अक्टूबर
कार्य-सिद्धि योग
3 अक्टूबर को दोपहर 3.23 से रात्रिपर्यन्त
5 अक्टूबर को रात्रि 9.06 से सूर्योदय तक
10 अक्टूबर को सूर्योदय से प्रात: 7.10 तक
14 अक्टूबर को सूर्योदय से प्रात: 6.48 तक
18 अक्टूबर को सूर्योदय से रात्रि 8.12 तक
26 अक्टूबर को सम्पूर्ण दिन-रात
30 अक्टूबर को रात्रि 10.50 सेसूर्योदय तक
31अक्टूबर को सूर्योदय से रात्रि 1.32 तक
अमृत योग
15 अक्टूबर को प्रात: 5.05 से सूर्योदय तक
18 अक्टूबर को सूर्योदय से रात्रि 8.12 तक
26 अक्टूबर को दोपहर 3.45 से रात्रिपर्यन्त
सर्वदोषनाशक रवि योग
2 अक्टूबर को दोपहर 1.02 से3 अक्टूबर को दोपहर 3.23 तक
4 अक्टूबर को सायं 6.07 से5 अक्टूबर को रात्रि 9.06 तक
7/8 अक्टूबर को रात्रि 2.58 से 10 अक्टूबर को प्रात: 7.10 तक
10 अक्टूबर को मध्याह्न 11.43 से11 अक्टूबर को प्रात: 8.13 तक
13 अक्टूबर को प्रात: 7.58 से16 अक्टूबर को प्रात: 6.48 तक
19 अक्टूबर को सायं 6.15 से 20 अक्टूबर को सायं 4.38 तक
द्विपुष्कर (दोगुना फल) योग
11 अक्टूबर को प्रात: 7.14 से 8.13 तक
त्रिपुष्कर (तीनगुना फल) योग
25 अक्टूबर को दोपहर 2.54 से रात्रि 2.20 तक
अशुभ ज्वालामुखी योग
22/23 अक्टूबर को रात्रि 3.26 से दोपहर 2.21 तक
विघ्नकारक भद्रा
3 अक्टूबर को प्रात: 5.10 से सायं 6.05 तक
6/7 अक्टूबर को रात्रि 1.22 से दोपहर 2.31 तक
10 अक्टूबर को सायं 7.01 से11 अक्टूबर को प्रात: 7.14 तक
13/14 अक्टूबर को रात्रि 3.55 से दोपहर 2.43 तक
17 अक्टूबर को प्रात: 6.11 से सायं 4.39 तक
20 अक्टूबर को प्रात: 8.22 से सायं 7.20 तक
23 अक्टूबर को दोपहर 3.03 से रात्रि 2.40 तक
26/27 अक्टूबर को रात्रि 2.45 से दोपहर 3.09 तक
पंचक
10 अक्टूबर को सायं 7.42 बजे से15 अक्टूबर को प्रात: 5.05 बजे तक
चंद्रमा का राशि-प्रवेश
3 अक्टूबर को प्रात: 8.48 बजे वृश्चिक राशि में
5 अक्टूबर को रात्रि 9.06 बजे धनु राशि में
8 अक्टूबर को प्रात: 9.35 बजे मकर राशि में
10 अक्टूबर को सायं 7.42 बजे कुम्भ राशि में
12/13 अक्टूबर को रात्रि 2.05 बजे मीन राशि में
15 अक्टूबर को प्रात: 5.05 बजे मेष राशि में
17 अक्टूबर को प्रात: 6.08 बजे वृष राशि में
19 अक्टूबर को प्रात: 7.13 बजे मिथुन राशि में
21 अक्टूबर को प्रात: 9.44 बजे कर्क राशि में
23 अक्टूबर को दोपहर 2.21 बजे सिंह राशि में
25 अक्टूबर को रात्रि 9.07 बजे कन्या राशि में
28 अक्टूबर को प्रात: 5.44 बजे तुला राशि में
30 अक्टूबर को सायं 4.15 बजे वृश्चिक राशि में
मूल-संज्ञक नक्षत्र
ज्येष्ठा-मूल:4 अक्टूबर को सायं 6.07 बजे से 6/7 अक्टूबर को मध्यरात्रि 0.08 बजे तक
रेवती-अश्विनी:14 अक्टूबर को प्रात: 6.48 बजे से 15/16 अक्टूबर को रात्रि 3.01 बजे तक
आश्लेषा-मघा:22 अक्टूबर को दोपहर 2.40 बजे से24 अक्टूबर को दोपहर 2.26 बजे तक