

7 मार्च: पुष्य में भद्रा के बाद (होलाष्टक)

व्यापार मुहू‌र्त्त

1 मार्च: अश्विनी में

4 मार्च: रोहिणी में भद्रा के बाद (होलाष्टक)

7 मार्च: पुष्य में भद्रा के बाद (होलाष्टक)

8 मार्च: पुष्य में (होलाष्टक)

12 मार्च: हस्त में

13 मार्च: हस्त, चित्रा में भद्रा से पूर्व

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