मेष
देवगुरु बृहस्पति की कृपा से पिछले साल की तुलना में यह वर्ष अच्छा बीतेगा। इष्टदेव की अर्चना, तीर्थयात्रा, दान-पुण्य से भाग्योदय होगा। आत्मविश्वास बढेगा। किसी नई योजना का निर्माण करेंगे। संतान-सुख मिलेगा। अधूरा काम पूरा होगा। शनि शुभ-अशुभ मिश्रित फलदायक रहेगा। मई से राहु-केतु कार्य क्षेत्र में विघ्न-बाधा तथा मानसिक तनाव देंगे। स्वामी कार्तिकेय की आराधना करें एवं मध्यमा अंगुली में चांदी की अंगूठी में लाजवर्त धारण करें।