भारत व एनआरआई/पीआईओ के बीच संबंधों को मजबूत करने में शिक्षा एक ऐसा क्षेत्र है जो महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। कमेटी ने, खासकर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय बच्चों के लिए अच्छी स्कूली शिक्षा पर बल दिया-
1. मध्य वर्ग के बच्चों के लिए नए आवासीय स्कूलों का निर्माण हो।
2. स्कूल में आवासीय सुविधा के साथ-साथ अन्य आवश्यक सुविधाओं में बढ़ोतरी हो।
3. इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को वैसे पाठयक्रम द्वारा शिक्षित किया जाए जो आज के दौर में प्रासंगिक हो।
4. नवोदय विद्यालय व देश के प्रमुख प्राइवेट स्कूलों में अलग से इन बच्चों के लिए सीटें आरक्षित हों।
5. यूनाइटेड वर्ल्ड कालेज जैसे संस्थानों से अवकाश के दौरान छात्रों की अदला-बदली की व्यवस्था की जाए।
6. भारत की प्रमुख तकनीकी व मेडिकल संस्थानों में खाड़ी, कैरेबियाई, फिजी, अफ्रीकी व दक्षिण पश्चिम एशियाई देशों के प्रवासी भारतीय छात्रों के दाखिले की ललक को देखते हुए संबंधित कालेजों व विश्वविद्यालयों में इनके लिए आरक्षित सीटों की संख्या बढ़ाए जाने की सिफारिश की गई।
7. दूसरे देशों में वहां की सरकार के सहयोग से भारतीय शैक्षणिक संस्थान यथा आईआईटी, आईएमएम व मेडिकल कॉलेजों के स्टडी सेंटर स्थापित किए जाएं।
8. विभिन्न विषयों से संबंधित पत्राचार पाठयक्रमों की शुरुआत हो।
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