चिन्तन, मनन और विवेचन

चिन्तन, मनन और विवेचन   


¨चतन, मनन और विवेचन डॉ. कुमार विमल के चौदह सर्वोत्तम और दीर्घ आलोचनात्मक लेखों का संग्रह है, आज जबकि आलोचना के नाम पर वाद-विवाद और संवाद का ही बोलबाला है। हिंदी में सौंदर्यशास्त्र पर पहला प्रामाणिक ग्रन्थ लिखने वाले डॉ. विमल का लेख सौंदर्यशास्त्रीय आलोचना के नये आयाम इस ग्रन्थ ...

संकेत   


केशव तिवारी उन चंद कवियो में हैं जो शब्दों की बाजीगरी से दूर जिंदगी के खटने की आवाज को उसकी पूरी संवेदना और तर्क के साथ दर्ज करते है। हाल ही में कविता केन्द्रित पत्रिका संकेत [सं. अनवर सुहैल] ने केशव तिवारी अंक निकाला है।

कवर पृष्ठ पर छपी ...

इंडिया बेटल्स टु विन   


इंडिया बेटल्स टु विन यशस्वी लेखक-पत्रकार तरुण विजय की तीसरी किताब है। तरुण विजय का दक्षिणपंथी रुझान सर्वविदित है और सबसे अच्छी बात यह है कि अपनी विचारधारा को लेकर वह किसी संकोच, दुविधा या अपराधबोध से ग्रस्त नहीं हैं। वह जो भी हैं, हैं और खुलकर हैं। उनकी यह वैचारिक स्पष्टता और दृढता ही उन्हें दूसरों से अलग करती है। ...

आखर अरथ   


दिनेश कुमार शुक्ल की आलोच्य कृति का नाम है-आखर अरथ यानी लोक चैतन्य का संस्कृतीकरण। आखर से शब्द बनते हैं। शब्दों में अर्थ होता है। पाठक इन दोनों को मिलाकर ही कविताओं का ज्ञान करना चाहता है। इसीलिए वह चाहता है कि रचनाकार शब्दों की आकांक्षा, योग्यता और सन्निधि का ध्यान रखते हुए ही अपने काव्य कर्म का बोध कराए। ...

एक ठग की दास्तान   


जब ठगों का जिक्र होता है तो भारतीय संदर्भ में पिंडारियों का स्मरण ऐतिहासिक स्वाभाविकता है। लेकिन पिंडारियों के समकालीन अन्य ठगों के दल उनके समांतर सक्रिय रहे, यह बात भारतीय अंग्रेज कर्नल फिलिप मिडोज टेलर की समीक्ष्य कथात्मक और ठग अमीर खान की आत्मकथात्मक पुस्तक से ही जाहिर हो पाता है। ...