बचपन में सुनी परियों की कहानियां तो याद हैं न! कितनी सुंदर होती होगी उनकी दुनिया.. कहानी सुनने के बाद अकसर यही सोचते-सोचते नींद आ जाती थी और नींद में ही कभी-कभी उनके लोक में हो भी आते थे। अगर आप मिलम ग्लेशियर जा सकें तो प्रेम एन नाग की तरह आपको भी लगेगा कि सिर्फनींद ही नहीं, जागते हुए भी जाया जा सकता है परीलोक में।