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कैसा सच किसका सामना
एक खास वर्ग पर केंद्रित सीरियलों की निरर्थक कहानियों से ऊबे दर्शकों को छोटे परदे से बांधने के लिए एक दशक पहले रिअलिटी शो की शुरुआत हुई। इन शोज के जरिये कई छिपी प्रतिभाएं सामने आई और ऐसे लोगों को सेलिब्रिटी बनने तक का मौका मिला जिन्हें गली-मोहल्ले के लोग भी नहीं जानते थे। पर अब यही शो समाज के सामने कुछ लोगों के निजी जीवन के बीभत्स उदाहरण पेश कर पारिवारिक ढंाचे को ही नष्ट करने में जुट गए हैं। समाज को किस दिशा में ले जाएंगे ये, इन आयोजनों से जुड़ी हस्तियों के साथ इसकी पड़ताल कर रहे हैं इष्ट देव सांकृत्यायन।
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ग्लोबल देसी
इस कलेक्शन में बाटिक प्रिंट्स और पैचवर्क को प्रमुखता से प्रयोग किया गया। रंगों के एक्सपेरिमेंट में डिजाइनर ने कलात्मकता का पूरा परिचय दिया है। चटख रंगों के साथ कंटेंपरेरी कट्स के प्रयोग वाली यह ड्रेस प्रोफेशनल और कॉलेज-गोइंग
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गुलाबजामुन
1. खोया, छेना और मैदा को एक साथ अच्छी तरह मिलाकर नर्म आटा गूंध लें। ,
2. मिश्रण से थोड़ा आटा निकालकर उसमें पिस्ता, इलायची पाउडर, चीनी और केसर मिलाएं। अलग रख लें। फिर इससे 1-1 इंच के बराबर छोटी-छोटी गोलियां बनाएं। अब मैदा मिश्रण से मध्यम आकार की गोलियां बनाकर छोटी-छोटी गोलियां बीच में भरकर गोल करें। ,
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जलजला
आज की स्त्री के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल है घर-बाहर के बीच सामंजस्य बिठाना। कई बार करियर की चाह ऐसे अंधे खोह की ओर भी ले जाती है, जहां पहुंच कर वह अपनों को भी खो बैठती है, क्योंकि उन्हें देने के लिए उसके पास समय ही नहीं होता। लेकिन अचानक कोई दुर्घटना, कोई असामान्य घटना एकाएक फिर उसे अपनों के बीच लौटा लाती है। क्या रिश्तों में फिर से जिंदगी लौट पाती है!
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| सखियों की राय |
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