नीला गुलदस्ता
तपती गर्मियों की उमस भरी रात हो, अनजान जगह हो, ऐसे घुप अंधेरे में किसी का जी घूमने को करने लगे! इस कहानी के नायक का मन कुछ ऐसा ही चाहने लगा था। लॉज-मालिक द्वारा रोकने के बावजूद वह घूमने निकल गया। सुनसान रास्ते में आखिर ऐसा क्या हुआ कि वह घबरा कर उल्टे पैरों वापस लौटा और अगले ही दिन उसने वह कस्बा छोड़ दिया। पढि़ए मेक्सिको के मशहूर नोबल पुरस्कार प्राप्त कहानीकार पाज की रहस्य-रोमांच से भरपूर कहानी।

जीवन में कई बार कुछ अनचाहा घट जाता है, लेकिन जीवन रुकता नहीं। जिंदगी बीते हुए कल को भूलकर आगे बढ़ती है। जिम्मेदारियों का निर्वाह सबको करना पड़ता है। हमसफर साथ हो तो सफर थोड़ा आसान हो जाता है, लेकिन जीवन की सांध्य बेला में साथी के बगैर सफर मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दुखों और संघर्ष की राह के दो सहयात्री हाथ थाम लें तो!
 
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