कुआलालंपुर। मलेशिया के भारतीय मूल के लोगों के एक गांव बुआ पाला में घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई एक सितंबर तक टाल दी गई है। इस गांव में बडी संख्या में ग्वाले रहते हैं। इस घटना से मलेशिया में एक बार फिर भू-स्वामित्व अधिकार की कमी सामने आ गई है।
बुआ पाला गांव में रहने वाले भारतीय ग्वालों ने अपना घर छोडकर जाने से मना कर दिया था। ये ग्वाले पेनांग राज्य के सबसे पुराने निवासी हैं। अदालत ने यह कहकर इन्हें घर खाली करने का आदेश दिया था कि वे जमीन पर कब्जा नहीं कर सकते। इसके बाद सरकार ने बुआ पाला में ग्वालों के घरों पर बुलडोजर चलाने का आदेश दे दिया। अधिकारियों व दंगानिरोधक पुलिस के समक्ष ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन कर अपने घरों को छोडने से मना कर दिया। आखिर घरों को तोडने की कार्रवाई टाल दी गई।
स्थानीय पुलिस प्रमुख आजम अब्दुल हमीद के मुताबिक घर तोडने का काम एक सितंबर तक टाला गया है। ताकि यहां के करीब 300 लोग अपने लिए नया घर तलाश कर सकें। स्थानीय कार्यकर्ता आर.एस. थनेंथिरन ने कहा कि लोग नई समय सीमा पर राजी हैं। उन्होंने ग्रामीणों के भू-स्वामित्व अधिकारों की सुरक्षा व नए घर दिलाने के संबंध में सरकार से अपील करने का आश्वासन भी दिया।
|
|
||||
|