जीवन में कई बार कुछ अनचाहा घट जाता है, लेकिन जीवन रुकता नहीं। जिंदगी बीते हुए कल को भूलकर आगे बढ़ती है। जिम्मेदारियों का निर्वाह सबको करना पड़ता है। हमसफर साथ हो तो सफर थोड़ा आसान हो जाता है, लेकिन जीवन की सांध्य बेला में साथी के बगैर सफर मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दुखों और संघर्ष की राह के दो सहयात्री हाथ थाम लें तो!