बने-बनाए रास्ते पर तो सभी चलते हैं, मजा तो तब आए जब रास्ता खुद बनाते हुए चलें। असली यायावरों का मूल मंत्र यही है। चाहे मैदान हो या रेगिस्तान, सागर हो या जंगल या फिर पहाड़ ही क्यों न हो - ज्ञान-विज्ञान का जो भंडार आज हमारे पास उपलब्ध है वह ऐसे घुमक्कड़ों की ही देन है। दुनिया भर के ऐसे अन्वेषी यायावरों का सबसे पसंदीदा स्थल है हिमालय, जो हमारे लिए सबसे करीब भी है। हिमालय के निपथ भ्रमण यानी ट्रेकिंग का मजा ही कुछ और है। लगभग पूरे हिमालय की खाक छान चुके प्रेम एन नाग से आइए हम भी जानें गिरिराज के खास ट्रेकिंग रूट्स।