स्लमडॉग के बहाने

स्लमडॉग के बहाने   


ऑस्कर अवार्ड प्राप्त फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर देखने के पश्चात् मुंबई की धरावी बस्ती को करीब से देखने का स्वप्न आज पूरा हो रहा था। फिल्म स्लम डॉग मिलियनेयर की अप्रत्याशित सफलता के बाद यहां गैर स्लम बाशिंदों की चहल-पहल बढ गई है।

अब रोज दर्जनो नई-नई चमचमाती गाडियों के ...

कब लुटिहै चेन कब मिलिहै चैन   


चेन लुटने की भी अपनी अलग खुशी है। इसे वह क्या समझेगा जिसके पास चेन है ही नहीं। किसी को बताने में कितना गर्व महसूस होता है कि पांच तोले की थी, लुट गई। जिस मोहल्ले की जितनी अधिक चेन लुटती हैं उसे उतना ही सम्पन्न माना जाता है। ऐसे मोहल्लों के लोग जब अपनी बेटी का रिश्ता तय करने जाते हैं तो गर्व से बताते हैं, पैसे-रुपए की कोई चिंता न करे। दो बार चेन लुट चुकी है। कुल मिलाकर चेन लुटना अब स्टेटस सिंबल बन गया है। ...

कहां फंस गई मैं?   


इस जमाने में कौन लडकी यह नहीं चाहेगी कि उसकी शादी उससे हो जो अच्छा वेतन पाता हो। शादी के पहले मैं भी यही सपना देखा करती थी। दुआएं मांगती थी पति ऐसा मिले जो खूब कमाए और मैं बैठकर ऐश करूं। शादी की कई जगह बात चली। मैंने कुछ ...

सलामत रहे दोस्ताना हमारा   


सैंकडों मित्र बनाने चाहिए। यह हितोपदेश कहता है। मुझे इसमें स्वार्थ की बू आती है कि मित्र इसलिए बनायें कि वे हमारे गाढे वक्त में काम आयें। अपनी परेशानी उन पर डाल दें। यह कैसी मित्रता? सच्चा मित्र अपना कष्ट अपने मित्र को बतला ही नहीं सकता। अगर भूल-चूक से ...

गांव में इवेंट मैनेजमेंट   


पंडिज्जी का छोकरा लल्लन एमबीए हो गया। फैमिली में खुशी का माहौल था। पंडिताइन ने कहा, ए जी, आज बरसों की मुराद पूरी हुई। गांव चलकर कथा कहलवा दी जाए। इसी बहाने अपना बच्चा बाप-दादों का गांव-घर भी देख लेगा। मैंने जो मन्नत मांग रखी है, वह भी पूरी हो जाएगी। ...