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<title>Sakhi - Yahoo! Jagran News</title>
<description>Yahoo! Jagran Hindi News</description>
<language>hi</language>
<copyright>Copyright (c) 2009  Yahoo! Inc. All rights reserved.</copyright>
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<lastBuildDate>Tue, 24 Nov 2009 23:51:17</lastBuildDate>
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	<title>Yahoo! Jagran Hindi News - Sakhi</title>
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	<item>
		<title>व्यक्तिगत समस्याएं</title>
		<link>http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/?edition=200911&amp;category=11</link>
		<description>
		मैं 27 वर्षीया विवाहिता हूं। शादी से पहले एक लडके से प्रेम करती थी, लेकिन उसने अपने माता-पिता के दबाव में आकर दूसरी जगह शादी कर ली। इस घटना के बाद मैं भी उसे भूल गई और मेरी भी शादी हो गई। मेरी शादी के दो वर्ष के बाद एक रोज वह अचानक मुझे किसी रिश्तेदार के घर पर मिला और मुझसे माफी मांगते हुए कहने लगा कि वह अपनी शादी से बिलकुल खुश नहीं है। इसलिए अपनी पत्नी से तलाक लेना चाहता है। मुझसे कह रहा है कि मैं भी तलाक लेकर उससे शादी कर लूं। न चाहते हुए भी मेरा मन उसकी ओर आकर्षित हो रहा है। ऐसी स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए?  
 
ए. के., जयपुर 
 
आप जिस लडके से प्यार करती थीं, वह आपको भूल कर दूसरी जगह शादी कर चुका है। ऐसे धोखेबाज इंसान की बातों में आकर आप अपना जीवन बर्बाद करने पर क्यों तुली हैं? इस बात का क्या भरोसा कि आज जो इंसान आपके लिए अपनी पत्नी को छोडने को तैयार है, भविष्य में वह किसी दूसरी के लिए आपको न छोड दे। शादी के बाद तो ऐसी बातें भूल जाने में ही भलाई है। आप पुरानी बातें भूलकर अपने दांपत्य जीवन को बेहतर बनाने के बारे में सोचें। </description>
	 	 <pubDate>2009-11-01 05:30:04</pubDate>
	 	
	</item> 
	

	<item>
		<title>सखी की व्यक्तिगत समस्याएं</title>
		<link>http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/?edition=200910&amp;category=11</link>
		<description>
		मैं 26 वर्षीया विवाहिता और एक बच्चे की मां हूं। मेरे पति का अपना व्यवसाय है, जिसमें आजकल उन्हें नुकसान हो गया है। इसके बाद से उनका व्यवहार बहुत चिडचिडा हो गया है। सबसे बडी समस्या यह है कि वह मुझ पर इस बात के लिए दबाव डालते हैं कि मैं अपने मायके वालों से मदद के लिए पैसे की मांग करूं। इससे पहले भी मेरे भाई ने उन्हें 50 हजार रुपये दिए थे, जिसे उन्होंने अभी तक नहीं लौटाया। मेरी दो छोटी बहनों की शादी अभी नहीं हुई है। पिता सरकारी नौकरी से अवकाश प्राप्त कर चुके हैं। भाइयों की स्थिति भी ऐसी नहीं है कि वे मेरी मदद कर सकें। लेकिन मेरे पति यह बात समझने को तैयार नहीं हैं। जब मैं मायके फोन करके  पैसे मांगने से मना करती हूं तो वह मुझ पर हाथ भी उठा देते हैं। मेरा बेटा अभी मात्र दो साल का है और उसी की वजह से मैं पति के जुल्म सह रही हूं। मेरी समझ में नहीं आता कि क्या करूं? कोई रास्ता बताएं। 
 
के.जी, आगरा  
 
पति की बौखलाहट देख कर यदि आप भी संयम खो देंगी तो उसका दुष्परिणाम पूरे परिवार को भुगतना पडेगा। व्यवसाय में नुकसान की वजह से आपके पति का स्वभाव चिडचिडा हो गया है। लेकिन चाहे कितनी भी जटिल स्थितियां क्यों न हों, आपके पति का ऐसा व्यवहार उचित नहीं है। ऐसे में अपने परिवार के प्रति आपकी जिम्मेदारियां और भी बढ जाती हैं। आप धैर्य से काम लें और घर पर ही कुछ ऐसा काम करने के बारे में सोचें जिससे आपकी भी कुछ आमदनी हो। जब आपके पति अच्छे मूड में हों तो आप उन्हें प्यार से समझाने की कोशिश करें कि बिजनेस में इस तरह के उतार-चढाव आते ही रहते हैं। आशा है कि आपके संयम भरे व्यवहार से उनके इस रवैये में बदलाव आएगा। </description>
	 	 <pubDate>2009-10-01 05:30:04</pubDate>
	 	
	</item> 
	

	<item>
		<title>व्यक्तिगत समस्याएं</title>
		<link>http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/?edition=200908&amp;category=11</link>
		<description>
		मैं 24 वर्षीया अविवाहिता और कामकाजी स्त्री हूं। मैं अपने एक सहकर्मी से बहुत प्यार करती थी और मेरे साथ उसका व्यवहार ऐसा था कि मैं भी यह मानने लगी थी कि वह मुझसे सचमुच प्यार करता है। लेकिन उसने मुझे धोखा दिया और अब वह अपने माता-पिता द्वारा पसंद की गई लडकी से शादी करने जा रहा है। इतना ही नहीं उसने दोस्तों के बीच मेरे चरित्र के बारे में कई तरह की झूठी बातें फैला दी हैं। इसलिए अब मेरे सभी पुराने दोस्त और सहकर्मी मुझसे कटे-कटे से रहने लगे हैं। इस वजह से मेरा मन बहुत दुखी रहता है। कई बार जी चाहता है कि नौकरी बदल कर किसी दूसरे शहर में चली जाऊं। लेकिन मेरे माता-पिता मुझे इस बात की इजाजत नहीं देंगे। उन्हें मेरे इस संबंध के बारे में भी कुछ नहीं मालूम है। आजकल मैं गहरे डिप्रेशन के दौर से गुजर रही हूं। समझ में नहीं आता कि क्या करूं? आप ही कोई उपाय बताएं?
 
 
एस.एस., दिल्ली    
 
कोई भी संबंध जिंदगी से बडा नहीं होता। इसलिए अगर कोई संबंध टूट भी गया तो उसके अफसोस में आपको अपना जीवन बर्बाद नहीं करना चाहिए। सबसे पहले आप डिप्रेशन से बाहर निकलने की कोशिश करें। परेशानियां तो हर इंसान के जीवन में आती रहती हैं, लेकिन उनसे घबराना नहीं चाहिए। जिंदगी का दूसरा नाम संघर्ष है। जो भी हुआ उसे बुरा सपना समझते हुए भूलने की कोशिश करें। अपनी पसंद का कोई भी ऐसा काम करें, जिसमें आपको सच्ची खुशी मिलती हो। जैसे-संगीत सुनना, सहेलियों से बातचीत करना, परिवार के साथ समय बिताना, अच्छी किताबें पढना आदि। अपने आपको खुश रखने की कोशिश करें। अपने सहकर्मी द्वारा फैलाई गई गलत बातों पर ध्यान न दें और न ही नौकरी बदलने के बारे में सोचें। समय के साथ धीरे-धीरे आपका जीवन सामान्य हो जाएगा। </description>
	 	 <pubDate>2009-08-01 05:30:04</pubDate>
	 	
	</item> 
	

	<item>
		<title>व्यक्तिगत समस्याएं</title>
		<link>http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/?edition=200907&amp;category=11</link>
		<description>
		मैं 54 वर्षीया गृहिणी हूं। मेरी दो बेटियां हैं। बडी बेटी को बचपन में पोलियो हो गया था। इसके कारण वह बैसाखी के सहारे ही चल-फिर पाती है। वैसे वह देखने में सुंदर है और आजकल एक स्कूल में पढाने भी लगी है। उसकी उम्र 27 वर्ष है, लेकिन अभी तक उसकी शादी तय नहीं हो पा रही। इस वजह से हम अपनी छोटी बेटी के बारे में भी कुछ नहीं सोच पा रहे। रिश्तेदार सलाह देते हैं कि पहले छोटी की शादी कर दूं। पर मुझे यह ठीक नहीं लगता। आजकल मैं बहुत परेशान हूं। आप ही बताएं कि मुझे क्या करना चाहिए? 
 
पी. जी.,  कोटा 
 
आपका यह प्रयास सराहनीय है कि आपने अपनी विकलांग बेटी को पढा-लिखाकर इस काबिल बनाया है कि वह आत्मनिर्भर हो गई है। आप जीवन की इस वास्तविकता को स्वीकार लें कि आपकी बडी बेटी के साथ ऐसी समस्या है, जिसके कारण उसकी शादी में दिक्कत आ सकती है। फिलहाल आप इन सामाजिक रीति-रिवाजों के बारे में ज्यादा न सोचें। अगर छोटी बेटी के लिए कोई अच्छा रिश्ता आ रहा है तो उसकी शादी पहले करने में कोई हर्ज नहीं है। इस बीच आप बडी बेटी के लिए भी लडका ढूंढती रहें। उम्मीद है उसकी भी शादी जल्द ही हो जाएगी। अगर नहीं हो पाती तो भी चिंता की कोई बात नहीं, क्योंकि अब वह इस काबिल बन गई है कि अकेले जीवन गुजार सकती है।    </description>
	 	 <pubDate>2009-07-01 05:30:04</pubDate>
	 	
	</item> 
	

	<item>
		<title>व्यक्तिगत समस्याएं</title>
		<link>http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/?edition=200906&amp;category=11</link>
		<description>
		
इंटरकोर्स  के बाद इजेक्युलेट होते ही मेरी रुचि सेक्स में समाप्त हो जाती है। मैं सोना चाहता हूं, जबकि मेरी पत्नी संतुष्ट नहीं होती। वह दोबारा संबंध बनाना चाहती है। मैं चाह कर भी दोबारा तुरंत तैयार नहीं हो पाता। इससे मुझे बहुत ग्लानि होती है। क्या इसके लिए कोई दवा लेने से सहायता मिलेगी? 

आर. कुमार, सीतापुर 
 

यह बिलकुल सामान्य बात है कि पुरुष वीर्यपात के बाद फिर से सेक्स के लिए तैयार होने में कुछ समय लेते हैं। इस अवधि को रिफरेक्टरी पीरियड कहते हैं। यह अवधि आयु बढने के साथ-साथ अधिक होती जाती है। इस रिफरेक्क्टरी पीरियड को घटाने के लिए कोई दवा उपलब्ध नहीं है। एक समाधान यह है कि आप इंटरकोर्स से पहले फोर-प्ले पर अधिक समय लगाएं। स्त्रियों को पूरे तौर पर ऑर्गेज्म प्राप्त करने में पुरुषों की तुलना में अधिक समय लगता है। इससे आपको अधिक संतुष्टि मिलेगी।

</description>
	 	 <pubDate>2009-06-01 05:30:04</pubDate>
	 	
	</item> 
	

	<item>
		<title>उलझनें सखी की</title>
		<link>http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/?edition=200906&amp;category=11</link>
		<description>
		मैं 39 वर्षीया गृहिणी हूं। मेरी समस्या यह है कि मेरे पति जिस कंपनी में नौकरी करते थे, उसके बंद हो जाने की वजह से वह अचानक बेरोजगार हो गए। घर में स्कूल जाने वाले दो बच्चे और मेरी सास हैं। इतने सारे लोगों की जिम्मेदारी मेरे पति के ही ऊपर है। हालांकि  अब मैंने बच्चों को ट्यूशन पढाने का भी काम शुरू कर दिया है। लेकिन इससे हमारे परिवार की जरूरतें पूरी नहीं हो पातीं। मेरे पति का व्यवहार आजकल बहुत चिडचिडा हो गया है। वह नई नौकरी ढूंढने के बजाय घर पर बैठकर मुझे और बच्चों को डांटते रहते हैं। ऐसी स्थिति में समझ में नहीं आता कि मैं क्या करूं

ए. एम., भिलाई 


आपके पति जिस स्थिति से गुजर रहे हैं, उसमें किसी भी व्यक्ति को डिप्रेशन हो सकता है। ऐसे में पत्नी की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह पति को भावनात्मक सहयोग दे। आप अपने पति का हौसला बढाएं। उन्हें प्यार से समझाएं कि बुरा वक्त भी गुजर जाता है। यह अच्छी बात है कि आप खुद भी बच्चों को ट्यूशन पढाकर घर का खर्च चला रही हैं। इस वक्त आपको भी हिम्मत से काम लेना होगा क्योंकि आजकल घर की जिम्मेदारी आपके ही कंधों पर है। पति को नया काम ढूंढने के लिए प्रेरित करें, लेकिन उनसे कोई ऐसी बात न कहें जिससे उनकी भावनाएं आहत हों। धीरे-धीरे समय के साथ सब कुछ ठीक हो जाएगा। 
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	 	 <pubDate>2009-06-01 05:30:04</pubDate>
	 	
	</item> 
	

	<item>
		<title>व्यक्तिगत समस्याएं</title>
		<link>http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/?edition=200905&amp;category=11</link>
		<description>
		मैंने सुना है कि केरल में किसी ने एड्स की दवा खोज ली है। क्या यह सही है? 
 
आर.वर्मा 
 
जैसा कि आप जानते हैं एड्स को पूरी तरह से समाप्त करने की दवा का अभी तक पूरे विश्व में आविष्कार नहीं हुआ है। इसी का फायदा उठाने तथा लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए बहुत से लोग इस प्रकार के दावे करते रहते हैं। अनेक एच.आई.वी. पॉजिटिव लोग इनके झांसे में आकर अपना पैसा गंवा बैठते हैं। कृपया ऐसी अफवाहों पर कतई ध्यान न दें। अगर ऐसी किसी दवा का आविष्कार होगा तो भारत सरकार की कोई प्रामाणिक संस्था इसकी घोषणा मीडिया के माध्यम से अवश्य करेगी। </description>
	 	 <pubDate>2009-05-01 05:30:04</pubDate>
	 	
	</item> 
	

	<item>
		<title>उलझनें सखी की</title>
		<link>http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/?edition=200905&amp;category=11</link>
		<description>
		मैं 25 वर्षीया विवाहिता और एक बच्चे की मां हूं। मेरी शादी को तीन वर्ष हो चुके हैं। मैं संयुक्त परिवार में अपने सास-ससुर और जेठ-जेठानी के साथ रहती हूं। पूरे घर पर जेठानी का हुक्म चलता है। मुझे सबसे ज्यादा दुख इस बात का होता है कि सब कुछ देखते हुए भी मेरे सास-ससुर और पति उन्हीं का साथ देते हैं। मेरे पति अलग रहने को तैयार नहीं हैं। समझ में नहीं आता कि मैं क्या करूं?  
 
एम. बी., मेरठ 
 
आपकी शादी को अभी तीन वर्ष ही हुए हैं। जाहिर है कि आपकी जेठानी पहले से ससुराल में रह रही होंगी और वक्त के साथ घर के लोगों और माहौल को वह अच्छी तरह समझ चुकी होंगी। उन्होंने धीरे-धीरे प्यार से लोगों का दिल जीत लिया होगा। इसी वजह से घर में सभी उनकी प्रशंसा करते हैं और उनकी बात भी मानते हैं। ससुराल में अपनी जगह बनाना किसी भी लडकी के लिए बेहद चुनौती भरा काम होता है। अत: आप इतनी जल्दी  घबराएं नहीं और न ही परिवार से अलग होने के बारे में सोचें। जब आप परिवार के सभी सदस्यों के साथ अच्छा व्यवहार करेंगी, वे आपकी भी प्रशंसा किए बिना नहीं रह सकेंगे।    </description>
	 	 <pubDate>2009-05-01 05:30:04</pubDate>
	 	
	</item> 
	

	<item>
		<title>उलझनें सखी की</title>
		<link>http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/?edition=200904&amp;category=11</link>
		<description>
		मैं 34 वर्षीया विवाहिता और एक बच्चे की मां हूं। एक वर्ष पहले मेरे भाई की शादी हुई है। भाभी के मायके वाले अकसर फोन करके उन्हें मेरे माता-पिता के खिलाफ भडकाते रहते हैं। जबकि मेरे माता-पिता भाभी को किसी भी बात के लिए नहीं रोकते-टोकते, फिर भी वह उनसे नाराज रहती हैं। भाभी के बुरे व्यवहार के कारण मायके जाने का भी मन नहीं करता, लेकिन बूढे और बीमार माता-पिता के कारण मुझे वहां जाना ही पडता है। मैं कुछ दिनों के लिए उन्हें अपने घर पर बुलाना चाहती हूं लेकिन भाई उन्हें मेरे पास भेजना नहीं चाहता। क्योंकि उसे इस बात का डर है कि अगर माता-पिता बेटी के घर पर जाकर रहेंगे तो इसमें उसकी बदनामी होगी। ऐसी स्थिति में मैं अपने माता-पिता की किस तरह मदद करूं? आप ही बताएं। 
 
 एन.एस., भोपाल 
 
अपने माता-पिता के प्रति आपके दिल में जो भावनाएं हैं, मैं उनका सम्मान करती हूं। अकसर यह देखा गया है कि लडकों की तुलना में लडकियां अपने माता-पिता का ज्यादा ध्यान रखती हैं। अपने कर्तव्यों के प्रति वे जागरूक रहती हैं। आपके मायके में जो भी समस्या है, वह भाभी के मायके वालों के कारण है। लेकिन इस मामले के बीच में आपका बोलना उचित नहीं है। आप अपने भाई से कहें कि वह इस समस्या का हल ढूंढने की कोशिश करें। सच्चाई यह है कि आपके माता-पिता को अपना जीवन बेटे-बहू के साथ ही व्यतीत करना है। इसलिए उन्हें बहू के साथ अपने संबंध खराब नहीं करने चाहिए। लिहाजा, जैसे भी हो, उन्हें भी आपकी भाभी के साथ समझौता करना ही पडेगा। सास-बहू के बीच थोडा-बहुत मतभेद हर परिवार में होता है। इसलिए आप माता-पिता के लिए ज्यादा चिंतित न हों। जहां तक संभव हो अपनी ओर से उनका खयाल रखने की कोशिश करें लेकिन इस मामले में भाभी से कुछ न कहें, वरना वह नाराज होकर आपके माता-पिता को और ज्यादा परेशान कर सकती हैं।  </description>
	 	 <pubDate>2009-04-01 05:30:04</pubDate>
	 	
	</item> 
	

	<item>
		<title>उलझनें सखी की</title>
		<link>http://in.jagran.yahoo.com/sakhi/?edition=200903&amp;category=11</link>
		<description>
		मैं 36 वर्षीया विवाहिता हूं। घर की बडी बहू होने के नाते अविवाहित ननद की शादी करने की जिम्मेदारी मेरी है। लेकिन समस्या यह है कि हम उसके लिए जो भी लडका देखते हैं, वह उसे नापसंद कर देती है। पिछले दिनों एक इंजीनियर लडके से उसकी शादी की बात लगभग पक्की हो गई थी। लडका अच्छा था लेकिन मेरी ननद ने शक्ल-सूरत पसंद न होने के कारण शादी से इंकार कर दिया। वह बहुत जिद्दी है और घर में किसी की भी बात नहीं सुनती। उसके इस रवैये से पूरा परिवार बहुत परेशान रहता है। समझ में नहीं आता कि उसकी शादी कैसे हो पाएगी। आप ही बताएं कि मैं उसे किस तरह समझाऊं?  
 
 आर. एम., वाराणसी    
 
दुनिया में कुछ लोग वाकई बहुत जिद्दी होते हैं। ऐसे लोगों को समझाना बेहद कठिन होता है। आपकी ननद भी बहुत जिद्दी मालूम होती है। अब आपके परिवार के  सभी सदस्यों को मिलकर उन्हें समझाना चाहिए। उन्हें आपकी ननद को साफ शब्दों में बताना चाहिए कि इंसान की शक्ल-सूरत से ज्यादा उसके गुण मायने रखते हैं। जब घर में सभी मिलकर उन्हें समझाएंगे तो शायद यह बात उनकी समझ में आ जाए।  </description>
	 	 <pubDate>2009-03-01 05:30:04</pubDate>
	 	
	</item> 
	
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