शुभ मुहूर्त

मई सन् 2009

विवाह मुहू‌र्त्त

5 मई: उत्तराफाल्गुनी में भद्रा के बाद

6 मई: हस्त में दोपहर 2.50 के बाद

6-7 मई: चित्रा में (यजुर्वेदी)

7 मई: स्वाति में

12 मई: मूल में सायं 7.55 तक

15 मई: श्रवण में भद्रा से पूर्व (यजुर्वेदी)

16 मई: धनिष्ठा में रात्रि 11.28 के बाद (यजुर्वेदी)

17 मई: धनिष्ठा में (यजुर्वेदी)

19-20 मई: उत्तराभाद्रपद में भद्रा के अतिरिक्त

30 मई: मघा में भद्रा से पूर्व

द्विरागमन (गौना) मुहू‌र्त्त

6 मई: हस्त में अपराह्न 2.50 के बाद

7 मई: चित्रा-त्रयोदशी में

14 मई: उत्तराषाढ में

मुण्डन मुहू‌र्त्त

1 मई: पुष्य में भद्रा से पूर्व

6 मई: हस्त में

7 मई: चित्रा में

11 मई: ज्येष्ठा में

21 मई: रेवती में

22 मई: अश्विनी में

26 मई: मृगशिरा में (क्षत्रियों का)

28 मई: पुनर्वसु, पुष्य में

यज्ञोपवीत मुहू‌र्त्त

1 मई: पुष्य में भद्रा से पूर्व

4 मई: पूर्वाफाल्गुनी में

5 मई: उत्तराफाल्गुनी में (क्षत्रिय, सामवेदियों का)

6 मई: हस्त में

7 मई: चित्रा में

10 मई: अनुराधा में

14 मई: पूर्वाषाढ में

21 मई: रेवती में

26 मई: मृगशिरा में (क्षत्रिय, सामवेदियों का)

28 मई: पुनर्वसु, पुष्य में

29 मई: पुष्य में

शिलान्यास (नींव—पूजन) मुहू‌र्त्त

1 मई: पुष्य में भद्रा से पूर्व

6 मई: हस्त में (विशेष शुभ)

7 मई: चित्रा में (विशेष शुभ)

14 मई: उत्तराषाढ में

16 मई: धनिष्ठा में

20 मई: उत्तराभाद्रपद में

21 मई: रेवती में

22 मई: अश्विनी में

28 मई: पुष्य में

गृह—प्रवेश मुहू‌र्त्त

1 मई: पुष्य में भद्रा से पूर्व (विशेष शुभ)

6 मई: हस्त में (विशेष शुभ)

7 मई: चित्रा में (विशेष शुभ)

14-15 मई: उत्तराषाढ में

16 मई: धनिष्ठा में

20 मई: उत्तराभाद्रपद में (विशेष शुभ)

21 मई: रेवती में (विशेष शुभ)

25 मई: रोहिणी, मृगशिरा में

28 मई: पुनर्वसु , पुष्य में

व्यापार मुहू‌र्त्त

1 मई: पुष्य में भद्रा से पूर्व

6 मई: हस्त में

7 मई: चित्रा-त्रयोदशी में

10 मई: अनुराधा में

14-15 मई: उत्तराषाढ में

20 मई: उत्तराभाद्रपद में

21 मई: रेवती में

22 मई: अश्विनी में

28 मई: पुनर्वसु, पुष्य में

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