हिंदी अकादमी ने की पुरस्कारों की घोषणा
नई दिल्ली। हिंदी अकादमी दिल्ली ने इस साल से पुरस्कारों के भारी भरकम प्रारूप में फेरबदल करते हुए शलाका सम्मान सहित आठ श्रेणियों में पुरस्कारों की घोषणा की और पत्रकारिता के लिए अलग से दिए जाने वाले पुरस्कार को ज्ञान प्रौद्योगिकी वर्ग में समेट दिया। हिंदी अकादमी दिल्ली के ...
¨हद-स्वराज में जिस विधा का उपयोग किया गया है वह अपने-आप में कठिन विधा है। प्रश्नोत्तरी का तरीका तो हमारे धर्मग्रंथों में भरा पडा है चाहे वह योगवाशिष्ठ हो, याज्ञवलक्य और जनक की बातचीत हो, रामचरितमानस में तो शंकर-पार्वती, कागभुषुंडि-गरुड आदि अनेक युग्मों के बीच संवाद हुए हैं। प्रश्नोत्तर के माध्यम से वे अनेक ...
मुझसे ज्यादा गरीबी शायद ही किसी ने देखी हो
बचपन पहाड की पथरीली राहों पर बीता, मां को अभावों से लोहा लेते देखा, असुविधाओं के साथ-साथ किताबें भी पढीं, शायद यही था अनुकूल तापमान, जिसमें डा. रमेश पोखरियाल निशंक में रचनाशीलता पैदा हुई। राजनीति की ऊसर और पथरीली भूमि और साहित्य के सौम्य सागर में एक साथ विचरण ...
यहां पात्र मनाते हैं लेखक का जन्मदिन
मान लीजिए आप कोई उपन्यास या कहानी पढ रहे हों तो क्या सोचते हैं? पात्रों की व्यथा-कथा, उनकी हंसी-खुशी पढकर या फिल्मों-सीरियलों में देख-सुनकर आपको यही लगता होगा कि कहानी जीवन की तो है लेकिन पता नहीं सच्ची है या झूठी। लेकिन यहां पात्र सजीव हैं और अपने लेखक का ...
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