लंदन। नोबेल पुरस्कार विजेता कवि टीएस इलियट अपने जीवन के अंतिम दिनों में क्रूर पति और साम्यता विरोधी होने के आरोपों को झेलते रहे। लेकिन उनके कुछ पत्र तो अलग ही कहानी बयां करते हैं।
एक न्यूज दैनिक के अनुसार, बीसवीं सदी के महान कवि इलियट की मौत के 40 साल बाद मिले उनके पत्रों ने उनके चरित्र और व्यक्तित्व के बारे में कई मिथकों को तोड दिया है। इनमें से अधिकतर पत्र 1920 के दशक में खुद इलियट द्वारा लिखे गए हैं। जिनसे पता चलता है कि अमेरिकी मूल के इलियट अपनी पत्नी के स्वास्थ्य को लेकर गंभीर रूप से चिंतित थे। इलियट ने 1915 में 26 साल की उम्र में शादी की थी।
पत्नी का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण वे मानसिक तौर पर काफी परेशान और निराश थे। इसके चलते उन्होंने डाक्टरों को कई बार गालियां तक दे डाली थीं। उनके पत्रों में लिखा है कि उन्होंने कई बार अपनी जान लेने की भी कोशिश की थी। इलियट ने अप्रैल 1924 में अपने भाई को लिखा, विवियन [उनकी पत्नी] की बीमारी के बारे में कहा नहीं जा सकता। वह पहले से ज्यादा पीडा झेल रही है। उन्होंने उपन्यासकार और आलोचक मिडलटन मुरे को लिखा कि उनकी पत्नी इतनी बीमार हो गई थीं कि उन्हें लगा कि वे मर चुकी हैं।
इन सबके विपरीत उनके कुछ पत्र एक अलग ही तस्वीर पेश करते हैं।
उनमें लिखा है कि इलियट को अपनी बीमार बीवी की कोई परवाह नहीं थी। उस दौरान वह कविताएं लिखने में भी असमर्थ थे। उनके पत्रों से यह भी पता लगता है कि उनकी कई महिलाओं से दोस्ती थी।
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