मेष सन् 2009
कठोर परिश्रम से ही कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। अहंकार को त्यागें तथा वाद-विवाद से बचें। मंगलवार एवं शनिवार को सुन्दरकाण्ड का पाठ करें। 9 सितम्बर से शनिदेव की अनुकूलता वरदान साबित होगी। विघ्न-बाधाओं का शमन होगा। शत्रुओं पर विजय मिलेगी। देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए गुरुवार का व्रत करें और केले के वृक्ष का पूजन करें। सालभर राहु और केतु भी पीडा देंगे। इनके अरिष्ट के शमनार्थ लाजवर्त को चाँदी की अँगूठी में मध्यमा अंगुली में पहनें। शिवजी पर ताँबे का सर्प चढायें।