एक-दूसरे का सम्मान जरूरी है: शिल्पा शुक्ला
एक-दूसरे का सम्मान जरूरी है: शिल्पा शुक्ला

आप शादी के बारे में क्या सोचती हैं?

शादी के बारे में मेरे खयाल बहुत अच्छे और नेक हैं। शादी बहुत अच्छी संस्था है इसे हर किसी को अपनाना चाहिए।

आपकी नजर में शादी?

अपने सपनों को पूरा करने के लिए जब दो लोग एक साथ एक बंधन में बंधते हैं तो उस रिश्ते को शादी कहते हैं।

अपने हमसफर से कितनी उम्मीदें हैं?

कुछ भी नहीं, क्योंकि उम्मीदें और अपेक्षाएं ही दुख का मूल कारण हैं।

शादी से पहले सोचा था कि आपका हमसफर किस क्षेत्र का होगा?

मैंने पहले ही तय कर लिया था कि मैं जिस क्षेत्र से हूं, उसे समझने के लिए मुझे एक एक्टर ही चाहिए।

यदि आपका हमसफर कोई अफेयर करता है तो आपकी प्रतिक्रिया क्या होगी?

अगर वह ऐसा करता है तो मैं उसे समझने की कोशिश करूंगी, क्योंकि हर चीज की कोई ना कोई वजह होती है।

शादी का आधार प्यार और विश्वास पर टिका होता है। आप क्या कहेंगी?

मैं इस बात से बिलकुल सहमत हूं। एक-दूसरे पर विश्वास रखने से कहीं अधिक जरूरी है एक-दूसरे का सम्मान करना, क्योंकि सारी परेशानियां वहीं से शुरू होती हैं। एक-दूसरे का सम्मान करना, एक-दूसरे की नजरों में अहमियत दर्शाता है।

कहते हैं जोडियां आसमान में बनती है, शादी के द्वारा पृथ्वी पर उनका मिलन होता है। क्या आप इस बात से सहमत हैं?

जी नहीं, क्योंकि अगर ऐसा होता तो उनका तलाक क्यों होता? इसीलिए मैं सोचती हूं जो भी होता है, वह इस धरती पर ही होता है।

कहते हैं शादी का लड्डू जो खाए वो भी पछताए और जो ना खाए वो भी। आपका अपने बारे में क्या खयाल है?

(हंसते हुए) मेरा अलग खयाल है। मुझे लगता है शादी के लड्डू को हमने सही समय पर खाकर बिलकुल ठीक किया। मगर फिर भी हर किसी की अपनी सोच है। यह उन पर निर्भर करता है कि वह इस लड्डू को खाकर पछताए या खुश हुए।

आपके अनुसार शादी के प्लस पॉइंट और माइनस पॉइंट क्या हैं?

शादी का प्लस पॉइंट यह है कि शादी के बाद आपकी खुशियां दोगुनी और दुख आधा हो जाता है। इसके माइनस पॉइंट वही बता सकते हैं जो इस बंधन को नहीं निभा पाते। दरअसल मुझे लगता है शादी के बाद का शुरुआती एक साल बहुत भारी होता है। इसलिए जो लोग इस एक साल को नहीं निभा पाते उनके लिए मुझे बहुत बुरा लगता है।

शादी को जन्म जन्मांतर का बंधन माना जाता है। आप मानती हैं?

बिलकुल मानती हूं। मुझे लगता है हम दोनों पिछले जन्म में मिल चुके हैं और अगले जन्म में एक नए रूप और एक नए किरदार में फिर मिलेंगे।

रजनी लक्ष्मी नारायण
 
ईमेल करें   मैसेंजर के द्वारा भेजें   प्रिंट संस्‍करण  
लेख को दर्जा दें

दर्जा दें

0 out of 5 blips

(11) वोट का औसत

average:4.454546
Saving...
 

अन्य
फिर छाएगा पौराणिक फिल्मों का दौर
आपसी समझ है हमारे रिश्ते की बुनियाद
मैंने एक्टिंग में डारेक्ट एंट्री ली है: निखिल