युवा कथाकार मनोज रूपडा का उपन्यास प्रति संसार उपन्यास के प्रचलित फार्म को साग्रह और सोद्देश्य अतिक्रमित करता है। उपन्यास का जो वर्णनात्मक या वृत्तात्मक ढांचा प्रचलित रहा है उससे अलग यह उपन्यास सिनेमेटोग्राफी की शैली में लिखा गया है। शब्दबद्ध होते हुए भी यह कृति बिंबों और चित्रों की ...
(पहली किस्त)
सुश्री क्रिस्टिन ग्रीनस्टिडल और श्रीमती मेरी फंकी, क्लेटन से स्टीमर की यात्रा कर घाट पर आ उतरी थीं। अभी सांझ ढली नहीं थी। घाट पर ही पूछताछ की। ठहरने के लिए किराए के कमरे की व्यवस्था हो गई। भोजन भी करना ही था। भूख लग आई थी। ...
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