भारत धार्मिक देश है, जाहिर है हिंदी सिनेमा का इतिहास पौराणिक फिल्मों से शुरू हुआ है। ऐसी फिल्मों का दर्शक वर्ग काफी बड़ा होता था। बाद के दौर में छोटे पर्दे पर रामायण, महाभारत जैसे धारावाहिक लोकप्रिय हुए। रविवार सुबह जब ये धारावाहिक प्रसारित होते थे, सड़कें खाली हो जाती थीं और लोग टीवी के इर्द-गिर्द जमा होकर भक्तिभाव के साथ इन्हें देखा करते थे। मशीनी होते समाज में आस्था पर आधारित फिल्में थोड़ी शांति प्रदान करती हैं। इस बार पौराणिक फिल्मों के बारे में लिख रहे हैं प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट।