व्यक्तिगत समस्याएं  

मैं 54 वर्षीया गृहिणी हूं। मेरी दो बेटियां हैं। बडी बेटी को बचपन में पोलियो हो गया था। इसके कारण वह बैसाखी के सहारे ही चल-फिर पाती है। वैसे वह देखने में सुंदर है और आजकल एक स्कूल में पढाने भी लगी है। उसकी उम्र 27 वर्ष है, लेकिन अभी तक उसकी शादी तय नहीं हो पा रही। इस वजह से हम अपनी छोटी बेटी के बारे में भी कुछ नहीं सोच पा रहे। रिश्तेदार सलाह देते हैं कि पहले छोटी की शादी कर दूं। पर मुझे यह ठीक नहीं लगता। आजकल मैं बहुत परेशान हूं। आप ही बताएं कि मुझे क्या करना चाहिए?

पी. जी., कोटा

आपका यह प्रयास सराहनीय है कि आपने अपनी विकलांग बेटी को पढा-लिखाकर इस काबिल बनाया है कि वह आत्मनिर्भर हो गई है। आप जीवन की इस वास्तविकता को स्वीकार लें कि आपकी बडी बेटी के साथ ऐसी समस्या है, जिसके कारण उसकी शादी में दिक्कत आ सकती है। फिलहाल आप इन सामाजिक रीति-रिवाजों के बारे में ज्यादा न सोचें। अगर छोटी बेटी के लिए कोई अच्छा रिश्ता आ रहा है तो उसकी शादी पहले करने में कोई हर्ज नहीं है। इस बीच आप बडी बेटी के लिए भी लडका ढूंढती रहें। उम्मीद है उसकी भी शादी जल्द ही हो जाएगी। अगर नहीं हो पाती तो भी चिंता की कोई बात नहीं, क्योंकि अब वह इस काबिल बन गई है कि अकेले जीवन गुजार सकती है।

मैं 26 वर्षीया विवाहिता हूं और मेरी शादी को अभी छह ही माह हुए हैं। मेरी समस्या यह है कि मेरे पति बेहद शक्की स्वभाव के हैं। अकसर वह मेरा मोबाइल लेकर उसमें मेसेज चेक करते रहते हैं। उनका व्यवहार बडा ही अजीब सा है। एक दिन वह पूछने लगे कि तुम दिखने में बहुत सुंदर हो इसलिए शादी से पहले जरूर तुम्हारा कोई अफेयर रहा होगा। यहां तक कि वह शाम को घर लौटने के बाद घर के नौकर और ड्राइवर से भी मेरे बारे में पूछताछ करते हैं। इससे मुझे बहुत दुख होता है। यह सोचकर बहुत घबराहट हो रही है कि ऐसे व्यक्ति के साथ मैं अपनी सारी जिंदगी कैसे बिता पाऊंगी। आप ही बताएं कि मुझे क्या करना चाहिए?

के. डी., कोलकाता

शक के कारण दांपत्य जीवन में बहुत ज्यादा तनाव और कलह होता है। वाकई, यह चिंताजनक है। मेरी राय में आपको अपने पति को प्यार से समझाना पडेगा कि उनका यह रवैया बिलकुल ठीक नहीं है। इसके बावजूद अगर वह अपनी इस आदत से बाज नहीं आते तो आपको उनसे इस मुद्दे पर स्पष्ट बात करनी चाहिए। अपनी ससुराल या फिर मायके वालों को भी इस बारे में अवगत करा दें ताकि लोगों को उनकी सच्चाई मालूम हो। वैसे अभी आपकी शादी को मात्र छह महीने ही हुए हैं इसलिए अभी कुछ समय तक आप धैर्य रखें। हो सकता है कि समय के साथ आपके पति की यह आदत सुधर जाए।

मैं19 वर्षीया छात्रा हूं। मेरी समस्या यह है कि एक वर्ष पहले मेरे पिताजी की मृत्यु हो गई। उसके बाद से घर की जिम्मेदारी बडे भाई पर आ गई और पिताजी के जाने के बाद भाई का व्यवहार हम छोटे भाई-बहनों के साथ बिलकुल बदल गया। सबसे पहले भाई ने मेरी पढाई का खर्च देना बंद कर दिया। इसलिए अब मैं ट्यूशन पढाकर अपनी पढाई का खर्च उठा रही हूं। मेरे छोटे भाई-बहन अभी स्कूल की पढाई कर रहे हैं। भाभी मां के साथ नौकरानियों जैसा व्यवहार करती है। यह देखकर मुझे बहुत दुख होता है। मैं ज्यादा से ज्यादा मेहनत करके आगे पढना और अपने भाई-बहनों को पढाना चाहती हूं। लेकिन ऐसी मुश्किल स्थिति में समझ में नहीं आता कि क्या करूं?

ए. के., बुलंदशहर

मैं आपकी हिम्मत की दाद देती हूं कि इतनी कम उम्र में आप अपने परिवार और माताजी के प्रति इतनी बडी जिम्मेदारी निभा रही हैं। आप अपने करीबी रिश्तेदारों से इस मुद्दे पर बातचीत करें और उनसे इस समस्या का हल ढूंढने को कहें। आप उन्हें बताएं कि भाई के इस रवैये से आप लोगों को कितनी परेशानी हो रही है। साथ ही अपने भाई को भी उसके फर्ज की याद दिलाएं। हो सकता है कि सामाजिक दबाव से आपके भाई-भाभी का व्यवहार सुधर जाए। अगर आपके सभी प्रयासों के बावजूद उनका यह रवैया नहीं बदलता तो आप अपनी मां और छोटे भाई-बहनों के साथ अलग रहने के विकल्प पर भी विचार कर सकती हैं। हालांकि यह फैसला बहुत आसान नहीं है, लेकिन यह आपको ही तय करना होगा कि आप अपमान की जिंदगी जीना चाहती हैं या स्वाभिमान की?

मैं 34 वर्षीया विवाहिता और एक बच्चे की मां हूं। मेरी शादी को छह वर्ष हो चुके हैं। मेरे पति सरकारी नौकरी में हैं और अब तक हमारा दांपत्य जीवन बहुत खुशहाल था। लेकिन पिछले एक वर्ष से मेरे पति के व्यवहार में बहुत बदलाव आ गया है। आजकल वह कमरे में बंद होकर घंटों पूजा करते रहते हैं। कई दिनों तक खाना-पीना सब छोड देते हैं। अजीब सी बहकी-बहकी बातें करते हैं और कहते हैं कि घर-गृहस्थी सब मोह-माया का जंजाल है। वह मेरे प्रति बिलकुल उदासीन हो गए हैं और बच्चों पर भी ध्यान नहीं देते। अकसर अकेले धार्मिक स्थलों पर साधना करने चले जाते हैं। जब हमारी शादी हुई थी तब वह आम लोगों की तरह खुशमिजाज थे। मालूम नहीं उनके व्यवहार में आने वाले इस बदलाव की क्या वजह है? आजकल मैं दिन-रात यही सोचती रहती हूं कि क्या वह पहले की तरह सामान्य हो पाएंगे?

एन. जी., सोनीपत

मैं आपके प्रति पूरी सहानुभूति रखती हूं। पर कोई तो वजह होगी जो आपके पति के व्यवहार में अचानक इस तरह का बदलाव आ रहा है। ईश्वर में श्रद्धा होना अच्छी बात है, लेकिन आपकी बातों से उनकी मनोदशा सामान्य नहीं लगती। मुझे लगता है कि जब आपके पति कुछ हद तक सामान्य मन:स्थिति में हों तो आपको उनसे पूछना चाहिए कि आखिर उनके व्यवहार में इस तरह का बदलाव क्यों आ रहा है? हो सकता है कि एक-दो प्रयासों में वह आपकी बातों का जवाब न दें, लेकिन इस मामले में आपको धैर्यपूर्वक अपना प्रयास जारी रखना चाहिए। अपने करीबी रिश्तेदारों, पति के दोस्तों और सहकर्मियों से भी उनके बारे में पता लगाने की कोशिश करें कि उनके दफ्तर में उन्हें किसी प्रकार का तनाव तो नहीं है? इस संबंध में आप किसी मनोवैज्ञानिक सलाहकार से भी मदद ले सकती हैं।

सखी प्रतिनिधि