दिल को भीतर तक छू लेने वाली रोमांटिक फिल्मों के निर्माता हैं यश चोपड़ा, जिनकी अभिनेत्रियां अपने श्वेत-धवल परिधानों के कारण याद रहती हैं । 1958 में आई थी फिल्म धूल का फूल। तब से वक्त, लमहे, चांदनी, डर जैसी तमाम हिट फिल्में दीं उन्होंने। उन्हें फक्र है कि वह पूरी दुनिया में फिल्में वितरित करते हैं। जितना कमाते हैं, फिर से फिल्मों में लगा देते हैं, फिर चाहे सफलता मिले या विफलता। इन्हींयश चोपड़ा पर लिख रहे हैं सुप्रसिद्ध निर्माता-निर्देशकमहेश भट्ट।