जेन मेरी सच्ची दोस्त है: अमृता

      
जेन मेरी सच्ची दोस्त है: अमृता

जेनिलिया मेरी को-स्टार ही नहीं, मेरी अच्छी दोस्त भी है। अकसर यह कहा जाता है कि दो फीमेल को-स्टार्स में अच्छी नहीं पटती। पर हम दोनों बहुत पक्की सहेलियां हैं। मुझे याद है कि जेनिलिया से मेरी पहली मुलाकात फिल्म मस्ती की स्टोरी सिटिंग्ज के दौरान हुई थी। अपनी मम्मी के साथ वह आई। कुछ शांत-चुपचाप सी लगी मुझे। हम दोनों को कहानी एक साथ ही सुनाई गई। मैंने उसी समय निर्देशक इंद्र कुमार को फिल्म के लिए हां कर दी। लेकिन जेनिलिया ने फिल्म साइन करने के बारे में कोई जवाब नहीं दिया। हमारा औपचारिक परिचय तो तभी हो चुका था। फिर शूटिंग शुरू हुई तो मैंने उसे सेट पर देखा। मैंने उसे तब पूछा, जेनिलिया तुमने इंद्रकुमार को जवाब क्यों नहीं दिया उस दिन? मुझे फिल्म की स्क्रिप्ट पसंद आ गई थी, सो मैंने उन्हें कहा कि मैं यह फिल्म करने जा रही हूं। पर अशोक ठकेरिया जैसा निर्माता, इंद्रकुमार जैसा निर्देशक और फरदीन, रितेश, विवेक ओबेराय जैसे मंजे हुए स्टार्स के साथ फिल्म करने में तुम क्यों हिचक रही थीं? जेनिलिया दो मिनट गुमसुम रहीं, फिर धीरे से बोली, दरअसल मैं हिंदी ठीक से नहीं बोल पाती। इसलिए हिंदी फिल्म करने से डरती हूं। बहुत से शब्दों के दो अर्थ होते हैं जब आप भाषा को ठीक से नहीं जानते तो कठिनाई आती है। मैंने कुछ फिल्में की हैं, वो भी दक्षिण भारतीय .

सच कहूं तो मैंने जेनिलिया की सादगी के साथ समझदारी को उसी वक्त समझ लिया था। सिंपल पर फिर भी स्मार्ट है जेनिलिया।

मेरी और उसकी मुलाकात फिर एक बार हाल ही में फिल्म लाइफ पार्टनर के दौरान हुई। अब तो जेनिलिया बॉलीवुड के रंग में रंग चुकी है। हम दोनों में कुछ बातें बहुत कॉमन हैं-जैसे हम दोनों की बैकग्राउंड नॉन-फिल्मी हैं। हमारा यहां कोई गॉडफादर नहीं हैं। फिर भी आत्मविश्वास के बलबूते पर हमने कुछ तो अपनी जगह बना ली है यहां। लाइफ पार्टनर की शूटिंग के दौरान जेनिलिया बीमार हो गई। तबीयत बिगडने से वह डांस प्रैक्टिस नहीं कर सकी। उसने रात के समय मुझे अपनेकमरे में बुलाया और पूरी रात मैं उससे डांस रिहर्सल करवाती रही।

सुबह की फ्लाइट से जब जेनिलिया की मम्मी उससे मिलने लोकेशन पर पहुंचीं, तब यूनिट वालों ने उनसे कहा-आप यहां नहीं थीं, फिर भी आपका स्नेह जेनिलिया को अमृता से मिल गया। ये सुनकर जेनिलिया की मॉम ने मुझे गले लगा लिया। मेरे लिए एक सहेली के सच्चे प्यार से बढकर कुछ और नहीं जेन इज माय ट्रू फ्रेंड।

एस. सुशीला
 
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